उत्तराखंड में कोरोना विस्फोट! 24 घंटे में मिले इतने नए मरीज, इतनो की मौत

उत्तराखंड में कोरोना विस्फोट! 24 घंटे में मिले इतने नए मरीज, इतनो की मौत

उत्तराखंड में बीते 24 घंटे के भीतर 3893 लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आए हैं। जबकि छह मरीजों की मौत हुई है। मंगलवार को सक्रिय मामले 31236 हो गए हैं। कुल संक्रमितों की संख्या 407358 पहुंच गई है।  



स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक मंगलवार को देहरादून में 1316, हरिद्वार में 609, नैनीताल में 585, ऊधमसिंह नगर में 290, अल्मोड़ा में 154, चमोली में 189, टिहरी में 100, पौड़ी में 214, बागेश्वर में 64, पिथौरागढ़ में 90, रुद्रप्रयाग में 108, उत्तरकाशी में 84 और चंपावत जिले में 90 संक्रमित मिले हैं। 

अब तक 7497 मरीजों की मौत हो चुकी है। 3849 संक्रमित ठीक हुए हैं। इन्हें मिला कर 360180 मरीजों ने संक्रमण को मात दी है। वर्तमान में 31236 सक्रिय मरीजों का अस्पतालों और होम आइसोलेशन में इलाज चल रहा है। प्रदेश की रिकवरी दर 88.42 प्रतिशत और संक्रमण दर 13.68 प्रतिशत दर्ज की गई है।

उप जिला अस्पताल के सीएमएस भी संक्रमित
श्रीनगर के राजकीय उप जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक भी कोरोना संक्रमित हो गए हैं। रविवार को श्रीनगर सहित विकास खंड खिर्सू में 44  लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इनमें 31 लोग आरटीपीसीआर जांच में पॉजिटिव आए। कोविड अस्पताल के पीआरओ अरुण बडोनी ने बताया कि रविवार को बेस अस्पताल में 21 लोगों को रेपिड एंटीजन टेस्ट किया गया। इनमें 13 लोग कोरोना संक्रमित निकले। कोविड वार्ड में 5 संक्रमित भर्ती हैं।

कोरोना के कारण घटे हवाई यात्री
कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के प्रभाव से हवाई यात्रियों में कमी बढ़ती जा रही है। इससे फ्लाइट भी कम हो रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार कोरोना की जांच कर रही है। एयरपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार को छह फ्लाइटों की आवाजाही हुई। फिलहाल कई शहरों के लिए हवाई यात्री नहीं मिल रही है, जिससे फ्लाइट कम हो रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम हवाई यात्रियों की कोरोना जांच में भी जुटी है। नोडल अधिकारी चेतन कोठारी ने बताया कि मंगलवार के दिन छह फ्लाइटों की आवाजाही हुई। इन फ्लाइटों में आए 88 यात्रियों का आरटीपीसीआर टेस्ट किया गया।
 


भड़काऊ भाषण के मुद्दे में त्यागी को उच्चतम न्यायालय ने उपचार कराने के लिए तीन महीने की ज़मानत

भड़काऊ भाषण के मुद्दे में त्यागी को उच्चतम न्यायालय ने उपचार कराने के लिए तीन महीने की ज़मानत

 भड़काऊ भाषण के मुद्दे में त्यागी को उच्चतम न्यायालय ने उपचार कराने के लिए तीन महीने की ज़मानत दी है इससे पहले त्यागी के वकील ने दिल रोग के उपचार के लिए ज़मानत की मांग की थी इस याचिका पर सुनवाई करते हुए मंगलवार को उच्चतम न्यायालय ने ज़मानत मंज़ूर करते हुए आदेश दिया की ज़मानत के दौरान वह कोई भड़काऊ भाषण नहीं देंगे

मंगलवार की सुनवाई से पहले हरिद्वार धर्म संसद मुद्दे से जुड़ी त्यागी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड गवर्नमेंट से उत्तर मांगा था न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की पीठ ने कठोर टिप्पणी करते हुए क​हा था, चूंकि वे स्वयं संवेदनशील नहीं है, इससे पूरा माहौल खराब हो रहा है पीठ ने त्यागी की जमानत याचिका पर राज्य गवर्नमेंट और अन्य को नोटिस जारी किया था

त्यागी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने बोला था कि त्यागी लगभग छह महीने से हिरासत में हैं और वह कई रोंगों से पीड़ित हैं उन्होंने बोला कि त्यागी के विरूद्ध दर्ज मुद्दे में अधिकतम सजा तीन वर्ष ही है और इन आधारों पर उन्हें बेल दी जाना चाहिए उल्लेखनीय है कि इस वर्ष मार्च में उत्तराखंड हाई कोर्ट द्वारा उनकी जमानत याचिका खारिज कर दिए जाने के बाद त्यागी ने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था

धर्म संसद में हेट स्पीच का सिलसिला
गौरतलब है कि हरिद्वार धर्म संसद में कई साधु संतों ने मुसलमानों के विरूद्ध आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं इतना ही नहीं, धर्म संसद में महात्मा गांधी को भी नहीं बख्शा गया एक साधु कालीचरण महाराज ने तो बापू तक को बुरा भला कह दिया उन्हें हिरासत में भी लिया गया था दूसरी ओर मुस्लिम से हिन्दू बने वसीम रिजवी उर्फ त्यागी ने भी आपत्तिजनक बयान दिए थे हरिद्वार के बाद दिल्ली में धर्म संसद हुई थी और वहां भी भड़काऊ बयान दिए गए