उत्तर प्रदेश

जलशक्ति विभाग द्वारा आयोजित समारोह में चर्चा के लिए तय की गई है ये सात थीम 

16 और 17 फरवरी को लखनऊ में राष्ट्र के जलनीतिकार एकत्र होंगे. पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय की सचिव विनी महाजन के नेतृत्व में सभी प्रदेशों के जलशक्ति विभाग के प्रमुख सचिव और निदेशक उपस्थित होंगे. वे अपने-अपने प्रदेशों में किए जा रहे कामों के बारे में चर्चा करेंगे. इस चर्चा के दौरान जीवनस्रोत जल के संरक्षण के लिए नीति तैयार की जाएगी, जिससे ताकि आने वाली पीढ़ियों को साफ जल मिले और जल का भंडार अक्षय रहे.

यूपी की योगी गवर्नमेंट इस कॉन्फ्रेंस में घर तक नल से जल पहुंचाने की प्रक्रिया और उसके प्रबंधन के बारे में अपना प्रस्तुतिकरण देगी. योगी गवर्नमेंट बनने के बाद जल जीवन मिशन में देशभर के प्रदेशों का अगुआ बनकर यूपी उभरा है. यही वजह है कि योगी गवर्नमेंट की अगुआई में इस बार राष्ट्र के सबसे बड़े जल सम्मेलन की मेजबानी का अवसर यूपी को दिया गया है.

स्वच्छ हिंदुस्तान मिशन और जल जीवन मिशन पर होगी चर्चा 
16 और 17 फरवरी को भिन्न-भिन्न विषयों पर जलशक्ति विभाग की नीतियों के वाहक अपने विचार रखेंगे. वे बताएंगे कि जल जीवन मिशन के अनुसार उन्होंने अपने-अपने प्रदेश में क्या किया है. इसके अतिरिक्त परियोजनाओं को जमीन पर उतारने के दौरान जो चुनौतियां सामने आईं, उन पर भी बात होगी. वार्ता का यह सिलसिला 17 फरवरी को भी जारी रहेगा. इस चर्चा के बाद जल संरक्षण, जल वितरण और इससे जुड़ी नीतियों पर आम राय बन सकती है, जिसे पूरे राष्ट्र में लागू किया जाएगा.

चर्चा के लिए तय की गई है सात थीम
जलशक्ति विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में चर्चा के लिए सात थीम तय की गई है. पहले दिन उद्घाटन के बाद वॉश यानी, वॉटर, सेनिटेशन और हाइजीन पर चर्चा होगी. सभी प्रदेशों के ब्यूरोक्रेट्स और इन विभागों से जुड़े दूसरे अधिकारी इन विषयों पर वार्ता के रास्ते किसी नीति की तरफ बढ़ेंगे जबकि परिचर्चा के दौरान एक सत्र सिर्फ़ इस दिशा में किए गए बेहतर कामों को साझा करने के लिए आरक्षित रखा गया है. इससे अभिनव प्रयोगों के बारे में लोग एक दूसरे के बारे में जान सकेंगे.

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