लखनऊ में महिलाओं ने चुनावी एजेंडे बताए, जानिए कौन से मुद्दे रहेंगे हावी?

लखनऊ में महिलाओं ने चुनावी एजेंडे बताए, जानिए कौन से मुद्दे रहेंगे हावी?
2022 में उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' आज यानी मंगलवार को देश की आधी आबादी के बीच पहुंचा। नवाबों के शहर लखनऊ में महिलाओं ने सुरक्षा, विकास सहित अन्य मुद्दों पर खुलकर बात की। इस दौरान देश की आधी आबादी ने वर्तमान सरकार के कामकाज की तारीफ भी की तो कुछ कमियां भी गिनाई। पढ़िए किसने क्या कहा? पहले से काफी बदल गया है लखनऊ 
इंदु वर्मा ने कहा कि महिलाओं के लिए लखनऊ पहले से काफी बदल गया है। अगर रात में आपको कोई असुविधा होती है तो पुलिस आपको घर तक पहुंचाने जाएगी। आप रात में बेखौफ होकर निकल सकती हैं। तमाम योजनाएं चल रही हैं जो खासकर महिलाओं और लड़कियों के लिए है। इस दौरान उन्होंने भाग्य लक्ष्मी योजना का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि यूपी भाग्यलक्ष्मी योजना 2021 के तहत सरकार गरीब परिवार में जन्मी लड़कियों को 51 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देती है। गर्भवती महिलाओं को बेटी के जन्म पर सरकार 5100 रुपये की आर्थिक सहायता देती है। बता दें कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या को रोकना है और लिंग अनुपात को भी सुधारना है।
महिलाओं की उम्मीदों पर खरी उतरी है योगी सरकार
रजनी पांडे ने कहा कि योगी सरकार महिलाओं की उम्मीदों पर खरी उतरी है। उन्होंने कहा कि जितनी कमियां है सरकार उसे पूरा करने का प्रयास कर रही है। रिता मित्तल ने कहा कि पहले डर लगता था आज बहुत कुछ बदल गया है। योगी सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए बहुत कड़े कदम उठाए हैं। इससे पहले की सरकार में महिलाएं व लड़कियां इतनी सुरक्षित नहीं थीं। माता-पिता अब सोचते हैं मेरी लड़की सही सलामत वापस घर लौट आएगी। उन्होंने आगे कहा कि राजनीति में महिलाओं की भागीदारी होनी चाहिए। महिलाओं की भागीदारी जितनी ज्यादा होगी हमारा समाज उतना और आगे बढ़ेगा।
योजनाएं केवल कागजी न रह जाए
रफत फात्मा ने कहा कि मुझे लगता है कि योजनाएं केवल कागजी न रह जाए। जमीनी स्तर पर उसे लागू करना चाहिए। इस दौरान उन्होंने मिशन शक्ति योजना का मुद्दा उठाया। साथ ही हाथरस की घटना पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि लखनऊ में महिला सुरक्षा का मुद्दा है। नम्रता चौहान ने कहा कि सबकुछ सरकार की ही जिम्मदारी नहीं है, कुछ अपनी भी है। लखनऊ विश्वविद्यालय में एक टॉयलेट तक नहीं है, इसका जिम्मदार कौन है? इसका जिम्मेदार वहीं की प्रिंसिपल है, जबकि वो एक महिला है। सवाल सिस्टम का और सिस्टम अभी भी उतनी ही कमजोर है, भष्टाचार अभी भी उतना ही है। उन्होंने कहा कि जिसका काम हो जाता है वो खुश है, जिसका नहीं होता वो खुश नहीं है। 

गरिमा ने कहा कि औरतों की सुरक्षा के लिए जो भी नियम व कानून हैं वो कागज पर होते हैं पर समय पर या समय रहते लागू नहीं होते। अगर कोई लड़की काम करके देर रात घर लौट रही है तो वह खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करती है। 1090 पर कॉल करो तो पुलिस भी इतना सक्रिय नहीं होती है। जब तक वह फोन उठाएगी तब तक कांड हो जाता है। फिर पुलिस सबूत मांगने लग जाती है और इसी के बहाने मामले को टाल दिया जाता है। सुनैना चौधरी ने स्वच्छता पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि शौचालय तो बने पर पुरी तरह नहीं बन पाए। जहां तक महिलाओं की सुरक्षा की बात की जा रही है तो मैं मानती हूं कि सरकार से ज्यादा इसमें समाज की अहम भूमिका है। अगर समाज चाहे तो महिलाएं खुद को ज्यादा सुरक्षित महसूस करेंगी। 

सुनिता रमन ने कहा कि गरीब महिलाओं को उतना सपोर्ट नहीं मिलता। वह ज्यादातर घरेलू हिंसा का शिकार होती हैं। निचले तबके की महिलाओं को ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं ऋतु अरोड़ा ने कहा कि लड़कियों की पढाई के लिए कोई कदम नहीं उठाया जाता है। जब तक महिलाएं व लड़कियां साक्षर नहीं होंगी तब तक वह सुरक्षित महसूस नहीं करेंगी। अपने लिए आवाज उठाना जरूरी है। इस दौरान एक महिला ने महंगाई का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सरसों का तेल 200 रुपये हैं और गैस सिलेंडर का दाम 1000 रुपये है।
सरकार को सीधे-सीधे दोष देना गलत
रुची रस्तोगी ने कहा कि कभी भी किसी सरकार को सीधे-सीधे दोष देना गलत है। महिलाओं को खुलकर सामने आना चाहिए और मिलकर आवाज उठाना चाहिए। अर्पना मिश्रा ने कहा कि लखनऊ काफी बदल गया है। निचले तबके की महिलाओं तक जागरुकता पहुंचाने की दरकार है। उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की जरूरत है। पत्रकार रोली ने कहा कि सुधार की गुजाइंशें हमेशा बनी रहती हैं। आप हमेशा किसी को 100 फीसदी नंबर में नहीं आंक सकते हैं।  बदलाव हो रहे हैं। रश्मि सिंह- पिछले पांच साल में परिवर्तन हुआ है। ऊषा सिंह ने कहा कि सरकार योजना तो बहुत अच्छी बनाती है लेकिन जब उस पर काम करना होता है वो तो बिल्कुल फिस हो जाता है। उज्ज्वला योजना के तहत सिलेंडर तो दे दिया गया लेकिन गैस कहां से भरवाई जाए?  पिंक बूथ बनाना ही महिलाओं का सुरक्षा होना नहीं है। 1090 पर कॉल करो पुलिस फोन नहीं उठाती और तब तक कांड हो जाता है। वहीं, एक महिला ने कहा कि सपा सरकार में महिलाएं इतना सुरक्षित नहीं थी जितनी आज हैं।

योगी सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है
ज्योत्सना मिश्रा ने कहा कि महिला सुरक्षा के मामले में सब मानसिकता का सवाल है। सरकार इसमें कुछ नहीं कर सकती है। हम घरों में लड़कियों के मुकाबले लड़कों को समझाएं तो रेप जैसी घटनाएं नहीं होंगी। बेटो को अच्छी शिक्षा देनी चाहिए तो इसमें सुधार हो सकती है। वहीं, इस एक महिला ने कहा कि क्यों इसमें सरकार की गलती क्यों नहीं है? जब थाने एफआईआर कराने जाओ तो रिपोर्ट नहीं लिखी जाती। अगर आवाज बुलंद की जाती तो सरकार डराती है। गीता ने कहा कि योगी सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है। पहले सपा की सरकार में लोग सभी चौराहे पर शराब पीते रहते थे। लड़कियों को उठा लेते थे लेकिन अब ऐसा नहीं होता। कल्पना ने कहा कि पहले से काफी कुछ सुधार हुआ है। महिलाएं पहले से ज्यादा खुद को सुरक्षित महसूस करती हैं।सावित्री घोष ने कहा कि योगी मोदी सरकार में बहुत काम हुआ है। 

RRB NTPC Result Student Protest: बिहार में जारी बवाल, गोरखपुर में बड़े रेल आंदोलन करने की तैयारी

RRB NTPC Result Student Protest: बिहार में जारी बवाल, गोरखपुर में बड़े रेल आंदोलन करने की तैयारी

RRB NTPC Result Student Protest RRB NTPC , Group D Exam: आरआरबी एनटीपीसी रिजल्ट (RRB NTPC Result 2021) को लेकर बिहार में जारी बवाल (RRB NTPC Result Student Protest) के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है.

माना जा रहा है कि आरआरबी एनटीपीसी रिजल्ट (RRB NTPC Result) के विरोध में गोरखपुर में बड़ा रेल आंदोलन (Rain Andolan) करने की तैयारी है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, 28 जनवरी को छात्र गोरखपुर रेलवे स्टेशन (Gorakhpur Railway Station) को हाइजैक करने की तैयारी में हैं. छात्रों का दावा है कि कांग्रेस के शीर्ष नेता इसे बड़ा आंदोलन बनाने की तैयारी में हैं. पटना में बुधवार को हुई स्टूडेंट्स स्टिरिंग कमेटी की बैठक में यह फैसला लिया गया है कि 28 जनवरी को देशव्यापी आंदोलन किया जाएगा.