सुल्तानपुर में सड़क हादसे में मारे गए युवक के परिजनों से मिली सांसद मेनका गांधी

सुल्तानपुर में सड़क हादसे में मारे गए युवक के परिजनों से मिली सांसद मेनका गांधी

कूरेभार थाना क्षेत्र के गुप्तारगंज के नीलकंठ का पुरवा में सुशील मिश्रा के बेटे के मृत्यु पर सांसद मेनका गांधी उनके घर पहुंची और परिजनों को ढ़ांढस बंधाया. दरअसल बुधवार को स्वर्गीय सुशील मिश्रा के घर के इकलौते चिराग अयांश की मृत्यु हो गई थी. जिससे 85 वर्ष की बूढ़ी दादी और मां का सहारा छिन गया था. सांसद ने परिजनों से मिलकर शोक संवेदना प्रकट किया.

इस दौरान उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए हर संभव सहायता का भरोसा दिया. मेनका गांधी ने बोला कि मेरी प्रयास रहती है कि मैं आपके दुःख-सुख में शामिल रहूं. मैं एक अच्छी सांसद से बढ़कर आपकी मां के रूप में सेवा करने आती हूं.इसके बाद एसडीएम से टेलीफोन पर वार्ता कर तुरन्त हर संभव सहायता देने के लिए कहा.

बता दें कि मंगलवार को आयुष गुप्तारगंज बाजार से साइकिल से घर वापस जा रहा था. इसी बीच सुल्तानपुर से यात्रियों को लेकर अयोध्या की तरफ जा रही अनुबंधित रोडवेज बस सामने से आ रहे बाइक सवार को बचाने के चक्कर में अनियंत्रित हो गई. जिसकी चपेट में आकर साइकिल सवार आयुष मिश्रा गंभीर रूप से घायल हो गया. उसे जिला चिकित्सालय से गंभीर हालत में ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर किया गया था. जहां बुधवार को उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई थी.

मृतक आयुष के घर पहुंची सांसद मेनका गांधी.

पिता और छोटे भाई की पहली जा चुकी है मौत
आयुष के पिता सुशील मिश्र की वर्ष 2014 में फूड प्वाइजनिंग से नागपुर में मृत्यु हो गई थी. अभी परिवार इस सदमे से पूरी तरह उबर भी नहीं सका था कि उनके छोटे बेटे पीयूष की कुछ वर्ष पहले दिमागी बुखार से मृत्यु हो गई. परिवार में ले देकर सुशील मिश्र का बड़ा बेटा आयुष मिश्रा (21) बचा था. जो 85 वर्ष की बूढ़ी दादी और मां सुनीता देवी के साथ रहता था. कम उम्र में आयुष पूजा-पाठ करके परिवार का पालन पोषण करता था. लेकिन उसकी मृत्यु होने से परिवार का सहारा छिन गया.