इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों में इस वर्ष नहीं बढ़ेगी फीस, योगी सरकार का बड़ा फैसला

इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों में इस वर्ष नहीं बढ़ेगी फीस, योगी सरकार का बड़ा फैसला

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने छात्र हित में प्रदेश के सभी इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों में इस साल फीस में बढ़ोतरी नहीं करने का एक बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों और पॉलिटेक्निक संस्थानों में शैक्षिक सत्र 2021-22 में फीस नहीं बढ़ाई जाएगी। इस बड़े फैसले से एकेटीयू से लगभग 750 इंजीनियरिंग कॉलेज और प्राविधिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश से संबद्ध निजी क्षेत्र के 1247 डिप्लोमा स्तरीय और 19 अनुदानित संस्थाओ में पढ़ने वाले छात्र छात्रओ को इसका लाभ मिलेगा।

सचिव (प्राविधिक शिक्षा) आलोक कुमार ने बताया कि कोरोना महामारी को देखते हुए इस बार फीस बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। जो फीस पिछले शैक्षिक सत्र 2020-21 में निर्धारित की गई थी, वही इस साल भी ली जाएगी। प्राविधिक शिक्षा विभाग के इस फैसले से करीब चार लाख विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिल गई है।


उत्तर प्रदेश के 750 इंजीनियरिंग कॉलेजों में अलग-अलग 60 हजार रुपये से लेकर 1.20 लाख रुपये वार्षिक फीस है। वहीं 1,371 पॉलिटेक्निक संस्थानों में 10 हजार रुपये से लेकर 45 हजार रुपये तक सरकारी व निजी पॉलिटेक्निक संस्थानों की फीस निर्धारित है। सभी इंजीनियरिंग व पॉलिटेक्निक संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि वह पिछले वर्ष तय की गई फीस ही इस सत्र में भी लें। अगर कोई संस्थान इससे अधिक फीस वसूलेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


प्राविधिक शिक्षा विभाग के सचिव आलोक कुमार ने ट्वीट कर यह जानकारी दी है। प्रदेश में 1247 पॉलिटेक्निक कॉलेज व 750 इंजीनियरिंग कॉलेज हैं और 17 अनुदानित संस्थाओं के विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा। पिछले वर्ष भी कोरोना संक्रमण के कारण फीस वृद्धि पर रोक लगाई थी। इसे चालू शैक्षिक सत्र में भी जारी रखा जाएगा। इस सत्र में फीस 2020-21 के सत्र की ही मान्य होगी।


गोरखपुर में बोले सीएम योगी, देश को संकट से उबारने के लिए है RSS की पहचान

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पहचान देश को संकट से उबारने वाले संगठन की है। संघ ने हमेशा ही देश और समाज को जोड़ने का कार्य किया है। जब देश पर कोई संकट आया है, संघ के स्वयंसेवक उसे दूर करने के लिए सबसे पहले आगे आए हैं। इसलिए हर मंच से देश के विकास में संघ की भूमिका तारीफ की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री गोरखपुर में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गुरु पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

आरएसएस के गुरु पूजन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने देश के विकास में संघ की भूमिका पर की चर्चा

कोरोना के देशव्यापी संकट की चर्चा करते हुए उससे पार पाने में मुख्यमंत्री ने संघ के योगदान को याद किया। कहा कि कोरोना की पहली और दूसरी दोनों लहर के दौरान संघ के स्वयंसेवक जरूरतमंदों तक पहुंचे और हर स्तर पर उनकी सेवा की। यहां तक कि राशन, दवा आदि का इंतजाम भी किया। क्वारंटाइन सेंटर बनाकर संक्रमितों की सेवा की। आधे घंटे के संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान में हिंदुओं की हो रही दुर्दशा की चर्चा भी की। कहा कि वहां खासतौर से दलितों को प्रताड़ित करने की लगातार सूचनाएं आ रही हैं। इसे लेकर उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधा।


देश और समाज को जोड़ने का काम कर रहा संघ, कोरोना काल में पेश की सेवा की मिसाल

कहा कि ऐसे मामलों में विपक्ष की खामोशी समझ में नहीं आती। उन्होंने विपक्ष को ऐसी देशद्रोही भावना से उबरने की सलाह दी। इस अवसर पर उन्होंने स्थापना काल से संघ के महत्व और योगदान पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने पूरे विधि-विधान से गुरुपूजा की। अंत में प्रसाद का वितरण भी हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रांत संघचालक पृथ्वीराज सिंह ने की । इस अवसर पर प्रांत प्रचारक सुभाष, सह प्रांत संघचालक डा. महेंद्र अग्रवाल, आत्मा सिंह, प्रांत संपर्क प्रमुख अरुण प्रकाश मल्ल, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष डा. धर्मेंद्र सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह, विधायक फतेह बहादुर, विपिन सिंह आदि मौजूद रहे।


जल्द मिलेगा भव्य राम मंदिर में दर्शन का अवसर

अयोध्या में जन्मभूमि पर बन रहे भव्य राम मंदिर का भी मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में जिक्र किया। कहा कि मंदिर निर्माण की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है। जन्मभूमि पर जल्द भव्य मंदिर में रामलला का दर्शन के अवसर लोगों को मिलेगा। निश्चित रूप से यह मंदिर पूरी दुनिया के लिए आस्था का केंद्र बनेगा।


मंदिर पहुंच सीएम ने की गुरु आराधना

इसके पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार की दोपहर बाद गोरखनाथ मंदिर पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्होंने सबसे पहले बाबा गोरखनाथ के दरबार में हाजिरी लगाई और फिर अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ के समाधि स्थल पर जाकर उनका आशीर्वाद लिया। बुधवार की शाम उन्होंने मंदिर से जुड़ी संस्थाओं के जिम्मेदारी की बैठक बुलाई और जरूरी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्य की प्रगति की भी जानकारी हासिल की उसमें बेहतरी को लेकर अपने सुझाव दिए। मुख्यमंत्री ने महायोगी गुरु गोरखनाथ विश्वविद्यालय के लोकार्पण समारोह की तैयारियों की समीक्षा भी की।