उत्तर प्रदेश

पितृपक्ष में इन सब्जियों से करें परहेज

अयोध्या सनातन धर्म में पितृ पक्ष का माह पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए बहुत जरूरी समय माना जाता है पितृपक्ष के दौरान सनातन धर्म को मानने वाले लोग अपने पूर्वजों की कृपा प्राप्त करने को तर्पण, श्राद्ध, पिंडदान इत्यादि कर्म करके उनको प्रसन्न करते हैं बोला जाता है कि पितृपक्ष के 15 दिनों के दौरान पितृ धरती पर आते हैं यदि ऐसे में हम कोई चूक कर दें तो पितर नाराज भी हो जाते हैं

अयोध्या के मशहूर ज्योतिष पंडित कल्कि राम बताते हैं कि पितृपक्ष की आरंभ 28 सितंबर से हो रही है, जो 14 अक्टूबर तक चलेगी धार्मिक मान्यता के अनुसार पितृपक्ष के दौरान पितरों की आत्मा की शांति के लिए और उन्हें प्रसन्न करने के लिए अनेक प्रकार के तरीका किए जाते हैं पितृ पक्ष में कुछ नियम भी बताए गए हैं, जिसका पालन करने से पितृ जल्द प्रसन्न होते हैं पितृपक्ष में खास कर खाने-पीने जैसी चीजों पर विशेष ध्यान देना चाहिए

इन सब्जियों से करें परहेज
पितृपक्ष के दौरान ये सब्जियां जिसमें शकरकंद, मूली, गाजर, शलजम, चुकंदर, अरबी, सूरन इस तरह की सभी सब्जियों को खाने से परहेज करना चाहिए इसके अतिरिक्त इन सब्जियों का भोग भी नहीं लगना चाहिए और न ही पितृपक्ष के श्राद्ध भोज में इसे किसी ब्राह्मण को खिलाना चाहिए यदि आप ऐसा करते हैं तो आपके पूर्वज इससे नाराज हो सकते हैं

लहसुन-प्याज वर्जित
पितृपक्ष में लहसुन-प्याज का सेवन करने की मनाही रहता है इसे तामसिक माना जाता है पितृपक्ष के समय पूरी तरह से सादगी से रहना चाहिए भोजन भी सदा ही ग्रहण करना चाहिए लहसुन प्याज का इन दिनों में पूरी तरह से त्याग करना चाहिए

चने और मसूर दाल से रहें दूर
पितृ पक्ष में चने की दाल, चने का सत्तू, चने की मिठाई, चने से बने खाद्य पदार्थों का सेवन करना वर्जित कहा गया है चने के साथ-साथ पितृपक्ष में मसूर की दाल भी नहीं खानी चाहिए इस दौरान किसी भी चीज को कच्चा नहीं खाना चाहिए इस समय पके भोजन का ही सेवन करना चाहिए

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