NCZCC में चल रहे राष्ट्रीय शिल्प मेले में नृत्य पेश करतीं कलाकार

NCZCC में चल रहे राष्ट्रीय शिल्प मेले में नृत्य पेश करतीं कलाकार

जबलपुर के तंबूर भजन गायक मनीष अग्रवाल ने बुधवार की शाम को अंगना पधारो महारानी मोरी शारदा भवानी को सुरों से सजाया तो पूरा पंडाल भक्तिमय हो गया. इतना ही नहीं, राम भजन ‘‘ कोयलिया बोली रे…के बोल पर विरह के भावों पर थिरकन की तिहाई लगाकर फिजा सुरमयी शाम में लय-ताल का अनूठा रस घोल दिया.

राष्ट्रीय शिल्प मेले का मुक्ताकाशी मंच देशभर की लोककलाओं का संगम करा रहा है.

देवी भजन गाकर समा बांध दिया्र

इसके बाद कबीर पंथी, निर्गुण, देवी भजन गाकर समा बांध दिया.एनसीजेडसीसी का मुक्ताकाशी मंच पर बुधवार की शाम लोक संगीत के नाम ऐसे ही अद्भुत क्षणों के साथ परवान चढी. मनीष अग्रवाल ने जब मंच संभाला तो दर्शक दीर्घा से अंगना अंगना पधारों जयघोष के साथ उनका जोरदार स्वागत हुआ. उन्होंने दर्शकों के मांग पर बहुत बढ़िया गीतों की प्रस्तुति दी. देर रात तक दर्शक उनके गीतों पर झूमते रहे. सांस्कृतिक संध्या की शुरूआत पाडंवानी गायन से होती है, जिसमें महाभारत में भीम एवं दुर्योधन के बीच हुए युद्ध का बड़े सुन्दर ढंग से गायन के माध्यम से बताया गया.

घूमर नृत्य ” बलमा मोरे लागी नज़रिया” ने मंत्र मुग्ध किया

इसके बाद कार्यक्रम की अगली कड़ी में हरियाणा का घूमर नृत्य ” बलमा मोरे लागी नज़रिया” ने लोगों को मंत्र मुग्ध कर दिया, इस नृत्य के द्वारा बताय गया कि जब किसान की फसल तैयार हो जाती है और वह अपनी फसल को बेचकर घर वापस आता है तो उसकी घरवाली कई चीजों की फरमाईस करती है. उसके बाद होली के अवसर पर किया जाने वाला फाग नृत्य जिसमें देवर और भाभी के संवाद को इस नृत्य के माध्यम से पेश किया गया. वही असम के कलाकारों ने बिहू लोकनृत्य की प्रस्तुति दी जिसे दर्शकों ने खूब सराहा.

12 को होगी सारेगामापा के विजेजा हेमन्त बृजवासी होंगे आकर्षण

एनसीजेडसीसी के निदेशक प्रो सुरेश शर्मा ने बताया कि 1 से 12 दिसंबर तक चलने वाला राष्ट्रीय शिल्प मेले के समाप्ति अवसर पर सारेगामापा और राइजिंग स्टार के विजेता हेमंत बृजवासी की प्रस्तुति होगी इसके अतिरिक्त पद्मश्री पं राम दयाल शर्मा के निर्देशन में नौटंकी सुल्ताना डाकू का भी मंचन मुक्ताकाशी मंच पर किया जाएगा कार्यक्रम का संचालन अतुल यादव ने किया.