लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया मे हुआ य6ह बड़ा परिवर्तन, जाने खबर

लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया मे हुआ य6ह बड़ा परिवर्तन, जाने खबर

लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में तीन साल से कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया ठप थी. सैकड़ों पदों पर होने वाली भर्ती में सिर्फ एक पद के एडवरटाईजमेंट का संशोधन जारी कर दिया गया.

 आरोप है कि अफसरों ने चेहते इकलौती कर्मी को प्रमोशन देने के लिए सीधी भर्ती का पद भरने के लिए परिवर्तन किया है. ऐसे में चिकित्सा एजुकेशन मंत्री ने संबंधित प्रकरण पर ब्याेरा तलब किया है. मंत्री के ओएसडी अनिल बाजपेयी ने यह दावा किया है.

दरअसल, लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में साल 2016 में गैर शैक्षणिक संवर्ग के 456 पद मंजूर किए गए. इसका साल 2017 में एडवरटाईजमेंट निकला. एक लाख से अधिक युवाओं ने तय शुल्क अदा कर आवेदन किया. बीजेपी सरकार आते ही भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है. अभ्यर्थियों का करोड़ों का आवेदन शुल्क अभी डंप है. इन पदों पर जल्द ही दोबारा आवेदन मांगे जा सकते हैं. तीन साल से ठप प्रक्रिया पर बुधवार को लोहिया संस्थान की निदेशक द्वारा एक संशोधन एडवरटाईजमेंट निकाला गया. इसमें साल 2017 की प्र क्रिया में शामिल सिर्फ एक पद मेडिकल रिकॉर्ड ऑफीसर (सेंट्रल रिकॉर्ड सेक्शन) को प्रशासनिक कारणों का हवाला देकर विज्ञापित पदों से कम कर दिया गया. ऐसे में आरटीआइ कार्यकर्ता मनीष मिश्रा ने मुख्यमंत्री, चिकित्सा एजुकेशन मंत्री, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सा एजुकेशन महानिदेश को शिकायत की थी. इसमें सिर्फ एक पद काे कम करने पर सवाल खड़े किए. शिकायतकर्ता के मुताबिक इस पद पर भर्ती के लिए पूर्व में एडवरटाईजमेंट निकाला चुका है. लिहाजा, तमाम बेरोजगार युवा शुल्क जमा कर आवेदन कर चुके हैं. ऐसे में उनको दरिकनार कर एक चहेते कर्मी के प्रमोशन के लिए पद हटाने का आरोप है. यदि कर्मी संबंधित पद की योग्यता रखता है तो वह भी भर्ती प्रक्रिया से दावेदारी करे. ऐसे में लोहिया संस्थान में तैनात चिकित्सा एजुकेशन मंत्री सुरेश खन्ना के ओएसडी अनिल बाजपेयी ने बोला कि मुद्दा मंत्री के संज्ञान में आया है. सिर्फ एक ही पद को लेकर एडवरटाईजमेंट क्यूं बदला गया.

ऐसी क्या इमरजेंसी थी. सभी पदों पर भर्ती संबंधी निर्णय अभी होना बाकी है. ऐसे में सारे प्रकरण पर संस्थान प्रशासन से जवाब मांगा गया है. वहीं कार्यवाहक निदेशक डाक्टर नुजहत हुसैन ने गुरुवार को बोला कि सीएमएस और लीगल सेल की सिफारिश पर संशोधित एडवरटाईजमेंट निकाला गया. सीएमएस डाक्टर राजन भटनागर ने बोला कि नियम के अनुसार कर्मचारी के प्रमोशन के लिए एडवरटाईजमेंट में परिवर्तन किया गया है.