मुजफ्फरपुर के शेल्टर होम केस में आज इंसाफ का दिन

मुजफ्फरपुर के शेल्टर होम केस में आज इंसाफ का दिन

मुजफ्फरपुर के शेल्टर होम केस में आज इंसाफ का दिन है. शेल्टर होम की 30 नाबालिगों के साथ यौन शोषण के मामले में दिल्ली की साकेत कोर्ट आज गुरुवार को फैसला सुना सकता है. इस केस के मुख्य आरोपी शेल्टर होम के संचालक बृजेश ठाकुर हैं. उस पर पॉक्सो समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था.

बृजेश ठाकुर के अलावा मुजफ्फरपुर के शेल्टर होम में काम करने वाले कर्मचारी और सामाजिक कल्याण विभाग के अधिकारी सहित 20 लोग आरोपी हैं.

विवाद की शुरुआत पिछले साल फरवरी, 2018 में तब हुई जब टाटा इंस्टीट्यूट सोशल साइंस की टीम द्वारा मुजफ्फरपुर शेल्टर होम को लेकर तैयार ऑडिट रिपोर्ट बिहार के समाज कल्याण विभाग को दी गई.

42 में से 34 बच्चियों से दुष्कर्म

टाटा इंस्टीट्यूट सोशल साइंस की रिपोर्ट के आधार पर ही मुजफ्फरपुर शेल्टर होम में रह रही बच्चियों को पटना और मोकामा के साथ अन्य बालिका गृह में ट्रांसफर किया गया और साथ ही अनियमितता को लेकर एफआईआर दर्ज की गई थी. लेकिन इस मामले में पिछले साल हड़कंप तब मचा जब मेडिकल रिपोर्ट में 42 में से 34 बच्चियों से दुष्कर्म की पुष्टि हो गई.

दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद यह मामला इतना बढ़ गया कि सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद इस पूरे मामले को ही बिहार से दिल्ली ट्रांसफर कर दिया गया.

23 फरवरी से सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 23 फरवरी से इस मामले की साकेत कोर्ट में नियमित सुनवाई चल रही थी. सुप्रीम कोर्ट ने छह महीने में ट्रायल पूरा करने का निर्देश दिया था. सितंबर में साकेत कोर्ट ने इस पूरे मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था.

इससे पहले मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले में साकेत कोर्ट को पिछले महीने 14 नवंबर को अपना फैसला सुनाने वाली थी, लेकिन कोर्ट के मुताबिक वकीलों की हड़ताल के चलते आरोपियों को कोर्ट में नहीं लाया जा सकता, इसलिए फैसले को टाल दिया गया.