कैबिनेट में मामला ना आने से पूर्व सैनिक कर्मी नाराज, शासनादेश जारी होने तक ...

कैबिनेट में मामला ना आने से पूर्व सैनिक कर्मी नाराज, शासनादेश जारी होने तक ...

कैबिनेट में मांगों पर कोई निर्णय ना होने से सैनिक कल्याण विभाग के पूर्व सैनिक कर्मी नाराज हैं। उनका कहना है कि सैन्य बहुल प्रदेश में भी पूर्व सैनिक उपेक्षित हैं। नौ दिन कार्य बहिष्कार के बावजूद उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने शासनादेश जारी होने तक आंदोलन जारी रखने का एलान किया है।

पूर्व सैनिक कर्मचारी संगठन (सैनिक कल्याण) के अध्यक्ष सूबेदार मेजर गजपाल सिंह नेगी (सेनि) ने कहा कि मांगों पर कार्रवाई के बजाय उन्हें गुमराह किया जा रहा है। बुधवार को उनकी अपर सचिव सैनिक कल्याण मेजर योगेंद्र यादव (सेनि.)से वार्ता हुई। उन्होंने कहा कि सातवां वेतनमान व अन्य मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय होगा। इसे लेकर शाम को सचिवालय में बैठक भी है। पर देररात तक भी कोई अपडेट नहीं मिला। वहीं, संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत व वन मंत्री डा. हर सिंह रावत से भी मुलाकात की। उनसे भी बस आश्वासन ही मिला है। नेगी ने कहा कि सातवें वेतनमान का लाभ कर्मियों को अब तक नहीं दिया गया है।

साथ ही उन्हें प्रतिवर्ष देय तदर्थ बोनस से भी वंचित रखा गया है। पूर्व सैन्य कार्मिकों को पुनर्नियुक्ति तिथि से विभागीय पदों के सापेक्ष समायोजन, पदोन्नति की मांग भी उन्होंने की। कहा कि अगस्त माह का रोका गया वेतन भी तुरंत जारी किया जाए। इसके अलावा पूर्व सैन्य कार्मिकों को सेवानिवृत्ति पर सर्विस ग्रेच्यूटी का लाभ दिया जाए। सैन्य कार्मिकों को 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर सेवानिवृत्ति के माह का पूरा वेतन व माह के अंतिम दिन सेवानिवृत्त और नियमित पदों पर आउटसोर्स व उपनल के माध्यम से भर्ती बंद करने की मांग भी उन्होंने की।

सिख फेडरेशन ने की कंगना पर कार्रवाई की मांग

बालीवुड अभिनेत्री कंगना रनौट का दून में यूनाइटेड सिख फेडरेशन ने पुतला दहन किया। आरोप लगाया कि अभिनेत्री ने सिख समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की है। फेडरेशन ने अभिनेत्री पर कार्रवाई की मांग करते हुए जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा है।

बुधवार को गांधी पार्क में फेडरेशन के बैनर तले सिख समुदाय के लोग एकत्रित हुए। इसके बाद एस्लेहाल चौक पर कंगना रनौट का पुतल दहन किया गया। इस दौरान फेडरेशन के अध्यक्ष अमरजीत सिंह ने कहा कि अभिनेत्री ने सिख समुदाय, किसानों और देश की आजादी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है, जोकि शर्मनाक है। उन्होंने अभिनेत्री के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस अवसर पर हरिंदर सिंह, लालचंद शर्मा आदि मौजूद रहे।


स्वास्थ्य विभाग अपने कर्मचारियों की जिंदगी को लेकर बना लापरवाह

स्वास्थ्य विभाग अपने कर्मचारियों की जिंदगी को लेकर बना लापरवाह

भले ही स्वास्थ्य विभाग आमजन को कोरोना के प्रति जागरूक करने के दावे कर रहा हो। लेकिन, हकीकत यह है कि स्वास्थ्य विभाग अपने कर्मचारियों की जिंदगी को लेकर लापरवाह बना हुआ है। स्वास्थ्य कर्मी बिना पीपीई किट पहने बाहरी राज्यों से आने वाले व्यक्ति व पुलिस कर्मियों की कोरोना जांच कर रहे हैं। ऐसे में यदि कोई भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाया गया तो वह स्वास्थ्य कर्मी व उसके परिवार को खतरे में डाल सकता है।

शासन की गाइडलाइन के अनुसार, कोरोना जांच करते समय स्वास्थ्य कर्मी का पीपीई किट पहनना अनिवार्य है। यह सुरक्षा कवच ही स्वास्थ्य कर्मी को ड्यूटी के दौरान कोरोना संक्रमण से बचाएगा। लेकिन, कोटद्वार का स्वास्थ्य विभाग इस गाइडलाइन को अनदेखा कर रहा है। दिल्ली, हरियाणा सहित अन्य राज्यों से आने वाले व्यक्तियों की उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड की सीमा पर स्थित कौड़िया चेकपोस्ट पर बिना पीपीई किट पहने जांच की जा रही है। मंगलवार को भी स्वास्थ कर्मी चेक पोस्ट पर इसी लापरवाही के साथ पुलिस कर्मियों की जांच करते हुए नजर आए। यह सब देखने के बाद भी पुलिस अधिकारियों ने स्वास्थ्य कर्मी को पीपीई किट पहनने की सलाह नहीं दी। जबकि, दो दिन पूर्व राष्ट्रपति की ड्यूटी पर गए कई पुलिस कर्मी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं।

शहर में प्रवेश से पूर्व जांच जरूरी कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए पुलिस व प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। कौड़िया चेक पोस्ट से शहर में प्रवेश करने वाले बाहरी राज्यों के व्यक्तियों की कोरोना जांच करवाई जा रही है। यही नहीं प्रत्येक व्यक्ति से वैक्सीन लगवाने का प्रमाण पत्र भी मांगा जा रहा है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विजय ¨सह ने बताया कि बाहरी राज्य से आने वाले व्यक्तियों का फोन नंबर सहित अन्य जानकारियां भी रजिस्टर में दर्ज की जा रही हैं।