योगी सरकार द्वारा कॉलेज व यूनिवर्सिटी के सिलेबस में होगा बदलाव

 योगी सरकार द्वारा कॉलेज व यूनिवर्सिटी के सिलेबस में होगा बदलाव

कोरोना महामारी (Coronavirus Pandemic) से पूरा देश जूझ रहा है, ऐसे में तमाम लोगों की नौकरियों पर भी खतरा मंडरा रहा है। तमाम प्राइवेट कंपनियों की हालत भी खस्ता हो रही है। 

पर योगी सरकार इन परिस्थितियों में प्रदेश के युवाओं के लिए रोज़गार के मौका पैदा करने में लगी हुई है। योगी सरकार की प्रयास है कि युवाओं में ऐसी योग्यता पैदा की जाए जिससे युवा नौकरी सीकर के बजाय 'जॉब प्रोवाइडर' बनें। इसके लिए कॉलेज और यूनिवर्सिटीज़ में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के सिलेबस में परिवर्तन करने की योगी सरकार की योजना है।

कॉलेज व यूनिवर्सिटी के सिलेबस में होगा बदलाव
इसके लिए योगी सरकार ने कॉलेज व यूनिवर्सिटीज़ के सिलेबस में परिवर्तन करने की योजना बनाई है। योगी सरकार महाविद्यालयों व विश्वविद्यालयों के सिलेबस में 'स्टार्ट-अप' को नए विषय के रूप में जोड़ना चाहती है। इससे युवाओं को स्वरोज़गार की दिशा में बढ़ने में मदद मिलगी। युवा जॉब खोजने के बजाय खुद का कार्य स्टार्ट कर पाएंगे व कई अन्य लोगों को भी जॉब पर रखने में सक्षम हो पाएंगे।

यूपी को स्टार्टअप हब बनाने की है तैयारी



युवाओं को बेहतर रोज़गार के साधन उपलब्ध कराने के लिए योगी सरकार प्रदेश को स्टार्ट अप हब बनाना चाहती है। इसके लिए प्रदेश में 10 हज़ार से भी ज्यादा स्टार्ट-अप इकाई स्थापित करने की सरकार की योजना है। वहीं योगी सरकार चाइना से अपनी इकाई को बंद करके हिंदुस्तान का रुख करने वाली कई विदेशी कंपनियों से भी लगातार सम्पर्क कर रही है ताकि उन्हें यूपी में लाया जा सके। इससे भी युवाओं के लिए रोज़गार के मौका बढ़ेंगे।

उत्तर प्रदेश स्टार्टअप फंड में सरकार ने दिए 15 करोड़
सरकार ने इस दिशा में बहुत ज्यादा तेज़ी से कार्य प्रारम्भ कर दिया है। इसके लिए सरकार ने उत्तर यूपी स्टार्टअप फंड में दी 15 करोड़ रुपये की पहली किश्त सौंप दी है। इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार व सिडबी के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। स्टूडेंट के अतिरिक्त बाहर से आए कामगार व श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए उत्तर प्रदेश को स्टार्टअप हब बनाने में भी सरकार जुटी हुई है।