कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को लिखी यह बड़ी चिट्ठी

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को लिखी यह बड़ी चिट्ठी

कांग्रेस महासचिव ने  (uttar pradesh) के सीएम  को चिट्ठी लिखकर कोरोना काल पर कुछ सुझाव दिए हैं।  (Priyanka Gandhi ) ने अपनी चिट्ठी में छोटे व्यापारियों, मध्यम वर्ग, संविदाकर्मियों व किसानों की बात की है। उन्होंने संकट के समय में लोगों पर आर्थिक बोझ कम करने का भी सुझाव दिया है।  

निम्न व मध्यम वर्ग को मिले राहत 
महासचिव ने घर के कर्ज़ पर लगने वाली ब्याज दर को शून्य  करने व EMI जमा करने की बाध्यता को अगले 6 महीने तक स्थगित करने का सुझाव दिया है।   एजुकेशन मित्र, आशा बहनों, आंगनबाड़ी कर्मियों, सेवकों व अन्य संविदा कर्मियों को प्रोत्साहन राशि भी देने की बात उन्होंने चिट्ठी में की है। बुनकरों, दस्तकारों के हर परिवार को हर महीने 12 हज़ार रुपये की क्षतिपूर्ति के साथ बिजली का बिल माफ करने का सुझाव भी प्रियंका ने दिया है।  

किसानों की मदद करे सरकार 
ने लेटर में लिखा है कि किसानों के लिए बिजली की बढ़ी हुई दरें चिंता का विषय बनी हुई हैं।   ऐसे में किसानों के चार महीनों के ट्यूबवेल व घर के बिजली बिल माफ करने का सुझाव चिट्ठी में दिया गया है। उन्होंने  किसानों के कर्ज़ पर भी चार महीने का ब्याज माफ करने, क्रेडिट कार्ड व अन्य कर्ज़ पर कटी हुई आर-सी रोकने, पेनल्टी व ब्याज माफ करने का सुझाव दिया है। फसलों की खरीद की गारंटी व सभी भुगतान तुरंत करने की भी बात चिट्ठी में की गई है।  

उद्योग-धंधों की भी बात 
ने लेटर में लिखा है कि छोटे व मंझोले उद्योग प्रदेश की आर्थिक रीढ़ हैं। लेटर में महासचिव ने सीएम से विनती की है कि छोटे मंझोलों उद्योगों का बैंक कर्ज़ माफ किया जाए व इनके बिजली के बकाया बिलों पर भी उदारतापूर्वक विचार कर उन्हें राहत देने की घोषणा की जाए। लेटर में उन्होंने  के चिकनकारी, हैंडलूम, बुनकर, काँच उद्योग, पीतल उद्योग, फ़र्नीचर उद्योग, चमड़े का उद्योग, होजरी उद्योग, डेयरी, मिट्टी बर्तन उद्योग, फिशरी, अन्य घरेलू व लघु उद्योगों पर भी विचार करने की बात लिखी है।  

सीएम योगी के पिता के निधन पर जताया शोक 
ने अपने लेटर की आरंभ में ही  के पिता के देहांत पर दुख जताया है क्योंकि इस दुखद घटना के बाद उन्होंने  को पहला लेटर लिखा है। लेटर का अंत उन्होंने ये कहते हुए किया है कि यह सिर्फ उनके व्यापार और परिवार की भलाई की बात नहीं नहीं है बल्कि  की के लिए भी जरूरी है क्योंकि ये प्रदेश के आर्थिक ज़िंदगी के मज़बूत स्तंभ हैं। इन्हें सम्भालने के लिए हमें व आपको आगे आना ही होगा.