यूपी के बांदा जिले में एक मेहनतकश ने की खुदखुशी, जाने कारण

यूपी के बांदा जिले में एक मेहनतकश ने की खुदखुशी, जाने कारण

यूपी के बांदा जिले में बिसंडा थाना क्षेत्र के ओरन कस्बे के एक मेहनतकश ने बेरोजगारी से परेशान होकर कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. 

ओरन पुलिस चौकी के प्रभारी उपनिरीक्षक सुल्तान सिंह ने मंगलवार को बताया कि सोमवार दोपहर कस्बे के कमासिन मार्ग में रहने वाले मेहनतकश सितार प्रजापति (35) का मृत शरीर तालाब के किनारे लगे एक पेड़ से फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला है. 

उन्होंने बताया कि मेहनतकश के पिता रामदीन के अनुसार उनका बेटा मिस्त्री का कार्य किया करता था लेकिन पिछले दो माह से कोई कार्य न मिलने से बेरोजगार था. इसी बेरोजगारी से परेशान होकर उसने संभवत यह कदम उठाया है. इंस्पेक्ट ने बताया कि मृत शरीर को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है व घटना की विस्तृत जाँच की जा रही है. 
 

झारखंड में भी एक युवक ने कुछ दिन पहले बेरोजगारी की वजह से लगाई थी फांसी : 

लॉकडाउन में बेरोजगार होकर आर्थिक तंगी झेल रहे 43 वर्षीय एक युवक ने पत्नी के साथ झगड़ा के बाद पलास के पेड़ से फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी. यह घटना मसलिया के अजमेरी गांव में हुई. थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि अजमेरी गांव के शंकर महतो प्रातः काल करीब साढ़े सात बजे अजमेरी काली मंदिर के दक्षिणी व जोरिया के पास एक पलास के पेड़ में रस्सी के सहारे फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली. उन्होंने बताया कि मृतक शंकर महतो का अपनी पत्नी के साथ आर्थिक तंगी एवं घरेलू समस्याओं को लेकर बराबर झगड़ा-झंझट हुआ करता था. शंकर महतो देवघर में मजदूरी कर अपने परिवार का किसी प्रकार भरण-पोषण किया करता था, परंतु पिछले दो महीने से लॉकडाउन के कारण घर में बैठ जाने के कारण उसके घर में भूखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई थी. जिसको लेकर बीते रात पत्नी के साथ झगड़ा हुई थी. शंकर महतो के आत्महत्या से उनकी पत्नी एवं पांच वर्षीय एक बेटी सड़क पर आ गई है. शंकर महतो ही परिवार का एक मात्र कमाऊ मेम्बर था. पुलिस ने डेड बॉडी का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसके परिजनों को सौंप दिया. इस मुद्दे में पुलिस ने यूडी केस दर्ज की है.