यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के आदेश पर शासन ने सभी प्रवासी श्रमिकों के लिए किया यह बड़ा काम

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के आदेश पर शासन ने सभी प्रवासी श्रमिकों के लिए किया यह बड़ा काम

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के आदेश पर शासन ने सभी प्रवासी श्रमिकों को 1000 रुपये का भुगतान करने व उन्हें कच्ची खाद्य सामग्री की किट उपलब्ध कराने का आदेश दिया है. अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार ने सोमवार को इस बारे में सभी मंडलायुक्तों व जिलाधिकारियों को शासनादेश जारी कर दिया है.

प्रवासी श्रमिकों की विषम स्थिति को देखते हुए यूपी की योगी सरकार ने उन्हें 1000 रुपये का भुगतान करने का फैसला लिया है. इसके लिए जिले में प्रवासी श्रमिकों के पहुंचने के बाद जिला प्रशासन उनका बैंक खाता संख्या प्राप्त करने के बाद भुगतान की कार्यवाही करेगा. जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रवासी श्रमिकों के बारे में इकत्रित की गई सभी सूचनाएं सत्यापित हों व उनमें किसी प्रकार की गलती न हो. इसकी पूरीजिम्मेदारी जिलाधिकारी की होगी.

लाभार्थियों को दी जाने वाली सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी. यदि किसी पात्र लाभ पाने वाले का बैंक खाता नहीं है तो अहमियत के आधार पर उसका खाता खुलवा कर भुगतान की प्रक्रिया की जाएगी. जिलाधिकारी को वितरित की गई धनराशि की सूचना व लाभार्थियोंकी संख्या आदि का विवरण ग्राम्य विकास, नगर विकास और श्रम विभाग तथा राहत आयुक्त ऑफिस को भेजना होगा. प्रवासी श्रमिकों में से जो निर्माण श्रमिकों के रूप में दर्ज़ किए गए होंगे, उनका भुगतान श्रम विभाग यूपी भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के माध्यम से करेगा. जिलाधिकारियों को 31 मई तक सभी पात्र श्रमिकों की सूची 31 तैयार कर उनका पूरा विवरण बैंक खाता सहित राहत आयुक्त ऑफिस की वेबसाइट पर अपलोड कराना होगा.

उत्तर प्रदेश शासन ने उन सभी प्रवासी श्रमिकों को खाद्य सामग्री की किट देने का भी आदेश दिया है जो आश्रय स्थल या ट्रांजिट कैंप के माध्यम से अपने घरों को भेजे गए हों या किसी कारणवश सीधे अपने घर चले गए हों. इस किट का वितरण हर प्रवासी श्रमिक या उसके परिवार को केवल एक बार किया जाएगा. जो प्रवासी श्रमिक आश्रय स्थल पर खाद सामग्री की किट न पाए हों, उन्हें उनके घर पर यह किट जरूरी रूप से उपलब्ध कराई जाएगी. जिलाधिकारी सुनिश्चित करेंगे कि प्रत्येक ऐसे श्रमिक या उसके परिवार को, जिसे यह किट दी जा रही है, उसका मोबाइल नंबर राहत आयुक्त ऑफिस की वेबसाइट पर या प्रवासी रात मित्र एप के माध्यम से जरूरी रूप से दर्ज किया जाए. किट का वितरण केवल पात्र व्यक्तियों को किया जाएगा.