उत्तर प्रदेश

Noida : एक महीने से कुणाल के अपहरण की साजिश रच रहे थे आरोपी

उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क  आरोपी एक महीने से कुणाल के किडनैपिंग की षड्यंत्र रच रहे थे उन्होंने पुलिस से बचने और मृतशरीर को ठिकाने लगाने के लिए आरोपियों ने कई वेब सीरीज देखी थीं एक वेब सीरीज से उन्हें पता चला था कि मृतशरीर पर हत्यारा के फिंगर प्रिंट रह जाते हैं, जिससे वे पकड़े जा सकते हैं इसके चलते उन्होंने कुणाल के मृतशरीर को डेटॉल से धोया इसके बाद नग्न हालत में मृतशरीर को नहर में फेंक दिया

कारोबारी कृष्ण शर्मा के बेटे कुणाल की किडनैपिंग के बाद मर्डर के मुद्दे में आरोपियों के पकड़े जाने पर पूछताछ में कई चौंकाने वाली बात सामने आई है दरअसल, आरोपियों से पुलिस पूछताछ में पता चला है कि वह करीब एक महीने से कुणाल के किडनैपिंग की षड्यंत्र रचने में जुटे थे इसके लिए आरोपियों ने सोशल मीडिया का सहारा लिया, कई वेब सीरीज देखीं आरोपियों का मकसद घटना को अंजाम देने के बाद सबूत मिटाना और पुलिस से बचाना था जब वे संतुष्ट हो गए कि अब वे पकड़े नहीं जा सकते तो उन्होंने पूरी षड्यंत्र के साथ इस घटना को अंजाम दिया किडनैपिंग और मर्डर के लिए उन्होंने फिल्मी कहानी और वेब सीरीज की सारे ढंग अपनाए किडनैपिंग करने के तुरंत बाद कुणाल के मुंह और हाथ टेप से कवर किए जिस वाहन का इस्तेमाल किया, उस पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई, ब्लैक फिल्म चिपकाई और स्टीकर लगाया इसके बाद मृतशरीर को ठिकाने लगाने के लिए ब्रीफकेस में रखा, ताकि कहीं पकड़े जाएं

डेटॉल से शरीर को साफ किया आरोपी अपने मकसद में सफल भी होते गए बुलंदशहर की नहर पर जाने के बाद उन्होंने कुणाल के कपड़े उतारे और फिंगर प्रिंट मिटाने के लिए उसके शरीर को डेटॉल से साफ किया इसके बाद नग्न हालत में मृतशरीर को नहर के बहते पानी में धकेल दिया इसके बाद वह वापस नोएडा लौटे और यहां आकर एक नाले में कुणाल के मोबाइल को फेंक दिया कपड़े एक डस्टबिन में भर दिए इतना ही नहीं, आरोपियों ने अपने कपड़े भी बदले और उन सभी को छिपा कर रख दिया एक हफ्ते तक आरोपी अपनी प्लानिंग में सफल रहे

मनोज और हिमांशु का व्यवसायी कृष्ण से लेन देन को लेकर टकराव था, लेकिन कुणाल और तन्वी बिना वजह फंस गए हिमांशु की दोस्ती की वजह से दोनों हत्याकांड में शामिल हुए दोनों ने घटना में बराबर की किरदार निभाई

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