दसवीं के अंक के आधार पर प्रोन्नत होंगे जेल में निरुद्ध इंटरमीडिएट के बंदी

दसवीं के अंक के आधार पर प्रोन्नत होंगे जेल में निरुद्ध इंटरमीडिएट के बंदी

यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा स्थगित होने के बाद प्रदेश के जेलों में निरुद्ध बंदी, जिन्होंने इस बार परीक्षा के लिए आवेदन किया था वह भी प्रोन्नत होंगे। हालांकि इनको प्रोन्नत करने का आधार व्यक्तिगत (प्राइवेट) परीक्षार्थियों की तरह ही होगा।

बोर्ड ने संयुक्त शिक्षा निदेशक मांगा था प्रस्ताव

बोर्ड ने इसके लिए संयुक्त शिक्षा निदेशक गोरखपुर मंडल से जेल में निरुद्ध बंदियों को प्रोन्नत करने के आधार को लेकर प्रस्ताव मांगा था। जिसे जेडी कार्यालय द्वारा भेज दिया गया है।

हाईस्कूल के बंदियों को आंतरिक मूल्यांकन के आधार मिलेगी प्रोन्नति

बताया जा रहा है कि हाईस्कूल के बंदियों को प्रोन्नत करने के लिए परीक्षाफार्म भरने वाले स्कूलों के आंतरिक मूल्यांकन को आधार बनाया जा सकता है वहीं इंटर के बंदियों को हाईस्कूल के अंकों के आधार पर प्रोन्नत करने काे प्रस्ताव में शामिल किया गया है। वर्तमान में प्रदेश के जेलों में 163 बंदी हैं, जिन्होंने इस वर्ष बोर्ड परीक्षा के लिए आवेदन किया था। इनमें हाईस्कूल के 73 व इंटर के 90 बंदी शामिल हैं।


ऐसे प्रोन्नत होंगे व्यक्तिगत छात्र

बोर्ड से जुड़े सूत्रों के अनुसार फिलहाल व्यक्तिगत (प्राइवेट) परीक्षा फार्म भरने वाले विद्यार्थियों के पिछली कक्षा के अंकों का रिकार्ड यदि नहीं है तो उन्हें बिना औसत अंक दिए ही प्रोन्नत किया जाएगा। उनके अंकपत्र पर प्रोन्नत लिखा होगा। इसी तरह इंटरमीडिएट परीक्षा में पत्राचार, कृषि वर्ग, व्यावसायिक वर्ग व इंटर की समकक्षता के लिए सिर्फ हिंदी विषय की परीक्षा में शामिल होने वाले जेल में निरुद्ध बंदी, जिन्हें कक्षा 11 में पंजीकरण कराने से छूट है, उन्हें भी बिना अंक के प्रोन्नत किया जाएगा।


बोर्ड ने जेल में निरुद्ध हाईस्कूल व इंटर के बंदियों को प्रोन्नत करने को लेकर प्रस्ताव मांगा था। जिसे तैयार कर भेज दिया गया है। इस पर अंतिम फैसला बोर्ड द्वारा लिया जाएगा।


गोरखपुर में बोले सीएम योगी, देश को संकट से उबारने के लिए है RSS की पहचान

गोरखपुर में बोले सीएम योगी, देश को संकट से उबारने के लिए है RSS की पहचान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पहचान देश को संकट से उबारने वाले संगठन की है। संघ ने हमेशा ही देश और समाज को जोड़ने का कार्य किया है। जब देश पर कोई संकट आया है, संघ के स्वयंसेवक उसे दूर करने के लिए सबसे पहले आगे आए हैं। इसलिए हर मंच से देश के विकास में संघ की भूमिका तारीफ की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री गोरखपुर में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गुरु पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

आरएसएस के गुरु पूजन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने देश के विकास में संघ की भूमिका पर की चर्चा

कोरोना के देशव्यापी संकट की चर्चा करते हुए उससे पार पाने में मुख्यमंत्री ने संघ के योगदान को याद किया। कहा कि कोरोना की पहली और दूसरी दोनों लहर के दौरान संघ के स्वयंसेवक जरूरतमंदों तक पहुंचे और हर स्तर पर उनकी सेवा की। यहां तक कि राशन, दवा आदि का इंतजाम भी किया। क्वारंटाइन सेंटर बनाकर संक्रमितों की सेवा की। आधे घंटे के संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान में हिंदुओं की हो रही दुर्दशा की चर्चा भी की। कहा कि वहां खासतौर से दलितों को प्रताड़ित करने की लगातार सूचनाएं आ रही हैं। इसे लेकर उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधा।


देश और समाज को जोड़ने का काम कर रहा संघ, कोरोना काल में पेश की सेवा की मिसाल

कहा कि ऐसे मामलों में विपक्ष की खामोशी समझ में नहीं आती। उन्होंने विपक्ष को ऐसी देशद्रोही भावना से उबरने की सलाह दी। इस अवसर पर उन्होंने स्थापना काल से संघ के महत्व और योगदान पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने पूरे विधि-विधान से गुरुपूजा की। अंत में प्रसाद का वितरण भी हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रांत संघचालक पृथ्वीराज सिंह ने की । इस अवसर पर प्रांत प्रचारक सुभाष, सह प्रांत संघचालक डा. महेंद्र अग्रवाल, आत्मा सिंह, प्रांत संपर्क प्रमुख अरुण प्रकाश मल्ल, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष डा. धर्मेंद्र सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह, विधायक फतेह बहादुर, विपिन सिंह आदि मौजूद रहे।


जल्द मिलेगा भव्य राम मंदिर में दर्शन का अवसर

अयोध्या में जन्मभूमि पर बन रहे भव्य राम मंदिर का भी मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में जिक्र किया। कहा कि मंदिर निर्माण की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है। जन्मभूमि पर जल्द भव्य मंदिर में रामलला का दर्शन के अवसर लोगों को मिलेगा। निश्चित रूप से यह मंदिर पूरी दुनिया के लिए आस्था का केंद्र बनेगा।


मंदिर पहुंच सीएम ने की गुरु आराधना

इसके पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार की दोपहर बाद गोरखनाथ मंदिर पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्होंने सबसे पहले बाबा गोरखनाथ के दरबार में हाजिरी लगाई और फिर अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ के समाधि स्थल पर जाकर उनका आशीर्वाद लिया। बुधवार की शाम उन्होंने मंदिर से जुड़ी संस्थाओं के जिम्मेदारी की बैठक बुलाई और जरूरी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्य की प्रगति की भी जानकारी हासिल की उसमें बेहतरी को लेकर अपने सुझाव दिए। मुख्यमंत्री ने महायोगी गुरु गोरखनाथ विश्वविद्यालय के लोकार्पण समारोह की तैयारियों की समीक्षा भी की।