कंपकंपाती ठंड ने तोड़ दिया दिल्ली का 22 साल का रिकॉर्ड

कंपकंपाती ठंड ने तोड़ दिया दिल्ली का 22 साल का रिकॉर्ड

कंपकंपाती ठंड ने दिल्ली का 22 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अधिकतम तापमान 1997 के बाद सबसे नीचे 12.2 डिग्री सेल्सियस रहा। 1997 में यह 11.3 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। पश्चिमी हिमालय से बहने वाली सर्द हवाओं ने दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में पारे को लुढ़का दिया है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत यूपी का अधिकांश मैदानी इलाका ऐसी ही ठंड की चपेट में हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर पश्चिमी हिमालय क्षेत्र से आ रही सर्द हवाओं ने पूरे इलाके को जद में ले रखा है। उत्तर भारत में तड़के छाया घना कोहरा दिन चढऩे के साथ वातावरण में निचले स्तर के बादल (लो क्लाउड) में तब्दील हो गया। इससे सूरज की किरणें धरती पर नहीं पहुंच सकीं। इसका सीधा असर तापमान में गिरावट के तौर पर सामने आया।

दिल्ली-एनसीआर में ठंड गंभीर स्तर पर है। पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश व चंडीगढ़ का मौसम सर्द है। इन राज्यों के कुछ इलाकों में ठंड का प्रकोप ज्यादा है। बुधवार को भी सर्द हवाएं पूरे उत्तर भारत को कंपकंपाएंगी। बृहस्पतिवार को तापमान बढऩे से दिल्ली-एनसीआर के साथ हरियाणा व पंजाब में ठंड कुछ कम होगी। हालांकि, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में ठंडक बनी रहेगी।

24 घंटों में .7 डिग्री सेल्सियस लुढ़क गया तापमान

मौसम विभाग की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, बीते 24 घंटों में तापमान .7 डिग्री सेल्सियस लुढ़क गया। मंगलवार को यह 1997 के बाद सबसे ठंडा दिन रहा। मौसम विभाग के दर्ज इतिहास में दो बार अधिकतम तापमान इससे नीचे गया गया है। 1997 व 1973 की 28 दिसंबर को तापमान 11.3 डिग्री सेल्सियस गया था। मौसम विभाग के वैज्ञानिक के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में तीन दिन कड़ाके की ठंड पडऩी है। यह हालात उस वक्त बनते हैं, जब दिन का तापमान तेजी से नीचे गिरता है। शीत लहर उस वक्त चलेगी, जब रात के तापमान में भी तेजी से गिरावट आएगी। फिलहाल रात का तापमान सामान्य से दो ऊपर 10.4 डिग्री सेल्सियस है। आने वाले दिनों में इसमें भी गिरावट दर्ज की जाएगी।

दो-तीन दिन जारी रहेगा सर्दी का सितम

उत्तर भारत के कई इलाकों में अगले दो-तीन दिन घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने 18 दिसंबर के आसपास कुछ हिस्सों में हल्की बारिश का अनुमान भी जताया है। सोमवार सुबह लद्दाख के द्रास में जहां पारा शून्य से 27.2 डिग्री सेल्सियस नीचे लुढ़क गया, वहीं जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग और पहलगाम में न्यूनतम तापमान -10 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। हिमाचल प्रदेश का शिमला मौसम की ताजा बर्फबारी का गवाह बना तो राजस्थान के कई इलाके भी कड़ाके की ठंड से ठिठुरते नजर आए। उत्तराखंड के हरिद्वार, रुद्रपुर सहित अन्य क्षेत्रों में कोहरे के साथ शीतलहर का प्रकोप दिखा। विभाग ने 17 दिसंबर को भी यह स्थिति बने रहने की आशंका जताई है। 18 को पश्चिमी विक्षोभ के कारण कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने कहा कि पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड के मैदानी इलाकों समेत बिहार, झारखंड, राजस्थान और पूर्वोत्तर के कई राज्य कोहरे की चपेट में हैं।

द्रास सबसे ठंडा आवासीय क्षेत्र

मौसम विभाग के मुताबिक लद्दाख का प्रवेश द्वार कहलाने वाले द्रास में न्यूनतम तापमान -27.2 डिग्री सेल्सियस रहा। इसी के साथ यह लद्दाख का सबसे ठंडा क्षेत्र और देश का सबसे सर्द आवासीय इलाका बनकर उभरा। ज्ञात मौसम इतिहास में क्षेत्र में सबसे ज्यादा सर्दी (-60 डिग्री सेल्सियस ) नौ जनवरी 1995 को पड़ी थी। वहीं, लेह की बात करें तो वहां न्यूनतम तापमान -16.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।

घाटी में गुलमर्ग में सर्वाधिक सर्दी

उत्तरी कश्मीर में स्थित गुलमर्ग -10.2 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ घाटी का सबसे ठंडा इलाका रहा। दक्षिणी कश्मीर के पहगाम में भी पारा शून्य से दस डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। श्रीनगर में दिन और रात में तापमान भारी गिरावट के साथ क्रमश: 5.8 डिग्री सेल्सियस व 1.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। जम्मू में न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री सेल्सियस तो कटरा में 6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया।