शादी समारोह के लिए पहली पसंद बन रहे पारंपरिक परिधान

शादी समारोह के लिए पहली पसंद बन रहे पारंपरिक परिधान

शादियों का सीजन शुरू हो चुका है। रिश्‍तेदारों, संगे संबंधी और दोस्‍तों की शादी में शामिल होने के लिए लोग परिधान की खरीदारी को बाजार में पहुंच रहे हैं। इस बार बाजार में शादियों के लिए लोग वेर्स्‍टन की जगह पारंपरिक परिधान पसंद कर रहे हैं। ग्राहकों की पसंद के अनुसार दुकानदारों ने भी बच्‍चों से लेकर महिलाओं के परिधान बाजार में सजा दिए हैं।

हर आयु वर्ग के लिए परिधानों की बड़ी रेंज बाजार में उपलब्ध है। पारंपरिक परिधान लोगों की पहली पसंद बन रहे हैं। बीते वर्ष कोरोनाकाल में कारोबार प्रभावित रहा। इस बार कोविड गाइडलाइन के तहत दुकान खुलने की मिली छूट से कपड़ा कारोबार पटरी पर लौटा है। इस बार दुकानदारों के चेहरों पर बाजार की चहक की चमक साफ दिखाई दे रहा है।

डार्क कलर बन रहा पसंद

महिलाएं गहरे रंग (डार्क कलर) के परिधानों को ज्यादा पसंद कर रही हैं। इसको देखते हुए फैशन डिजाइनरों ने यलो, ब्लू टोन, गोल्डन, नेवी ब्लू, डार्क ग्रीन, मजेंटा कलर के परिधानों की रेंज पेश की है।

लुक में भारतीय परिधान उपलब्ध

डिजाइनरों ने भारतीय पारंपरिक परिधानों को नए लुक में पेश किया है। इनमें लहंगा, साड़ी, सूट, गाउन, कुर्ती के बेहतरीन कलेक्शन पेश किए हैं। दूल्हा बाजार स्थित व्यापारी रिजवान बताते हैं कि इस बार भारतीय परंपरा वाली परिधान की मांग ज्यादा हैं।

युवतियों की चाहिए पेस्टल कलर्स

युवतियों में गाउन की मांग ज्यादा है, इसमें वह पेस्टल कलर्स को पसंद कर रही हैं। लाग पैटर्न में हैवी वर्क में लाइट पिंक, ग्रेए ब्लू, ड्डपेस्टल कलर्स के गाउन पसंद किए जा रहे हैं। नेट के गाउन के कलेक्शन खास तौर पर डिजाइन किए गए हैं। इनकी कीमत तीन हजार से शुरू है।

पुरुषों के लिए कुर्ते

पुरुषों के लिए बाजार में कुर्तों की तमाम वैरायटी उपलब्ध है। इनमें काटन, सिल्क, चिकन, रा सिल्क कुर्ते की ज्यादा मांग है। पलटन बाजार स्थित दुकानदार नवीन ने बताया कि इन कुर्तों की कीमत 700 रुपये से शुरू है।


उत्तराखंड में कोरोना! 24 घंटे में सामने आए 2904 नए मामले, कोविड में अनाथ हुए बच्चों को मिलेगी आपदा राहत राशि

उत्तराखंड में कोरोना! 24 घंटे में सामने आए 2904 नए मामले, कोविड में अनाथ हुए बच्चों को मिलेगी आपदा राहत राशि

प्रदेश में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 2904 नए मामले सामने आए हैं, जबकि चार कोरोना संक्रमितों की मौत हो गई। दूसरी ओर, बुधवार को 1241 मरीजों ने कोरोना से जंग जीत ली।



स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, प्रदेश में सामने आए 2904 नए मामलों में अल्मोड़ा में 19, बागेश्वर में 127, चमोली में 06, चंपावत में 30, देहरादून में 1016, हरिद्वार में 337, नैनीताल में 397, पौड़ी में 89, पिथौरागढ़ में 127, रुद्रप्रयाग में 252, टिहरी में 85, ऊधमसिंह नगर में 384 और उत्तरकाशी में 35 मामले शामिल हैं। प्रदेश में अब 32880 एक्टिव कोरोना केस हैं, जिनमें सर्वाधिक 14387 केस देहरादून जिले के हैं।

कोविड में अनाथ हुए बच्चों को मिलेगी आपदा राहत राशि

प्रदेश के कोविड में अनाथ हुए बच्चों को आपदा राहत राशि मिलेगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हलावा देते हुए मुख्य सचिव डॉ.एसएस संधू ने समस्त जिलाधिकारियों को इस संबंध में आदेश जारी किया है। कहा गया है कि 31 जनवरी तक इस तरह के बच्चों को राहत राशि उपलब्ध कराते हुए इससे शासन को अवगत कराएं।

मुख्य सचिव की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने बाल स्वराज पोर्टल पर अपलोड ऐसे बच्चे जिनके दोनों अभिभावक या एकमात्र जीवित अभिभावक की कोविड 2019 से मौत हो गई है, उन्हें आपदा राहत राशि दी जाए। बाल स्वराज पोर्टल पर 25 जनवरी 2022 तक उत्तराखंड के इस तरह के 162 बच्चे पंजीकृत हैं।

जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी व आईसीडीएस सुपरवाइजर की टीम बनाकर ऐसे बच्चों का सर्वेक्षण किया जाए। यह देखा जाए कि इन बच्चों को आपदा राहत राशि मिली या नहीं मिली। यदि इन बच्चों को यह राशि नहीं मिली तो उन्हें राशि उपलब्ध कराई जाए। जबकि एक फरवरी तक इस संबंध में रिपोर्ट सचिव आपदा प्रबंधन को उपलब्ध कराई जाए।