मौत की खबर मिलते ही समस्तीपुर के माहे सिंघिया में मचा कोहराम

मौत की खबर मिलते ही समस्तीपुर के माहे सिंघिया में मचा कोहराम

दिल्ली के अनाज मंडी स्थित फिल्मिस्तान में फैक्ट्री में लगी आग में समस्तीपुर के आठ से ज्यादा लोगों की जान चली गई. आठ लोगों के मरने की खबर मिलते ही जिले के सिंघिया थाना क्षेत्र के हरिपुर और ब्रह्मपुरा गांव में कोहराम मच गया. जिधर देखो उधर ही चीख पुकार सुनने को मिली. बताया जा रहा है कि समस्तीपुर जिले के सिंघिया प्रखंड के हरिपुर और ब्रह्मपुरा गांव के 15 से 20 लोग दिल्ली की फिल्मिस्तान फैक्ट्री में मजदूरी का काम करते थे.

इस भीषण अग्निकांड के बाद समस्तीपुर जिले के रहने वाले किसी ने अपना बेटा खोया तो किसी ने अपना पति तो किसी बच्चे ने अपने पिता को खो दिया है.
समस्तीपुर जिले के आठ लोगों की हुई है मौत

मो. साजिद, 22 वर्ष, पिता- मो. मोहसिन हरिपुर


 
मो. सदरे आलम, 30 वर्ष, पिता- मो. मंसूर हरिपुर


 
मो. साजिद, 25 वर्ष, पिता- उल्फत, हरिपुर


 
मो. वाजिद, 18 वर्ष, पिता- उल्फत, हरिपुर


 
मो. मन्नान, 25 वर्ष, हरिपुर


 
मो. अकबर, 20 वर्ष, पिता- मो. रज्जाक हरिपुर

मो. महबूब, 15 वर्ष, पिता- मो. इदरिस, ब्रह्मपुरा

मो. अताबुस, 18 वर्ष, पिता- मो. हसन, हरिपुर

समस्तीपुर के सिंघिया से थे 25 मजदूर

दिल्ली की इस फैक्ट्री में समस्तीपुर जिले के सिंघिया प्रखण्ड के हरिपुर और ब्रह्मपुरा गांव से 25 मजदूर काम करने गये थे. कुछ तो 8 वर्षों से वहां काम कर रहे थे तो कुछ लोग एक वर्ष पूर्व या तीन महीने पहले ही रोजी रोटी के लिए काम करने गये थे.


 
फुलहारा के पंचायत समिति सदस्य मोहम्मद मुजीबुल का कहना है कि दिल्ली फैक्ट्री में आग लगने की जानकारी सुबह 5 बजे मिली. हम लोग मोबाइल खोल कर देखे तो व्हाट्सएप से पता चला कि किस फैक्ट्री में आग लगी है. उसमें हमारे गांव के लोग मजदूरी का काम कर रहे थे. रात मे वे लोग जब से गए तब आग लग गई जिसमें फसने के कारण वे लोग मर गए.


 
आगे उन्होंने बताया कि रविवार को दिन में तीन बजे में मालूम चला कि कौन-कौन मर गए. 25 लोग मजदूरी करने गये थे जिसमें 11 लोगों की मरने की खबर है. जो लोग नहीं मिल रहे है उनके भी मरने की ही खबर मानेंगे. 8 लोगों को पुलिस वालों ने मृत होने की खबर दी है.

मृतकों के परिजनों शव को समस्तीपुर भेजने की मांग

दिल्ली के अनाज मंडी फिल्मीस्तान में समस्तीपुर के 8 लोगों के मरने की खबर मिलने के बाद परजिनों ने केंद्र और दिल्ली सरकार से शव को समस्तीपुर के सिंघिया भेजने की मांग की है ताकि मरने वालों के लाश को उनके पैतृक गांव के कब्रिस्तान में दफन किया जा सके.