उत्तर प्रदेश

परफ्यूम और इत्र के क्या आप भी हैं शौकीन,यहां मिलेंगे सभी फ्लेवर

परफ्यूम के शौकीन आमतौर पर हर कोई होता है किसी भी आयोजन या पार्टी के दौरान, अधिकतर लोग परफ्यूम का इस्तेमाल करते है महिलाएं इस मुद्दे में विशेष रुचि रखती है इसे अपनी पहचान का हिस्सा भी मानती है परफ्यूम आपके मनोदशा को ताजगी देता है और आपकी चरित्र को बढ़ावा देता है

ज्यादातर लोग लॉन्ग लास्टिंग फ्राग्नेंस को पसंद करते हैलखनऊ अपनी तहज़ीबअदब और खुशबू के लिए जानी जाती हैयहां तंग गलियों में एक ऐसी दुकान है जो अपने इत्र के कारोबार के लिए मशहूर है इस दुकान का नाम अपने आप में एक ऐतिहासिक धरोहर है जिसका इत्र का कारोबार करीब 100 वर्ष से चल रहा है

20 किलो तक के घान बनाए जाते थे
दुकान मालिक इमरान अहमद ने बोला कि पहले के समय में 10 से 20 किलो तक के घान बनाए जाते थे और बड़े बड़े रजवाड़ों और नवाबों को समान दिखाते थेउनको पसंद आता था तो एक साथ पूरा समान खरीद लेते थे, क्योंकी उनको अपनी एक पहचान बनाना होता था परफ्यूम के महक सेउन्होंने कहा ये पांचवी पीढ़ी अब दुकान संभाल रही है और ये इत्र बनाने का काम अपने बुजुर्गो से सीखा है

हर उम्र को लग खुशबू पसंद
दुकान के संचालक इमरान ने बोला कि इत्र,परफ्यूम,खुशबू का काम ही लोगों को अपने तरफ खींचना है,जो लोगो के दिल और दिमाग में दस्तक देती हैउन्होंने आगे बोला कि  इत्र मौसम के हिसाब से लगाए जाते है  हर किसी की अपनी भिन्न भिन्न पसंद होती है जैसे युवाओं में अरबी,दस्तक,मुस्कमीर,तहजीब और महिलाएं अधिक तर लाइट फ्राग्नेस पसंद करती हैसाथ ही शमामा,केवड़ा, गुलाब जैसे विभिन्न प्रकार के इत्र की अधिक बिक्री हैयहां इत्र का मूल्य 200 रुपए 10 ग्राम से प्रारम्भ होता और दर इत्र के हिसाब से बड़ता रहता है

विशेष फ्लेवर भी हैं उपलब्ध
इस दुकान की एक और खास बात यह है कि यदि किसी ग्राहक को अपने पसंद का या किसी विशेष फ्लेवर का इत्र चाहिए तो वह यहां मौजूद होता है इस दुकान का इत्र का कारोबार न सिर्फ़ लखनऊ की संस्कृति और इतिहास का हिस्सा है, बल्कि यह भारतीय इत्र उद्योग की भी पहचान है इसकी खुशबू न केवल लखनऊ की गलियों में फैली हुई है,बल्कि यह देश-विदेश में भी लोकप्रिय है

यहां है दुकान
अगर आप भी इनके यहां के इत्र खरीदना चाहते है, तो आप को आना होगा “इजहारसन परफ्यूमर्स ” अखबरी गेट,चौकआप चारबाग रेलवे स्टेशन से ऑटो कैब द्वारा सरलता से पहुंच सकते है

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