उत्तराखण्ड

नैनीताल की महिलाएं सुंदर पूजा की थालियां, चौकियां और अन्य सामान बनाकर कर रही पेश

नैनीतालकुमाऊं की सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित और समृद्ध करने का कोशिश यहां की महिलाएं लगातार कई उपायों से करती आ रही हैं इससे राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड की लोककलाओं को पहचान मिल रही है ऐसा ही उदाहरण नैनीताल की महिलाएं उत्तराखंड की लोककला ऐपण से सुंदर पूजा की थालियां, चौकियां और अन्य कई सारे सामान बनाकर पेश कर रही हैं, जो ना सिर्फ़ लोक संस्कृति का संरक्षण कर रहा है, साथ ही साथ स्त्रियों के लिए स्वरोजगार का भी एक जरिया बन चुका है

नैनीताल की नैनी स्त्री जागृति संस्था ने इन दिनों जिला उद्योग केंद्र की सहायता से मल्लीताल सेवा समिति भवन में स्त्रियों के लिए 21 दिवसीय ऐपण प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया है इसमें स्त्रियों को ऐपण बनाने की ट्रेनिंग दी जा रही है संस्था से जुड़ी महिलाएं इन दिनों करवाचौथ (Karwa Chauth 2023) और दीवाली (Diwali 2023) के लिए ऐपण कला से पूजा की थाल, कलश, ईश्वर की चौकियों समेत कई बहुत खूबसूरत ऐपण बना रही हैं

नैनीताल में मिलेंगे ऐपण से सजे सामान

संस्था की अध्यक्ष मंजू रौतेला ने कहा कि इस बार उनके समूह की स्त्रियों द्वारा बनाए गए ऐपणों से बने सामान नैनीताल के बाजारों में कुमाऊं की लोक संस्कृति को सहेजे हुए दिखेंगे उन्हें आप भी करवाचौथ और दीवाली के शुभ अवसर पर बाजार से खरीद सकते हैं

महिलाओं को स्वरोजगार के लिए किया प्रेरित

मंजू रौतेला ने कहा कि वर्ष 2000 से वह नैनीताल में स्त्रियों को स्वरोजगार के प्रति प्रेरित कर रही हैं वह पिछले 23 वर्षों से नैनीताल समेत आसपास की स्त्रियों को उत्तराखंड की लोककलाओं को समृद्ध करने के लिए, बुनाई, कढ़ाई, ऐपण, मूर्ति निर्माण, होली समेत अनेक तरह के स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रही हैं, जिस वजह से उन्हें राज्य स्तरीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं मंजू रौतेला उत्तराखंड की लोककला ऐपण को सिंगापुर में भी प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदर्शित कर चुकी हैं

राज्य गवर्नमेंट से योगदान की मांग

मंजू रौतेला ने कहा कि उनके समूह से अभी 50 महिलाएं जुड़ी हुई हैं, जिन्हें वह स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रही हैं उनके पास संस्था के कामकाजों के लिए स्थान की कमी है उन्होंने गवर्नमेंट से मांग की है कि यदि संभव हो सके, तो उनकी संस्था को नैनीताल में उपयुक्त जगह आवंटित किया जाए वह उस जगह का किराया देने के लिए भी तैयार हैं ताकि वह बड़े स्तर पर यहां की स्त्रियों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर सकें

 

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