एफमैक ने मीट एट आगरा में चाइना की कंपनियों के प्रवेश पर लगाई रोक

एफमैक ने मीट एट आगरा में चाइना की कंपनियों के प्रवेश पर लगाई रोक

आगरा के जूता निर्यातकों द्वारा चाइना को झटका देने की तैयारी कर ली गई है. आगरा फुटवियर मैन्यूफैक्चर्स एंड एक्सपोर्ट चैंबर (एफमैक) ने मीट एट आगरा में चाइना की कंपनियों के प्रवेश पर रोक लगा दी है. इस कदम से चाइना को औसतन 400 करोड़ रुपये का नुकसान होगा. 


प्रोग्राम का इस साल 14 वां संस्करण होगा, यह तीन दिवसीय प्रोग्राम अक्तूबर के अंत में होगा. मशीन व कंपोनेंट्स की देश संसार से लगभग 225  कंपनियां शामिल होती हैं. जिसमें ताईवान, इटली, जर्मनी के अतिरिक्त चाइना से करीब 20 कंपनियां भाग लेती हैं. मौजूदा हालातों को देखते हुए इस बार एफमैक ने चाइना को न बुलाने का फैसला लिया है. 
संस्था ने न बुलाने का लिया निर्णय

एफमैक के अध्यक्ष पूरन डावर ने बताया कि इन हालातों में संस्था ने चाइना को न बुलाने के निर्णय लिया है. इससे चाइना का औसतन 400 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित होगा. उपाध्यक्ष राजेश सहगल मे बोला कि जो दशा बीते कुछ दिनों में बने हैं, उससे ये फैसला लेना महत्वपूर्ण था. बाकी आगे की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा.

इसमें सरकार का समर्थन जरूरी

संस्था के उपाध्यक्ष गोपाल गुप्ता ने बोला कि इस समय रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर ध्यान होना चाहिए. इसमें सरकार का समर्थन आवश्यक है. तभी हम मौके का लाभ ले पाएंगे. 

- 150 जूता निर्यात इकाइयां हैं शहर में
- 3375 करोड़ रुपये का निर्यात
- 80 प्रतिशत यूरोपियन राष्ट्रों में आपूर्ति

उधर, यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने चाइना को झटका दिया है. कानपुर व आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए चाइना की कंपनी को अयोग्य माना है. मेट्रो ट्रेन बनाने का ठेका बॉम्बार्डियर इंडिया कंपनी को दिया गया है. इस कंपनी के गुजरात स्थित प्लांट से आगरा व कानपुर मेट्रो ट्रेनों की सप्लाई की जाएगी, जो ‘मेक इन इंडिया ’ मुहिम को मजबूती देगी.