आखिर पैदा होते ही बच्चे को क्यों रुलाया जाता है, वजह जानकर होंगे हैरान

आखिर पैदा होते ही बच्चे को क्यों रुलाया जाता है, वजह जानकर होंगे हैरान

माँ-बाप बनना हर कपल्स का सपना होता है। हर कोई अपने घर में बच्चे की किलकारियां सुनना पसंद करता है। जब बच्चा पैदा होता है तो उसके रोने को लेकर आपने तरह-तरह की बातें सुनी होंगी। कई बार बच्चा जब जन्म के तुरंत बाद रोता नहीं है, तो डॉक्टर या नर्स उसे किसी तरह रुलाते हैं। अब सवाल उठता है कि आखिर जन्म के बाद बच्चे के लिए रोना क्यों जरूरी है।

बच्चे को क्यों रुलाते है:

पहली बार बच्चे का रोना न सिर्फ सेहतमंद तरीके से प्रजनन का संकेत है, बल्कि रोने के साथ-साथ नवजात के फेफड़े भी सांस लेने के लिए पूरी तरह तैयार हो जाते हैं।

इन सबके लिए रोने की क्रिया महत्वपूर्ण काम करती है। दरअसल रोते समय बच्चा गहरी सांस लेता है। यही वजह है कि जन्म के बाद अगर बच्चा खुद नहीं रोता है, तो उसे हल्की सी चपत लगाकर रुलाया जाता है।

प्रसव की क्रिया मां और बच्चे दोनों के लिए कष्टदायक होती है। बच्चा बहुत संकरे मार्ग से निकलकर दुनिया में आता है।


यहां है ये अनोखी प्रथा, मर्दो से मार खाकर महिलाओं का हो जाता हैं बुरा हाल

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इस दुनिया में आज भी बहुत सी अजीबोगरीब परंपरा चलती आ रही है। आज हम आपको एक ऐसी ही परंपरा के बारे में बताने जा रहे हैं जो आदिवासियों और पिछड़ी जातियों में आज भी निभाई जाती हैं। ये हैं इथोपिया की ऐसी जनजाति जहन महिलाएं अपने पति से पिटने में गर्व महसूस करती हैं। और इन्ही की कुछ तस्वीरें कैमरे में कैद की एक फ्रेंच फोटोग्राफर ‘एरिक लैफोर्ग’ ने।

मार खाती है महिलाएं:

ये जनजाति है हैमर नाम की जाति। इनकी मानें तो ये कहते हैं कि ये जाति बहुत ही अलग है। इनके बारे में बता दे कि इस जाति के लोग कैटल जंपिंग सेरेमनी मनाते हैं ये उनका एक खास तरह का समारोह होता है। इस में 15 गायों को एक साथ खड़ा कर दिया जाता है और एक युवक उसे कूदते हुए पार करना होता है अगर कोई लड़का ऐसा नही कर पाया तो उसकी शादी नहीं की जाती है।

महिलाएं मिलकर उसे पीटती भी हैं। इसके बाद उस लड़के के घर की सभी औरतों को पीटा जाता है। महिलाओं को मारने के लिए पुरुषों का एक संगठन होता है जिसे ‘माजा’ कहते हैं। और इसे महिलाएं बहुत ही मज़े के साथ करती हैं।