बाराबंकी हादसे के बाद योगी सरकार ने बस चालकों के लिए बदले नियम

बाराबंकी हादसे के बाद योगी सरकार ने बस चालकों के लिए बदले नियम

बाराबंकी हादसे के बाद योगी सरकार (UP Government) ने उत्तर प्रदेश में प्राइवेट बस सर्विस (Private Bus Service) वालों के लिए नियम बदल दिए हैं. यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए योगी सरकार ने नौ बिंदुओं वाला प्लान तैयार किया है। जिसमें बस चालकों के लिए कड़े नियम का निर्णय है. नए प्लान के अनुसार बस ऑल उत्तर प्रदेश परमिट हो या ऑल इंडिया परमिट, यदि उसका एक वर्ष के भीतर पांच से अधिक चालान कटता है तो उसका परमिट रद्द कर दिया जाएगा. शनिवार को परिवहन निगम मुख्यालय पर प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में आरटीओ और एनएचएआई के अफसरों के साथ मीटिंग हुई. मीटिंग में सीएम की ओर से यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर दिए गए सुझाव पर प्लान तैयार करके उसी आधार से आगे की कार्रवाई करने के लिए आदेश दिए गए.


प्लान के अनुसार, परिवहन विभाग और एनएचएआई के ऑफिसर यात्रियों की सुरक्षा पुख्ता करेंगे. ओवरलोड यात्रियों को ढोने वाले बस चालकों पर कठोर कार्रवाई होगी. बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले ड्राइवरों के डीएल भी निलंबित हो जाएंगे. इस बैठक में प्रमुख सचिव आरके सिंह, परिवहन आयुक्त धीरज साहू, विशेष सचिव परिवहन डाक्टर अखिलेश कुमार मिश्रा, एनएचएआई के परियोजना निदेशक एनएन गिरी समेत उप परिवहन आयुक्त परिक्षेत्र समेत आरटीओ और एआरटीओ औनलाइन उपस्थित रहे.


प्लान के मुताबिक होंगे यह बदलाव


- पांच बार से अधिक बार चालान कटने पर रद्द होगा परमिट


- बार-बार ट्रैफिक निमय तोड़ने वाले ड्राइवरों का डीएल निलंबित होंगे.


- इंटरसेप्टर से बस रोकने और ब्रेथ एनलॉइजर से शराबी ड्राइवर पकड़े जाएंगे.


- थाने फुल हों तो परिवहन निगम के डिपो में बंद की जाएंगी डग्गामार बसें.


- पुलिस थानों में बंद कबाड़ वाहनों की नीलामी करने को कमेटी बनेगी.


- गैर कानूनी बसों को सीमा में प्रवेश करने और बाहर पर चेकिंग करके धरपकड़ होगी.


- ऐसी बसों को चलाने वाली एजेंसियों के विरूद्ध भी कार्रवाई का प्रावधान है.


- टोल प्लाजा से ओवरलोड वाहनों की सूची प्रतिदिन परिवहन विभाग को भेजेंगे.


- बसों के फिटनेस में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट मौजूद कराएंगे.


- हर 40 किलोमीटर पर पेट्रोलिंग, एंबुलेंस और रिकवरीयान मौजूद कराएंगे.


बाराबंकी हादसे वाली बस के कटे थे 32 बार चालान


यूपी के बाराबंकी में बीते दिनों रामसनेहीघाट थाना क्षेत्र की कल्याणी नदी के पुल पर भीषण सड़क एक्सीडेंट हुआ था जिसमें 19 की मृत्यु हो गई थी. जाँच में सामने आया है कि जो बस हादसे की शिकार हुई है उसका पहले भी 32 बार चालान काटा जा चुका था. साथ ही अंतरराज्यीय बसों के संचालन पर प्रतिबंध होने के बावजूद यह बस पंजाब से वाया उत्तर प्रदेश बिहार जा रही थी. मुद्दे में आरटीओ ने बस के हाईवे पर घंटों खड़े रहने को लेकर एनएचएआई के ऑफिसरों के विरूद्ध कम्पलेन दर्ज कराई.


धर्मेन्द्र प्रधान से स्थिति की स्पष्ट, CM योगी के नेतृत्व में लड़ा जाएगा विधानसभा चुनाव

धर्मेन्द्र प्रधान से स्थिति की स्पष्ट, CM योगी के नेतृत्व में लड़ा जाएगा विधानसभा चुनाव

उत्तर प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के चुनावी चेहरा तथा नेतृत्व को लेकर चुनाव प्रभारी धर्मेन्द्र प्रधान ने शुक्रवार को स्थिति स्पष्ट कर दी। भाजपा प्रदेश मुख्यालय में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव प्रभारी धर्मेन्द्र प्रधान ने बड़ा बयान दिया।

नरेन्द्र मोदी सरकार में शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि 2022 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा। सीएम योगी आदित्यनाथ ही उत्तर प्रदेश में भाजपा का चेहरा होंगे। प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ही भाजपा की तरफ से मुख्यमंत्री का चेहरा होंगे। प्रधान ने कहा कि भाजपा ने फिलहाल तय किया है कि अपना दल तथा निषाद पार्टी के साथ गठबंधन में 2022 का विधानसभा चुनाव लड़ा जाएगा। इसके साथ ही अन्य दलों से भी वार्ता जारी है। 2022 में भाजपा सहयोगी दलों के साथ मिलकर पीएम मोदी व सीएम योगी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं के दम पर चुनाव लड़ेगी।


प्रधान ने कहा कि पीएम नरेन्द्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ पर जनता का अटूट भरोसा है। 2022 में उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से भाजपा व सहयोगी दलों की सरकार बनेगी। सरकार व संगठन के काम व समन्वय के कारण हम जीतेंगे। हम सभी समाज और समुदाय को साथ लेकर चुनाव लड़ेंगे। भाजपा ने इस बीच में बहुत सारी राजनीतिक ताकत को अपने साथ जोड़ा है। इसी दौरान ही हमने सारा चुनाव का ताना बाना बुना है।