चलती ट्रेन पर स्टंट करना पड़ गया भारी, दे गया जिंदगी भर की सीख

चलती ट्रेन पर स्टंट करना पड़ गया भारी, दे गया जिंदगी भर की सीख

चलती ट्रेन पर स्टंट करने का वीडियो आपने कई बार देखा है। एक बार फिर ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है, जिसमें एक शख्स चलती ट्रेन पर स्टंट करने की कोशिश करता है। लेकिन होता है उसकी उम्मीद से बिल्कुल उलट। यह घटना उसके लिए जीवन भर की सीख देने वाला है।

दरअसल एक शख्स चलती हुई ट्रेन से नीचे उतरने की कोशिश करता है। ट्रेन की स्पीड तेज है और वह शख्स दरवाजे के पास सीढ़ियों से नीचे उतर रहा है। तभी कोई दूसरा व्यक्ति उसका वीडियो बना रहा होता है। वह शख्स जैसे ही चलती ट्रेन से अपना पैर नीचे रखता है, नीचे पड़े पत्थरों पर उसका पैर असंतुलित होता है और वह नीचे गिर जाता है। तभी ट्रेन से लोगों के चीखने की आवाजें आती हैं।

वह ट्रेन से नीचे पटरियों के पास गिर जाता है और ट्रेन तेजी से आगे बढ़ती जाती है। उसकी किस्मत अच्छी थी कि वह ट्रेन के पहियों के नीचे नहीं आया, वरना आज उसके परिवार के लिए जीवन भर का दुख सहन करना होता। संभवत: उस युवक को अपने किए गए गलती का एहसास हुआ होगा, जो अब यह उसके लिए जीवन भर की सीख है।

चलती हुई ट्रेन से उतरना- चढ़ना जानलेवा है, इन्हें देखिए स्टंट के चक्कर में अपनी जान से हाथ धो बैठते लेकिन हर बार किस्मत इनके साथ नहीं होगी।

कृपया ऐसा ना करें और दूसरों को भी ना करने दे, जीवन अमूल्य है स्टंट के चक्कर में अपनी जिंदगी को दांव पर ना लगाएं!!
यह वीडियो रेल मंत्रालय ने अपने ट्विटर पेज पर लोगों को जागरूक करने के लिए शेयर किया है। साथ ही लिखा है कि चलती हुई ट्रेन से उतरना-चढ़ना जानलेवा है, इन्हें देखिए स्टंट के चक्कर में अपनी जान से हाथ धो बैठते, लेकिन हर बार किस्मत इनके साथ नहीं होगी।

रेल मंत्रालय ने लोगों से अनुरोध किया है कि कृपया ऐसा ना करें और दूसरों को भी ना करने दे, जीवन अमूल्य है, स्टंट के चक्कर में अपनी जिंदगी को दांव पर ना लगाएं।

रेल मंत्रालय ने इस ​वीडियो को आज दोपहर 12:14 बजे शेयर किया था, जिसे अब तक 40 हजार से अधिक लोग देख चुके हैं। इस वीडियो को 1800 से अधिक बार रिट्वीट किया गया है और 4400 से अधिक लोगों ने इसे लाइक किया है।


आखिर कोलकाता पुलिस क्यों पहनती है सफेद यूनिफॉर्म क्या जानते हैं आप?

आखिर कोलकाता पुलिस क्यों पहनती है सफेद यूनिफॉर्म क्या जानते हैं आप?

देशभर में पुलिस खाकी वर्दी पहनती हैं और पश्चिम बंगाल में भी पुलिस द्वारा खाकी वर्दी ही पहनी जाती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पश्चिम बंगाल के कोलकाता में पुलिस द्वारा खाकी नहीं बल्कि सफेद वर्दी पहनी जाती हैं। इसके पीछे का कारण बेहद हैरान करने वाला हैं। आज इस कड़ी में हम आपको इसी से जुड़ी जानकारी देने जा रहे हैं।

खाकी वर्दी और सफेद वर्दी अंग्रेजों के जमाने से ही चली आ रही है। ब्रिटिश राज में जब पुलिस का गठन हुआ था, तब उनकी पुलिस सफेद रंग की वर्दी पहनती थी, लेकिन ज्यादा देर तक ड्यूटी करने के दौरान वो जल्द ही गंदी भी हो जाती थी। इस कारण पुलिसकर्मियों ने वर्दी को जल्दी गंदा होने से बचाने के लिए उसे अलग-अलग रंगों से रंगना शुरू कर दिया।

सफेद रंग की वर्दी पर अलग-अलग रंग लगाने की वजह से जवानों की यूनिफॉर्म अलग-अलग रंगों की दिखने लगती थी। ऐसे में यह पहचान पाना मुश्किल हो जाता था कि वो शख्स पुलिस का ही जवान है। इसी समस्या से निजात पाने के लिए अंग्रेज अफसरों ने खाकी रंग की वर्दी बनवाई, ताकि वो जल्दी गंदा न हो।

साल 1847 में अंग्रेज अफसर सर हैरी लम्सडेन ने पहली बार आधिकारिक तौर पर खाकी रंग की वर्दी को अपनाया था। तब से यही खाकी भारतीय पुलिस की वर्दी बन गई, जो अब तक चली आ रही है। आपको जानकर हैरानी होगी कि पश्चिम बंगाल में पुलिस खाकी वर्दी ही पहनती है, लेकिन वहीं की कोलकाता पुलिस सफेद। उस समय कोलकाता पुलिस को भी खाकी रंग की वर्दी पहनने का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन उन्होंने उसे खारिज कर दिया था। इसके पीछे उन्होंने कारण दिया कि कोलकाता तटीय इलाका है और यहां काफी गर्मी और नमी रहती है। ऐसे में वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सफेद रंग ज्यादा बेहतर है, क्योंकि इस रंग से सूरज की रोशनी परावर्तित हो जाती है और ज्यादा गर्मी नहीं लगती है।