यूपी विधानसभा में हुई CAA को लेकर इन दो नेताओ में जमकर नोकझोंक, पढ़े

यूपी विधानसभा में हुई CAA को लेकर इन दो नेताओ में जमकर नोकझोंक, पढ़े

गुरुवार को नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर विधानसभा में संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना व नेता विरोधी दल रामगोविंद चौधरी के बीच जमकर नोकझोंक हुई। सुरेश खन्ना ने सीएए में किसी भारतीय का नुकसान न होने का दावा करने हुए चौधरी को खुली चुनौती दी

कि इससे किसी भी भारतीय को हानि सिद्ध कर दें तो मैं त्याग पत्र दे दूंगा अन्यथा आप त्याग पत्र दे देना। चौधरी ने खन्ना की चुनौती स्वीकारने के बजाए सीएए विरोधी आंदोलन में पुलिस द्वारा पीड़ितों को समाजवादी सरकार आने पर पेंशन दिलाने की बात कह कर माहौल गर्मा दिया।

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि विधानसभा में प्रश्नकाल के बाद माहौल उस समय बिगड़ा जब बजट पर वित्त और संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना द्वारा दिए उत्तर पर विपक्ष रिएक्शन दे रहा था। नेता विरोधी दल रामगोविंद चौधरी ने बोला कि वित्त मंत्री उनके सवालों का सीधा जवाब नहीं दे पाए तो खन्ना ने तंज किया कि कोई नेता विरोधी दल के कानों में से रुई निकाल दे क्योंकि ठीक बात इनको सुनवाई नहीं देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को विकास से सरोकार नहीं है। सीएए के विरोधियों को उकसा कर समाज बांटने का कार्य किया जा रहा है। सीएए विरोधियों को पेंशन देने की बात करते हैं।

इस मुद्दे को लेकर रामगोंविद चौधरी ने आगे बोला कि आपातकाल में कारागार जाने की पेंशन तो आप भी पा रहे है, मैं भी पा रहा हूं। संविधान ने अपनी बात कहने का हक सभी को दिया है। अब कोई समस्या रख रहा है तो कठिनाई किस बात की है? सपा की सरकार में पीड़ितों को पेंशन दिलाएंगे। चौधरी के जवाब से बिफरे खन्ना ने बोला कि हम लुटिया चोरी में कारागार नहीं गए। लोकतंत्र की रक्षा के आंदोलन में शामिल थे उसे सीएए विरोध से जोड़ना उचित नहीं है। खन्ना यहीं नहीं ठहरें, उन्होंने बोला कि सीएए को लेकर सपा, कांग्रेस पार्टी जनता को भ्रमित कर समाज तोड़ने में लगी है। सीएए के किसी भी भारतीय का नुकसान नहीं हो रहा। आप सिद्ध कर दें तो मैं त्याग पत्र दे दूंगा अन्यथा आप दे देना। उन्होंने सपा पर तानाशाही फैलाने का आरोप भी लगाया। उधर नेता प्रतिपक्ष ने सीएए में मुस्लिमों को शामिल नहीं करने पर एतराज जताया।