उत्तराखण्ड

हल्द्वानी में हुई हिंसा के मास्टरमाइंड अब्दुल मलिक के बेटे को पुलिस ने किया गिरफ्तार

देहरादूनः उत्तराखंड के नैनीताल जिले के हल्द्वानी में हुई हिंसा के मास्टरमाइंड अब्दुल मलिक के बेटे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. उत्तराखंड पुलिस ने हल्द्वानी हिंसा के कथित मुख्य षड्यंत्रकारी अब्दुल मलिक को बीते शनिवार को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया था और फिर उसे उत्तराखंड ले आई. अधिकारियों ने यह जानकारी दी थी. नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रह्लाद नारायण मीणा ने कहा कि गुजरात, दिल्ली, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और बिहार सहित विभिन्न राज्यों में मलिक और उसके बेटे अब्दुल मोईद की तलाश के लिए छह टीम गठित की गईं थीं.

मीणा ने संवाददाताओं से कहा कि इनमें से एक टीम ने मलिक को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया, लेकिन उसका बेटा अब भी फरार है. उन्होंने कहा, ‘हम मलिक को हल्द्वानी ले आए हैं। वह हमारी हिरासत में है। उसे जल्द से जल्द अदालत में पेश किया जायेगा.’ पुलिस ने बताया था कि मलिक के अलावा, शनिवार को दो और दंगाइयों को गिरफ्तार किया गया, जिससे मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए लोगों की कुल संख्या 81 हो गई है.

मलिक ने हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में कथित तौर पर एक ‘अवैध’ मदरसा बनाया था. इसे ढहाये जाने के कारण आठ फरवरी को हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में हिंसा फैल गई थी. मलिक ने प्रशासन की कार्रवाई का जबरदस्त तरीके से विरोध किया था और उसकी पत्नी साफिया ने मदरसे को गिराने के नगर निगम के नोटिस को चुनौती देने के लिए अदालत का रुख किया था.

अदालत ने हालांकि उन्हें तत्काल राहत नहीं दी थी और मदरसे को गिरा दिया गया, जिससे मुस्लिम बहुल बनभूलपुरा क्षेत्र में पथराव और आगजनी की घटनाएं शुरू हो गईं थीं. मलिक और उसके बेटे के खिलाफ 16 फरवरी को एक ‘लुकआउट नोटिस’ जारी किया गया था और उसकी संपत्तियां कुर्क की गईं थीं. बनभूलपुरा हिंसा में छह लोगों की मौत हो गई थी और पुलिसकर्मियों और पत्रकारों समेत सौ से अधिक लोग घायल हो गये थे.

शुरू में दर्ज की गई तीन प्राथमिकियों के अलावा, पुलिस ने मलिक और उसकी पत्नी साफिया सहित छह लोगों के खिलाफ आपराधिक साजिश रचने, अवैध निर्माण करने और भूमि के हस्तांतरण के लिए एक मृत व्यक्ति के नाम का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाते हुए एक नया मामला दर्ज किया था. एसएसपी ने कहा कि नये मामले में आरोपियों पर झूठे हलफनामे के आधार पर सरकारी विभागों और अदालत को गुमराह करने के लिए आपराधिक साजिश रचने का आरोप लगाया गया है.

Related Articles

Back to top button