उत्तर प्रदेश के मथुरा में राहत कोष में दान देने के  नाम पर किया गया यह बड़ा फर्जीवाड़ा

 उत्तर प्रदेश के मथुरा में राहत कोष में दान देने के  नाम पर किया गया यह बड़ा फर्जीवाड़ा

कोरोना वायरस से लड़ने के लिए  मुख्यमंत्री राहत कोष में बहुत ज्यादा लोग दान दे रहे हैं. इसी बीच कुछ लोग इस राहत कोष में दान देने के  नाम पर फर्जीवाड़ा करने में भी पीछे नहीं हट रहे हैं. 

ऐसा हीएक मुद्दा उत्तर प्रदेश के मथुरा में सामने आया. यहां कुछ लोगों ने चेक के साथ सोशल मीडिया में फोटो पोस्ट कि की उन्होंने एक लाख रुपये दान किए हैं. इसके बाद बाद इस बात की जाँच हुई तो मुद्दा फर्जी निकला. वहीं कुछ लोगों ने  दो लाख व एक-एक लाख रुपए चेक के माध्यम से मुख्यमंत्री कोष में दिए जाने का दावा किया था. इनमें से एक ने तो दो लाख के चेक की फोटो कॉपी के साथ जिलाधिकारी को लेटर भी भेजा था. 

अधिकारियों को इस बात की जानकारी हुई कि कुछ लोग जिलाधिकारी को फर्जी चेक जमा कराए हैं तो इस मुद्दे की जाँच हुई.  जिलाधिकारी ने इसकी जाँच डिप्टी कलेक्टर राजीव उपाध्याय से कराई. डिप्टी कलेक्टर ने उक्त तीनों चेकों के विषय में संबंधित बैंकों में जाकर पड़ताल की तो पता चला कि चेकों वाले खातों से कोई धनराशि हस्तांतरित नहीं की गई है. इससे स्पष्ट हो गया कि इन लोगों ने चेक द्वारा दान दिए जाने का झूठा दावा किया था. इस मुद्दे में डिप्टी कलेक्टर ने दीपक गौड़, राजकुमार रावत व विभोर गौतम के खिलाफ थाना कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है.