एक साल पहले थप्पड़ मारने का लिया बदला, अधमरा कर भागे; दो आरोपी गिरफ्तार

एक साल पहले थप्पड़ मारने का लिया बदला, अधमरा कर भागे; दो आरोपी गिरफ्तार

हरियाणा के फरीदाबाद में एक साल पहले भाई को थप्पड़ मारने का बदला लेने के लिए आरोपियों ने बीच सड़क एक युवक पर हथौड़े और रॉड से हमला हमला कर दिया। हमलावरों ने युवक को हथौड़ा मारकर अधमरा कर दिया। आसपास के लोगों ने युवक को बचाने की कोशिश की। लेकिन हमलावार उसके पैरों पर ताबड़तोड़ वार करते रहे।

पूरी वारदात का दिल दहला देने वाला एक वीडियो सामने आया है। घायल युवक को गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वारदात का वीडियो सामने आने के बाद हरकत में आई पुलिस ने दो हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया है। एक आरोपी अभी फरार है।

दोनों आरोपियों की पहचान हुई
पुलिस पूछताछ में इस बात का खुलासा हुआ कि पीड़ित ने हमलावरों के भाई को एक साल पहले थप्पड़ जड़ दिया था। उसी का बदला लेने के लिए आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान फतेहपुर चंदीला गांव निवासी ललित और प्रदीप के रूप में हुई है।

आरोपियों पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज
DSP नितीश अग्रवाल ने बताया कि पीड़ित मनीष ने साल 2020 में आरोपी प्रदीप के भाई योगेश के साथ थाना एनआईटी के एरिया में मारपीट की थी। इस घटना की शिकायत एनआईटी थाना में दर्ज है। इसी रंजिश का बदला लेने के लिए कार सवार आरोपी सचिन, ललित और प्रदीप ने मिलकर सोमवार को बड़खल झील के पास मनीष पर हमला किया।

उन्होंने बताया कि हमलावरों के खिलाफ एनआईटी थाना पुलिस ने हत्या के कोशिश, हवाई फायरिंग करने समेत अन्य गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। उन्होंने बताया कि आरोपी सचिन अभी पकड़ में नहीं आ पाया है। उसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगी है।


कोरोना नहीं लिया तो हो जाये सावधान, भर्ती 96% मरीजों ने नहीं ली वैक्सीन

कोरोना नहीं लिया तो हो जाये सावधान, भर्ती 96%  मरीजों ने नहीं ली वैक्सीन

कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट (Omicron variant) को अब तक हल्का माना जा रहा है। शायद इसलिए भी क्योंकि बीते साल डेल्टा वेरिएंट (Delta variant) की तुलना में यह कम जानलेवा है लेकिन अगर किसी ने कोरोना टीका नहीं लिया है तो उसके ओमिक्रॉन (Omicron) भी कहर बरपा सकता है। मुंबई के आंकड़े इसकी तस्दीक करते हैं। यहां कोरोना से संक्रमित जिन लोगों को ऑक्सीजन सपोर्ट (oxygen support) पर रखे जाने की जरूरत पड़ रही है,

उनमें से अधिकांश ने टीका नहीं लिया है। बृहन्मुंबई नगरपालिका के मुखिया ने इसकी जानकारी दी।छह जनवरी तक के आंकड़ों को देखते हुए बीएमसी कमिश्नर इकबाल चहल ने कहा, ऑक्सीजन बेड पर भर्ती 1900 कोरोना मरीजों में से 96 प्रतिशत ऐसे हैं, जिन्होंने टीका नहीं लिया जबकि सिर्फ 4 फीसदी ही टीकाकृत हैं।शहर में सभी प्राइवेट अस्पतालों के कोऑर्डिनेटर और बॉम्बे हॉस्पिटल के डॉक्टर गौतम भंसाली ने कहा, अस्पताल में भर्ती होने के मामले में टीका ले चुके और न लेने वाले दोनों ही तरह के मरीज हैं लेकिन ऑक्सीजन बेड पर अधिकांश वही मरीज हैं जिन्होंने कोरोना टीका नहीं लिया है। ऐसे मरीजों की आयु 40 से 50 साल के बीच या उससे ज्यादा है।

उन्होंने कहा कि यह दर्शाता है कि हर नागरिक के लिए कोरोना टीका लेना कितना जरूरी है।संक्रामक रोग विशेषज्ञ और कोविड टास्क फोर्स के सदस्य डॉक्टर ओम श्रीवास्तव कहते हैं कि बहुत से लोगों ने केसों में उछाल आने के बाद टीका लेना शुरू किया है। उन्होंने कहा कि इस मसले पर गहन अध्ययन नहीं किया गया है लेकिन ऑक्सीजन सपोर्ट पर बिना टीका लिए मरीजों की अधिक संख्या इस तरफ साफ इशारा करती है कि कैसे टीका न लेने वालों को कोरोना का सबसे ज्यादा खतरा है। डॉक्टर श्रीवास्तव के मुताबिक, ओमिक्रॉन शरीर के अपर रेस्पिरेटरी एरिया को प्रभावित कर रहा है और इससे संक्रमित मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत नहीं है।