नागरिकता संशोधन बिल के पक्ष में पड़े 311 वोट

नागरिकता संशोधन बिल के पक्ष में पड़े 311 वोट

नागरिकता संशोधन बिल लोकसभा से पास हो गया है. इस बिल के पक्ष में 311 वोट तो वहीं विरोध में 80 वोट पड़े. इस बिल पर गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में जवाब भी दिया. जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा कि भले ही दस्तावेज हो या न हो सबको नागरिकता दी जाएगी.

लोकसभा में सोमवार को अमित शाह ने नागरिकता संशोधन बिल पेश किया गया. इस बिल को लेकर विपक्ष ने जमकर विरोध किया. जिसका बाद में अमित शाह ने जवाब भी दिया. अमित शाह ने बिल का जवाब देते हुए कहा, 'जो भारत के मूल नागरिक हैं उन्हें कोई खतरा नहीं. वहीं बिल से इस देश के किसी भी मुसलमान का कोई लेना देना नहीं है. यहां का मुसलमान सम्मान से जिएगा. मोदी के पीएम रहते हुए देश का संविधान ही हमारा धर्म है.'

इसके साथ ही इस बिल को लेकर अमित शाह ने कहा, 'पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहे हैं. इन अत्याचारों पर हम मूकदर्शक नहीं बने रहेंगे. प्रताड़ित लोगों को शरण दी जाएगी. भले ही दस्तावेज हो या न हो, अधूरा हो या पूरा हो, सबको नागरिक बनाना है.'

रोहिंग्या स्वीकार नहीं

अमित शाह ने कहा, 'जो वोट बैंक के लिए घुसपैठियों को शरण देना चाहता है, हम उन्हें सफल नहीं होने देंगे. वोट के लिए घुसपैठियों को शरण देने वाले चिंतित हैं. रोहिंग्या को कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा. रोहिंग्या बांग्लादेश के जरिए भारत आते हैं.'

अमित शाह ने जवाब देते हुए कहा, 'बिल किसी भी धर्म के प्रति भेदभाव नहीं करता है. ये बिल एक सकारात्मक भाव लेकर आया है उन लोगों के लिए जो भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में प्रताड़ित है. प्रताड़ित शरणार्थी होता है, घुसपैठिया नहीं होता. बिल में संविधान के अनुच्छेद 14, 21, 25 का उल्लंघन नहीं है.'