Unlock 5.0 in Uttarakhand: यूपी, दिल्ली और कुमाऊं के लिए शुरू हुई बस सेवा

Unlock 5.0 in Uttarakhand: यूपी, दिल्ली और कुमाऊं के लिए शुरू हुई बस सेवा

देहरादून और हरिद्वार रोडवेज बस अड्डे से छह महीने बाद बाहरी राज्यों के लिए बसों का संचालन शुरू हुआ तो परिसर की पुरानी रौनक लौट आई। दिल्ली, उत्तर प्रदेश और कुमाऊं जाने के लिए बड़ी संख्या में लोग सुबह ही बस अड्डा पहुंच गए थे। सुबह छह बजे से लोगों का यहां पहुंचना शुरू हो गया था। बुधवार को हर घंटे के अंतराल में दिल्ली के लिए बसें भेजी गई।  

बुधवार से बसों का संचालन अंतरराज्यीय व्यवस्था के तहत शुरू हो गया। पहले दिन हरिद्वार से दिल्ली के लिए बस सुबह 6.30 बजे रवाना हुई। अड्डे से दिल्ली के लिए निकली पहली बस में 40 लोग सवार थे। इसके बाद दिल्ली के लिए प्रत्येक एक-एक घंटे बाद बसों को रवाना किया जाता रहा। इसी के साथ हल्द्वानी और टनकपुर के लिए बसें भेजी गई। पहले दिन कुल दस बजे दूसरे राज्यों के लिए चलाई गई।

हालांकि 20-25 बसें प्रतिदिन देहरादून, रुड़की, लक्सर, ऋषिकेश, उत्तरकाशी आदि स्थानों के लिए संचालित की जा रही थी। बस अड्डे पर यात्रियों की भीड़ होने से आसपास के लघु व्यापारी खुश नजर आए। हरिद्वार डिपो के महाप्रबंधक प्रतीक जैन ने बताया कि बुधवार को जितनी बसें भी चलाई गई उसमें 30 से 40 यात्रियों ने यात्रा की। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में यात्रियों की संख्या बढ़ने पर बसों की संख्या भी बढ़ा दी जाएगी।   

बसें सैनिटाइज करके लायी गई

बसों को चलाने से पहले रोडवेज कार्यशाला में सैनिटाइज किया गया। इसके अलावा कोई नियम का पालन नहीं किया गया। यात्रियों के हाथों को सैनिटाइज नहीं किया गया और कई लोगों ने मास्क भी नहीं पहना था। महाप्रबंधक प्रतीक जैन ने बताया कि प्रदेश से जाने वालों यात्रियों के लिए पंजीकरण नहीं करने की छूट थी, जबकि अन्य प्रदेशों से आने वाले यात्रियों के नाम पते, फोन नंबर लिखने की जिम्मेदारी परिचालक को दी गई है। 

उत्तर प्रदेश से एक बजे के बाद आई बसें 
उत्तर प्रदेश की हरिद्वार डिपो में 34 बसों का शेड्यूल जारी हुआ है। जिसमें से पहले दिन दोपहर एक बजे तक उत्तर प्रदेश की बसों के पहुंचने का क्रम शुरू हुआ। उत्तर प्रदेश की बसें आने से यात्रियों को ज्यादा राहत मिली। सहायक महाप्रबंधक प्रतीक जैन ने बताया कि शेड्यूल के अनुसार दिल्ली से ऋषिकेश के लिए 10, मुरादाबाद से हरिद्वार के लिए 10, लखनऊ हरिद्वार से एक, कानपुर से एक, गंगोह से 4, मुजफ्फरनगर से 3, दिल्ली -बिजनौर-हरिद्वार से 5 बसें हरिद्वार डिपो में आएंगी। 

देहरादून से दिल्ली रूट पर रवाना हुईं 20 बसें

अंतरराज्यीय परिवहन शुरू होने के बाद बुधवार को पहले दिन देहरादून से दिल्ली रूट के लिए 20 बसें रवाना की गईं। सुबह से रात करीब 10 बजे तक बसों का संचालन हुआ। बसों में औसतन 30 से 40 फीसद सीटें फुल देखने को मिलीं। पहले दिन के यात्रियों की संख्या को देखते हुए अधिकारी उत्साहित नजर आए।

मंडलीय प्रबंधक सीपी कपूर के अनुसार तीन बसें यूपी परिवहन की भी रवाना की गईं। बृहस्पतिवार से भी यही व्यवस्था रहेगी। पहले दिन का रिस्पांस अच्छा रहा। सुबह 5:30 बजे से स्टाफ की टीम मुख्य गेट पर टेम्प्रेचर जांच व सैनिटाइजेशन के लिए तैनात हो गई थी। रात तक कर्मी ड्यूटी पर डटे रहे। यात्रियों के साथ ही ड्राइवर-कंडक्टर की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वहीं, दोपहर एक बजे के बाद मंडलीय प्रबंधक ने स्थिति का जायजा लिया। हालांकि, आईएसबीटी परिसर में करीब 80 फीसद दुकानें बंद नजर आई। 

हल्द्वानी के लिए बढ़ सकती हैं बसें
हल्द्वानी के लिए बुधवार सुबह व रात को दो बसें रवाना की गईं। अगर यात्रियों की संख्या बढ़ती है तो हल्द्वानी के लिए बसें बढ़ाई जाएंगी। हालांकि, बसों की संख्या घटाने व बढ़ाने का फैसला यात्रियों की उपलब्धता पर निर्भर करेगा।

कई बसों में ई-मशीनों ने दिया धोखा 

छह महीने बाद रोडवेज की बसें देहरादून से दिल्ली रवाना हुईं तो पहले दिन कुछ दिक्कतों का सामना भी करना पड़ा। छह से ज्यादा बसों की ई-टिकट मशीनें धोखा दे गईं। हालांकि 20-30 मिनट में मशीनें चालू हो गईं। इसके अलावा एक ड्राइवर ने बस के टायर की शिकायत की। हालांकि, टायर चेक करने के बाद बस रवाना कर दी गई। मंडलीय प्रबंधक सीपी कपूर ने कहा कि ई-टिकट मशीनों में सर्वर डाउन व सॉफ्टवेयर अपडेशन की वजह से समय लगा। दो कंडक्टरों ने ई-टिकट मशीनों में संशोधित किराये की दरें अपडेट कराईं। दोपहर बाद यह समस्या दूर हो गई थी।

बढ़ा किराया वापस, अब सीटें भरने की मशक्कत
सरकारी के निर्देश के बाद रिस्पना पुल स्थित टैक्सी स्टैंड पर पर्वतीय व लोकल रूटों पर चलने वाली टैक्सी-जीप का बढ़ा किराया वापस हो गया है। इसके चलते बुधवार को यात्रियों की कमी के कारण अधिकांश टैक्सी, मैक्स देरी से निकलीं।

दून गढ़वाल ट्रैकर जीप कमांडर कल्याण एवं संचालन समिति के सचिव राजेश कुमार कश्यप ने कहा कि बुधवार को ऋषिकेश, हरिद्वार, कोटद्वार कि चंबा जैसे लोकल रूट पर 25 जीप रवाना हुईं। पर्वतीय रूट पर 10 जीप ही भेजी जा सकीं। कश्यप ने कहा कि अब पूर्व की तरह कम किराया लिया जा रहा है।

इसलिए पूरी सीटें भरे बिना जाना घाटे का सौदा है। बुधवार को जीप के लिए  एक घंटे तक सवारियों का इंतजार करना पड़ा। पाबौ, पैठाणी जैसे कई ऐसे पर्वतीय रूटों पर यात्री ही नहीं मिल रहे हैं।