केन्या में बर्तन धोए, दुकान भी खोली जिसे उपद्रवियों ने जला दिया; अब वडोदरा में इटालियन पिज्जा बेचकर हर महीने कमा रहे 40 हजार

केन्या में बर्तन धोए, दुकान भी खोली जिसे उपद्रवियों ने जला दिया; अब वडोदरा में इटालियन पिज्जा बेचकर हर महीने कमा रहे 40 हजार

आज की कहानी वडोदरा के रहने वाले बिजल दवे की। बिजल ने कंप्यूटर इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया है। अभी वो वडोदरा में एक पिज्जा रेस्त्रां चला रहे हैं। जहां वो 45 तरह के पिज्जा बनाते हैं। पूरे वडोदरा में उनके पिज्जे की डिमांड है। हर महीने वो 2 लाख रुपए का पिज्जा बेच रहे हैं। इससे हर महीने 40 हजार रु उनकी खुद की कमाई हो रही है। इसके साथ ही उन्होंने 5 लोगों को उन्होंने रोजगार भी दिया है।

बिजल बताते हैं कि शुरुआत में मुझे नौकरी नहीं मिल रही थी। एक दोस्त की मदद से मैं केन्या चला गया। वहां एक होटल में मुझे नौकरी मिल गई। मैं वहां बर्तन धोता था और सब्जियां काटने का काम करता था। कुछ दिनों बाद मैं काउंटर पर बैठने लगा। इसी दौरान मेरी पहचान एक इटालियन से हुई, जो वहां अक्सर खाने के लिए आता था। उसके साथ मेरी दोस्ती हो गई। उन्होंने काम के लिए मेरा जुनून देखा और मुझे कांगो में अपने पिज्जा रेस्तरां में नौकरी की पेशकश की।

रेस्टोरेंट में पिज्जा बनते देखता रहता था

अभी बिजल वडोदरा में एक पिज्जा रेस्त्रां चला रहे हैं। जहां वो 45 तरह के पिज्जा बनाते हैं।

बिजल ने बताया कि कांगो के उस 'शे निकोला' नाम के पिज्जा रेस्तरां में पिज्जा कैसे बनता है, यह देखता रहता था। एक बार सेठ ने देखा कि मैं पिज्जा बनते गौर से देखता रहता हूं। इसलिए उन्होंने मुझसे पूछा कि तुम पिज्जा बनाना सीखना चाहते हो क्या? मैंने कहा कि हां मैं सीखना चाहता हूं। इसके बाद मैंने अपने सेठ से बात की और कांगो जाने का प्लान कर लिया। इस दौरान मेरे मकान मालिक ने सलाह दी कि कांगो शहर उपद्रवियों का केंद्र है। लेकिन, मैं नहीं माना और सीधे कांगो पहुंच गया। मेरी गलती थी कि मैंने उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया। मैंने पार्टनरशिप के तौर पर वहां पिज्जा की दुकान तो खोल ली, लेकिन कुछ दिनों के बाद ही वहां के उपद्रवियों ने मेरी दुकान जला दी। मेरी उम्मीदों पर पानी फिर गया। हालांकि इसके बाद भी मैंने हार नहीं मानी और तय किया कि अब अपने देश में ही कुछ करूंगा।

5 युवाओं को रोजगार दिया

बिजल मार्च 2019 में वडोदरा लौट आए। यहां आने के बाद भी वह असमंजस में थे कि क्या किया जाए। वे कहते हैं कि मैं विदेश से कुछ कमाकर नहीं लाया था, लेकिन मैंने इटालियन पिज्जा बनाने की कला सीखी थी। एक पिज्जा रेस्तरां शुरू करने का फैसला किया। मेरे पास किसी भी क्षेत्र में एक दुकान किराए पर लेने और एक लग्जरी पिज्जा रेस्तरां शुरू करने के लिए पैसे नहीं थे। इसलिए मैंने अपनी बिल्डिंग कंपाउंड के खुले स्थान में ग्लस्टोस पेजेरिया नाम से एक रेस्तरां शुरू किया। वह बताते हैं कि अब मेरा रेस्तरां बहुत अच्छा चल रहा है और मैंने 5 युवाओं को रोजगार भी दिया हुआ है।

बिजल के पिज्जा की डिमांड पूरे शहर में है। उन्होंने अपनी टीम में चार लोगों को रोजगार भी दिया है।

45 तरह के पिज्जा बनाता हूं

बिजल बताते हैं कि मेरे रेस्तरां में 45 तरह के पिज्जा बनते हैं। पिज्जा बनाने के लिए मैं डबल रिफाइंड मैदा और डबल रिफाइंड ऑयल का इस्तेमाल करता हूं। ये दोनों चीजें मैं विदेश से मंगवाता हूं। वडोदरा में कोई भी इटालियन पिज्जा नहीं बनाता है। एक बार पिज्जा टेस्ट करने के बाद, दूसरी बार ग्राहक जरूर मेरे यहां आते हैं। मुझे विश्वास है कि आने वाले दिनों में शहर के कई इलाकों में मेरे रेस्टोरेंट की फ्रेंचाइजी होंगी।


बकरी के इस बच्चे की पूरे उत्तरप्रदेश में हो रही है चर्चा, माथे पर है आंख

बकरी के इस बच्चे की पूरे उत्तरप्रदेश में हो रही है चर्चा, माथे पर है आंख

वैसे तो आपने कई तरह की बकरियां देखी होंगी, कोई बकरी ज्यादा दूध देने के लिए जाना जाती हैं तो कोई अपनी महंगी कीमत के लिए, लेकिन आज हम आपको एक ऐसे बकरी के मेमने के बारे में बता रहे हैं जिसे पढ़कर आप भी हैरान रह जाएंगे और इस बकरी को एक बार देखने की जरूर सोचेंगें। यह मेमना पूरे बिजनौर जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि प्रकृति ने इस बकरी के मेमने साथ बहुत ही बड़ा खिलवाड़ किया है।

दरअसल बकरी का यह मेमना अपनी आंख के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है। उसे देखने के लिए लोग दूर-दूर से आर रहे हैं। दरअसल इस बकरी के मेमने की एक ही आंख है, वो भी उसके माथे पर है। माथे पर आंख के कारण यह अजूबा बकरी का मेमना अपने इलाके में काफी प्रसिद्ध हो गया है। कोई उसके साथ सेल्फ ले रहा है तो कोई उसका वीडियो बना रहा है। हमेशा उसे देखने के लिए भीड़ लगी रहती है।

इस मेमने का जन्म उत्तरप्रदेश के बिजनौर जिले के नूरपुर थाना क्षेत्र के गांव मोराहट में हुआ है। इसके मसिया सिंह वाल्मीकि हैं। मसिया का कहना है कि उनकी बकरी ने दो बच्चे दिए हैं। एक मेमना तो सामान्य है, लेकिन दूसरे मेमने के माथे पर सिर्फ एक आंख है और उसकी जीभ मुंह से हमेशा बाहर निकली ही रहती है। ऐसे में उसे देखकर सभी लोग हैरान हैं। उसे देखने के लिए दूर-दराज के लोग आ रहे हैं। इस नजारे को देखकर सभी लोगों का कहना है कि बकरी का बच्चा भगवान का रूप धारण कर जन्म लिया है।


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