उत्तराखंड: राज्य में रीडिंग कैंपेन और पुस्तक परिक्रमा अभियान की शुरुआत

उत्तराखंड: राज्य में  रीडिंग कैंपेन और पुस्तक परिक्रमा अभियान की शुरुआत

उत्तराखंड में विद्यालयी शिक्षा मंत्री डाक्टर धन सिंह रावत ने राज्य में रीडिंग कैंपेन और पुस्तक परिक्रमा अभियान की आरंभ की है. इसके साथ ही मोबाइल लाईब्रेरी को भी हरी झंडी दिखाई है.

शिक्षा महानिदेशालय, देहरादून में ‘रूम टु रीड’ एवं ‘नेशनल बुक ट्रस्ट’ के तत्वाधान में आयोजित ‘रीडिंग कंपेन’ एवं ‘पुस्तक परिक्रमा’ का विधिवत् शुरुआत किया गया. विद्यालयी शिक्षा मंत्री डाक्टर धन सिंह रावत ने इस अभियान को अहम बताते हुये बोला कि इससे प्रदेश में पुस्तक संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा. सूबे में नेशनल बुक ट्रस्ट का कार्यालय स्थापित किये जाने पर उन्होंने खुशी व्यक्त करते हुये बोला कि इसका फायदा सूबे के लेखकों, शैक्षिक संस्थाओं और पाठकों को मिलेगा.

सूबे के स्कूली बच्चों में पढ़ने की जिज्ञासा पैदा करने के उद्देश्य से शिक्षा मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने मोबाइल लाइब्रेरी को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. उन्होंने बोला कि रूम टु रीड एवं नेशनल बुक ट्रस्ट के तत्वाधान में आयोजित यह अभियान प्रदेश में पुस्तक संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में अहम साबित होगा.

डॉ0 रावत ने बोला कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2022 को सूबे में लागू कर दी गई है. नयी नीति के अनुसार नवीन पाठ्यक्रम तैयार किये जा रहे हैं जिसमें विद्यार्थियों की अभिरूचि, सृजनशीलता, नवाचार एवं रोजगारपरक शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया है.

इस मौके पर रूम टू रीड की राज्य प्रभारी पुष्प लता रावत ने बोला कि पढ़ने की संस्कृति को हम दुर्गम और दूरस्थ इलाकों तक ले जाएं और कोविड महामारी से नौनिहालों के पठन-पाठन में जो हानि हुआ उसकी भरपाई के लिये विशेष अभियान चलाया जाय. उन्होंने बोला की रूम टु रीड का रीडिंग कंपेन 15 अगस्त से 8 सितंबर तक लगातार चलेगा और इस दौरान स्कूल,समाज और संस्थाओं में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर सामुदायिक सहभागिता से पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए विशेष कोशिश किए जाएंगे. नेशनल बुक ट्रस्ट की स्वाति बडोला ने एनबीटी की मोबाइल लाइब्रेरी की प्रासंगिकता को साफ करते हुए बोला कि जहां पुस्तकों की दुकानें नहीं हैं वहां भी पुस्तक परिक्रमा के ज़रिए उनकी मोबाइल बैन जाएगी और पाठकों को विश्व स्तरीय साहित्य मौजूद करवाएगी. महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा वंशीधर तिवारी ने पुस्तकों की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिये विभाग के प्रयासों की रूपरेखा प्रस्तुत की.