पूछताछ के दौरान हुआ खुलासा कानपुर के विकास दुबे के साथी गोपाल सैनी ने बिकरू काण्ड की रात की थी ताबड़तोड़ फायर

पूछताछ के दौरान हुआ खुलासा कानपुर के विकास दुबे के साथी गोपाल सैनी ने बिकरू काण्ड की रात की थी ताबड़तोड़ फायर

कानपुर के विकास दुबे के साथी गोपाल सैनी को पुलिस एक दिन की रिमांड पर पूछताछ के लिए लाई थी. इस दौरान उसके पास से एक डबल बैरल बंदूक बरामद कर ली है. इसके लाइसेंस धारक के विरूद्ध शस्त्र अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की है.

एसपी ग्रामीण बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि गोपाल सैनी ने रिमांड के दौरान पूछताछ में बताया कि बिकरू काण्ड की रात वह पुलिस पर डबल बैरल से ताबड़तोड़ फायर कर रहा था. भागते वक्त पड़ोसी गांव भीटी के जंगल में डबल बैरल को झाड़ियों में छिपा दिया था. पुलिस ने जंगल से बंदूक बरामद कर ली. जाँच में सामने आया कि डबल बैरल बंदूक एफआईआर में नामजद जहान सिंह यादव के नाम है. इसके चलते जहान सिंह के विरूद्ध चौबेपुर थाने में शस्त्र अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. पूछताछ में गोपाल ने भी अन्य की तरह 50 से 60 राउंड गोलियां पुलिस पर दागने की बात कही. पूछताछ के बाद उसे दोबारा कारागार में दाखिल कर दिया गया.

पहला असलहा लाइसेंस किया गया निरस्त
बिकरू काण्ड के बाद पहला असलहा लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है. डीएम न्यायालय ने सुनवाई के बाद चौबेपुर थाने के भीटी गांव निवासी रवींद्र कुमार की राइफल का लाइसेंस निरस्त कर दिया. वहीं, विकास दुबे के फंड मैनेजर समेत 27 के निलंबित असलहा लाइसेंस निरस्त करने पर सुनवाई चल रही है.  

बिकरू मुद्दे से जुड़े लोगों के असलहा लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं. इनमें से अकेले कारपेंटर रवींद्र कुमार ही डीएम न्यायालय के समक्ष पेश हुआ. बाकी सभी के एडवोकेट आ रहे हैं. रवींद्र ने न्यायालय को बताया कि उसने शौक में राइफल का लाइसेंस लिया था. विकास दुबे से कोई लेना-देना नहीं है. विकास दबंगई दिखाकर गांव और इर्द-गिर्द के लोगों की राइफल व असलहें अपने पास रखता था. इसी से परेशान होकर 2019 में राइफल को असलहा दुकान में जमा करा दिया था. अभी तक वहीं जमा है. असलह का लाइसेंस विकास दुबे ने ले लिया था. 

जय बाजपेई का आपराधिक इतिहास तलब
डीएम न्यायालय में विकास दुबे के फंड मैनेजर जय बाजपेई के रिवाल्वर लाइसेंस के निरस्तीकरण को लेकर लगातार सुनवाई चल रही है. उस पर कई मुद्दे पहले से व कई बिकरू काण्ड के बाद दर्ज हुए हैं. डीएम न्यायालय ने एसएसपी और बजरिया पुलिस से जय बाजपेई का इतिहास दोबारा मांगा है, जिससे उसके असलहा लाइसेंस की निरस्तीकरण रिपोर्ट पर कार्रवाई की जा सके.