घायल जवानों को लेकर बेस तक पहुंचाने वाली फ्लाइंग आफिसर गुंजन सक्सेना की जांबाजी अब पर्दे पर देखेगा संसार

 घायल जवानों को लेकर बेस तक पहुंचाने वाली फ्लाइंग आफिसर गुंजन सक्सेना की जांबाजी अब पर्दे पर देखेगा संसार

कारगिल युद्ध में पाकिस्तानी गोलीबारी के बीच अग्रिम मोर्चों से घायल जवानों को लेकर बेस तक पहुंचाने वाली फ्लाइंग आफिसर गुंजन सक्सेना की जांबाजी अगले महीने रूपहले पर्दे पर संसार देखेगी.

 इस जांबाज महिला फ्लाइंग आफिसर पर बनी फिल्म 'गुंजन सक्सेना : द कारगिल गर्ल 12 अगस्त को नेट फ्लिक्स पर रिलीज होगी. बेटी के पराक्रम पर आधारित इस फिल्म के रिलीज होने की सूचना मिलने पर पिता कर्नल (अवकाशप्राप्त) एके सक्सेना ने बोला कि गुंजन पर हमको गर्व है.

लखनऊ के सरोजनीनगर निवासी कर्नल एके सक्सेना की बेटी महिला फाइटर पायलट गुंजन सक्सेना ने सन 1999 में कारगिल युद्ध में अपने पराक्रम का परिचय दिया था. उस युद्ध में पहली बार किसी महिला फाइटर पायलट ने कमान संभाली थी. लगातार 20 दिनों तक फ्लाइंग आफिसर गुंजन सक्सेना ने विषम दशा में दुश्मनों की भारी गोलीबारी के बीच कारगिल में चीता हेलीकॉप्टर से उड़ान भरी थी. युद्ध में घायल जवानों को दुश्मनों के बेहद करीब से उठाकर हेलीपैड तक पहुंचाने में कई बार गुंजन ने मृत्यु का सामना किया. गुंजन की बहादुरी ने कई जवानों की जान बचायी. इस युद्ध के करीब 20 वर्ष बाद 201 में लखनऊ में गुंजन सक्सेना : द कारगिल गर्ल की शूटिंग प्रारम्भ हुई. कैप्टन मनोज पांडेय उत्तर प्रदेश सैनिक स्कूल को फिल्म में एयरबेस दिखाया गया है. अभिनेत्री जान्हवी कपूर गुंजन की किरदार में नजर आएंगी.

साथ कमीशंड हुए थे भाई और बहन

सन 1996 में फ्लाइंग अधिकारी के रूप में गुंजन सक्सेना ने शॉर्ट सर्विस से जबकि उनके भाई कर्नल अंशुमान सक्सेना ने एनडीए से कमीशंड हासिल किया था. सन 1999 में गुंजन व अंशुमान दोनों ह कारगिल क्षेत्र में तैनात थे. अंशुमान जीओसी के एडीसी थे व कारगिल युद्ध के एक बड़े हिस्से में प्लानिंग कर रहे थे. जबकि गुंजन सक्सेना की यूनिट 199 में श्रीनगर बेस पर थी. गुंजन उधमपुर से ऑपरेशन कर रही थीं. जिस पर कारगिल में गोलीबारी प्रारम्भ हुई उस समय फ्लाइंग अधिकारी गुंजन सक्सेना ही थीं, जिनको सारे इलाके की जानकारी थी. गुंजन सक्सेना ने साल 2004 में वायुसेना से सेवानिवृत्ति ले ली थी. गुंजन के पति भी वायुसेना की हेलीकॉप्टर यूनिट के फ्लाइंग आफिसर हैं.

लेकिन मां की हसरत न हुई पूरी

गुंजन सक्सेना के ज़िंदगी पर बन रही फिल्म देखने की हसरत मां कीर्ति सक्सेना को भी थी. लेकिन पिछले वर्ष आठ अक्टूबर को उनका निधन हो गया. दादाजी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे व ब्रिटिश शासन में वे आजादी के आंदोलन के दौरान कारागार गए.