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ग्वालियर की युवती से मुम्बई में रेप, FIR में लगे 39 दिन

ग्वालियर में रहने वाली 26 वर्षीय महिला से चलती ट्रेन में बलात्कार हुआ है. यह घटना 10 मार्च को मुम्बई के ठाणे से लोकमान्य टर्मिनल स्टेशन छोड़ने के बाद और ठाणे स्टेशन के पहुंचने के बीच करीब 40 मिनट में हुई है. महिला ने पहले ग्वालियर आकर मुद्दा दर्ज कराना

यहां भी सुनवाई नहीं होने पर एसपी रेलवे भोपाल को सूचना दी. इसके बाद जीआरपी ग्वालियर ने शून्य पर मुद्दा दर्ज कर मुकदमा डायरी को घटनाक्रम ठाणे का होने पर ठाणे जीआरपी के पास भेजा है. अब ठाणे में पुलिस ने मुद्दा दर्ज कर लिया है.

ग्वालियर की रहने वाली महिला 10 मार्च को यूपी की ओर जाने वाली तुलसी एक्सप्रेस के BI-1 AC कोच में यात्रा कर रही थी. ट्रेन में यात्रा के दौरान उसे किसी अज्ञात पुरुष ने कुछ मादक पदार्थ सुंघा दिया था, जिससे वह बेहोश हो गई. उस समय रात का टाइम था. जब उसे होश आया तो ठाणे (मुम्बई) स्टेशन आ चुका था. वह काफी बदहवास थी और उसे पता चल चुका था कि उसके साथ कुछ गलत हुआ है. उसके प्राइवेट पार्ट में दर्द हो रहा था. इसके बाद वह किसी तरह ग्वालियर पहुंची. यहां उसने घटना के दर्द से उबरने के बाद ग्वालियर पुलिस के पास पहुंचकर कम्पलेन करना चाही, लेकिन उसकी कम्पलेन नहीं सुनी गई.

जीआरपी ने किया शून्य पर मुद्दा दर्ज, ठाणे जीआरपी कर रही जांच
इस मुद्दे में जब क्षेत्रीय पुलिस से बात नहीं बनी तो पीड़ित महिला ने जीआरपी ग्वालियर पहुंचकर कम्पलेन करना चाही, लेकिन घटना के इतने दिन बाद आना और घटनाक्रम मुम्बई के ठाणे का बताने पर जीआरपी ने भी उसे गंभीरता से नहीं लिया. आखिर में महिला ने मुद्दे को एसपी रेलवे भोपाल के संज्ञान में डाला तो जीआरपी ने घटना के 39 दिन बाद इस मुद्दे में शून्य पर मुद्दा दर्ज कर मुकदमा डायरी घटनाक्रम ठाणे का होने पर ठाणे जीआरपी को भेज दिया. अब ठाणे जीआरपी ने मुद्दा अपने यहां दर्ज कर जांच प्रारम्भ कर दी है. इसमें ठाणे की सीनियर इंस्पेक्टर अर्चना ने बोला कि घटना के 39 दिन बाद जीआरपी ग्वालियर ने मुद्दा दर्ज कर मुकदमा डायरी भेजी है. यहां ठाणे में विस्तृत जांच की जा रही है.

ठाणे पुलिस अब खंगाले की आरक्षण चार्ट
ठाणे पुलिस का बोलना है कि घटना के 10 मार्च की है तो लोकमान्य तिलक टर्मिनल से CCTV फुटेज या ठाणे से स्टेशन से CCTV मिलना संभव ही नहीं है. इस कारण अब पुलिस घटना के दिन तुलसी एक्सप्रेस और उसी समय पर स्टेशन छोड़ने वाली दो अन्य ट्रेनों के आरक्षक चार्ट खंगालेगी, जिससे ठीक स्थिति का पत चल सके कि महिला किस कोच में थी और उसके पास की सीट पर कौन-कौन कहां तक यात्रा कर रहे थे.

माेबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल भी खंगालेगी
पुलिस अब इसमें मोबाइल कॉल डिटेल और लोकेशन को भी जांच का आधार बनाएगी. कॉल डिटेल से कहां कहां बात की और उस दौरान उस क्षेत्र में कितने मोबाइल टेलीफोन सक्रिय थे. पीड़िता का मोबाइल भी उस समय सक्रिय था या नहीं.

जीआरपी थाना प्रभारी डीडी पांडे ने कहा कि एसपी रेलवे के आदेश के बाद एक पीड़ित महिला की कम्पलेन पर शून्य पर मुद्दा दर्ज किया गया था. घटनाक्रम मुम्बई का होने पर मुकदमा डायरी जांच के लिए भेजी गई है.

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