तीन घंटे की मशक्कत के बादकार में छिपा सांप को निकाला सुरक्षित

तीन घंटे की मशक्कत के बादकार में छिपा सांप को निकाला सुरक्षित
देहरादून के सहस्रधारा क्षेत्र में एक कार में छिपे सांप को साढ़े तीन घंटे की जद्दोजहद के बाद सुरक्षित कार से बाहर निकाला गया. इसके बाद उसको जंगल में छोड़ दिया गया. प्रभागीय वनाधिकारी नीतीशमणि त्रिपाठी को सह्रस्रधारा रोड के दीवान सिंह तोमर ने बताया कि कार में सांप छिपा है. जानकारी मिलते ही रेस्क्यू टीम में शामिल जितेंद्र बिष्ट की प्रतिनिधित्व में टीम मौके पर पहुंची और सांप को निकलने की प्रयास की. साढ़े तीन घंटे तक रेस्क्यू टीम में शामिल जानकार कार में छिपे सांप की खोजबीन करते रहे, लेकिन कोई पता नहीं चला. आखिरकार साढ़े तीन घंटे के बाद जैसे-तैसे सांप को सुरक्षित बाहर निकाला, जिसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया.

यह पहली बार नहीं है, जब रेस्क्यू टीम ने किसी चार पहिया गाड़ी से घातक सांप को बाहर निकाला है. पिछले वर्ष बिजली विभाग के एक अधिकारी की बोलेरो में छिपा सांप लगातार दो दिनों तक वाहन के साथ यात्रा भी करता रहा. जानकारी होने पर सांप को सुरक्षित बाहर निकाला गया था. जानकार जितेंद्र बिष्ट का बोलना है कि मानसून के दौरान सांपों के बिलों या उनके सुरक्षित ठिकानों में पानी भरने से सांप अपनी जीवन बचाने और सुरक्षित ठिकाना ढूंढने की तलाश में घरों में दाखिल हो रहे हैं. ऐसे में थोड़ा एहतियात बरसाने की आवश्यकता है

सर्पदंश से बचने के लिए करें ये उपाय

सर्पदंश से बचने के लिए घरों की साफ सफाई का पूरा व्यवस्था करें. घर में फिनायल का पोछा लगाएं. बचा हुआ खाना किसी भी सूरत में घर के आसपास नहीं फेंके. इसे खाने के लिए चूहे आते हैं और चूहा की तलाश में साफ घरों में दाखिल हो जाते हैं, रात के अंधेरे में नंगे पांव बाहर न निकले. बिजली या टॉर्च की रोशनी में ही घर के बाहर निकले, घर में बिस्तर दीवारों से सटाकर कतई न लगाएं, दीवारों के जरिए सांपों के बिस्तर पर आने का खतरा रहता है, सर्पदंश होने पर नीम वैध के चक्कर में न पड़े. तुरन्त पीड़ित आदमी को हॉस्पिटल ले जाएं और कुशल जानकारों से उपचार कराएं.