विकास दुबे के गांव बिकरू पहुंची विशेष जाँच दल एसआईटी

विकास दुबे के गांव बिकरू पहुंची विशेष जाँच दल एसआईटी

कानपुर में आठ पुलिसवालों की हत्याकांड से संबंधित सभी पहलुओं की जाँच के लिए विशेष जाँच दल (एसआईटी) रविवार प्रातः काल विकास दुबे के गांव बिकरू पहुंच गई. एसआईटी टीम के पहुंचने से पहले ही कानपुर के डीएम व एसएसपी गांव पहुंचे. यूपी सरकार ने अपर मुख्य सचिव संजय भूस रेड्डी की अध्यक्षता में विशेष जाँच दल गठित किया है.

बिकरू गांव पहुंची जाँच दल में एडीजी हरेराम शर्मा, डीआईजी जे रवींद्र गौड़ शामिल हैं. एसआईटी टीम यहां घटना के कारणों की पड़ताल से लेकर एनकाउंटर तक के बिंदुओं की जाँच कर रही है. जाँच दल के पहुंचने से पहले मौके पर पहुंचे डीएम डाक्टर ब्रह्मदेवराम तिवारी व एसएसपी दिनेश कुमार पी ने उस स्थल का फिर दौरा किया जहां घटना के बाद एनकाउंटर में विकास दुबे के दो लोग मारे गए थे. घटना में शामिल दोनों आठ पुलिसवालों की मर्डर के बाद से फरार हो गए थे. इनके पास से पुलिस को लूटे गए असलहे बरामद हुए थे. बिल्हौर तहसील के एसडीएम व तहसीलदार भी बिकरू गांव पहुंच गए हैं.

एक आयोग का गठन होने कि सम्भावना है
एसआईटी को घटना से जुड़े विभिन्न बिन्दुओं के साथ ही गहन अभिलेखीय एवं स्थलीय जाँच करते हुए 31 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट शासन को उपलब्ध करानी होगी. यह भी चर्चा है कि इस प्रकरण की तह तक जाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार एक आयोग का गठन कर सकती है.

इन प्रमुख मुद्दों पर जाँच करेगी एसआईटी- 

  • घटना के पीछे के कारणों जैसे विकास दुबे पर जो भी मुद्दे चल रहे हैं, उनमें अब तक क्या कार्रवाई हुई.
  • विकास के साथियों को दिलाने के लिए महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई या नहीं. जमानत रद्द कराने के लिए क्या कार्रवाई की गई.
  • विकास के विरूद्ध कितनी शिकायतें आईं? क्या चौबेपुर थाना अध्यक्ष व जिले के अन्य अधिकारियों ने उनकी जाँच की.
  • विकास व उसके साथियों पर गैंगस्टर एक्ट, गुंडा एक्ट, एनएसए के तहत क्या कार्रवाई की गई? कार्रवाई करने में की गई लापरवाही की भी जाँच की जाएगी.
  • विकास व उसके साथियों के पिछले एक वर्ष में कॉल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) की जाँच करना.
  • विकास के सम्पर्क में आने वाले पुलिसवालों की मिलीभगत के सबूत मिलने पर उन पर कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा करना.
  • घटना के दिन पुलिस को आरोपियों के पास हथियारों व फायर पावल की जानकारी कैसे नहीं मिली.
  • इसमें हूई लापरवाही की जाँच करना, थाने को भी इसकी जानकारी नहीं थी, इसकी भी जाँच करना.
  • अपराधी होने के बावजूद भी विकास व उसके साथियों को हथियारों के लाइसेंस किसने व कैसे दिए.