अग्निपथ योजना के खिलाफ प्रदर्शन से सहमे हजारों रेल यात्री

अग्निपथ योजना के खिलाफ प्रदर्शन से सहमे हजारों रेल यात्री

प्रयागराज सेना भर्ती की अग्निपथ योजना को लेकर प्रारम्भ हुए विरोध प्रदर्शनों के चलते रेल यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं गर्मी की छुट्टी में घूमने और दर्शनीय स्थलों पर दर्शन जाने वाले रेल यात्रियों को प्रदर्शनों के चलते यात्रा रोकनी पड़ रही है ट्रेनों में हुई तोड़फोड़ और ट्रेनों के कैंसल होने की वजह से बड़ी संख्या में लोग टिकट कैंसल करा रहे हैं पूरी तरह से आंदोलन के खत्म ना होने की वजह से लोग अभी भी लगातार टिकट कैंसिल करा रहे हैं अब तक हजारों यात्रियों ने करोड़ों का टिकट रिफंड कराया है 17 जून को प्रारम्भ हुई हिंसा के बाद टिकट कैंसिलेशन का सिलसिला अभी तक जारी है इस बीच रेलवे को भी विद्रोहियों द्वारा रेलगाड़ियों और स्टेशनों पर तोड़फोड़ और आगजनी से काफी हानि हो चुका है

सेना भर्ती के लिए अग्निपथ योजना के विरोध में 17 जून से प्रारम्भ हुए आंदोलन के चलते अब तक पांच दिनों में उत्तर मध्य रेलवे के क्षेत्र से गुजरने वाली सवा दो सौ ट्रेनें खारिज हुई हैं ट्रेनों के खारिज होने से बड़ी संख्या में यात्री भी टिकट कैंसल करा रहे हैं नार्थ सेंट्रल रेलवे के वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी डॉ अमित मालवीय के अनुसार यात्रियों को टिकट कैंसिलेशन पर फुल रिफंड दिया जाता है यात्रियों को टिकट कैंसिलेशन और रिफंड लेने में कोई परेशानी और कठिनाई ना हो इसके लिए प्रमुख स्टेशनों पर हेल्पडेस्क बनाई गई है

इन स्टेशनों पर यात्रियों के लिए हेल्प डेस्क
उनके अनुसार प्रयागराज, आगरा, झांसी आदि स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क खोले गए हैं इन पर तैनात रेल कर्मचारी यात्रियों को रिफंड लेने में सहायता करते हैं इसके साथ ही साथ दूसरी ट्रेनों की जानकारी भी देते हैं वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी डॉ अमित मालवीय के अनुसार अग्निपथ योजना को लेकर विरोध प्रदर्शनों के चलते रेलवे स्टेशनों की भी सुरक्षा बढ़ाई गई है रेलवे स्टेशनों पर जीआरपी और आरपीएफ के साथ ही सिविल पुलिस और पीएसी की भी तैनाती की गई है स्टेशनों पर पुलिस की गश्त जारी है और फ्लैग मार्च भी किया जा रहा है, ताकि किसी अराजक स्थिति का कोई सामना ना करना पड़े

अधिकारी कहे धीरे धीरे सामान्य हो रहा ट्रेक
वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार ट्रेनों का परिचालन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है उन्होंने रेल यात्रियों और आम लोगों से अपील की है कि ऐसे किसी आंदोलन में शामिल ना हो उन्होंने बोला है कि रेल की संपत्ति को जब हानि होता है,तो यह हम सब की और देश की संपत्ति की क्षति होती है इसको किसी तरह के हानि से हम सब को नुकसान होती है वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी डॉ अमित मालवीय के अनुसार ट्रेनों में तोड़फोड़ और आगजनी के लिए जो भी लोग उत्तरदायी हैं, वीडियो फुटेज के आधार पर उनके विरूद्ध मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं उनकी गिरफ्तारी भी हो रही है उनके अनुसार नार्थ सेंट्रल रेलवे के यूपी के भीतर कोई खास तानाशाही नहीं हुई है उन्होंने बताया है कि वाराणसी से चेन्नई के लिए एक विशेष ट्रेन भी चलाई जा रही है ताकि जो फंसे हुए यात्री हैं वह अपने गंतव्य तक पहुंच सकें


UP के होमगार्ड्स के लिए बड़ी खुशखबर

UP के होमगार्ड्स के लिए बड़ी खुशखबर

 यूपी गवर्नमेंट के होमगार्ड जवानों के लिए अच्छी समाचार है जेल मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने 33 हजार होमगार्डों के भलाई में बड़ा निर्णय लिया है उन्होंने होमगार्डों की ड्यूटी भत्ते के लिए गृह विभाग पर निर्भरता खत्म कर दी है होमगार्डों का वेतन अब मूल विभाग से जारी होगा बता दें कि 25 हजार होमगार्ड गृह विभाग में और 8000 होमगार्ड डायल 112 पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं

इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश में जीवन भर जेल के कैदियों को भी राहत मिली है मंत्री ने बोला कि अब 60 साल की उम्र सीमा पूरी करना जरूरी नहीं है लोक दिवसों पर जीवन भर जेल के कैदी रिहा होंगे रिहाई के लिए 60 वर्ष उम्र पूरा करने की बंदिश समाप्त कर दी गई है बता दें कि केंद्रीय जांच एजेंसियों की न्यायालय से सजा पाए कैदी इस दायरे में नहीं आएंगे 

ड्यूटी भत्ते के लिए गृह विभाग पर निर्भरता समाप्त 
योगी गवर्नमेंट होमगार्ड होमगार्ड्स को लगातार सुविधाएं देने के कोशिश में जुटी है दूसरे कार्यकाल में गवर्नमेंट ने इस काम की आरंभ और भी तेजी से कर दी है होमगार्ड्स के जवानों को भी सुविधाएं मिलें और वे प्रदेश की शांति प्रबंध बनाने में अपना जरूरी सहयोग दे सकें इसके लिए राज्य गवर्नमेंट लगातार प्रयास कर रही है इसी क्रम में यूपी के 25000 होमगार्ड्स जो कि गृह विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और 8000 होमगार्ड्स जो डायल 112 पर तैनात हैं, उन्हें बड़ी राहत मिली है वहीं, अब इनके ड्यूटी भत्ते के लिए गृह विभाग पर निर्भरता खत्म हो गई है अब उन्हें मूल विभाग वेतन देगा 

आजीवन जेल के कैदियों को मिली राहत
यूपी में जीवन भर जेल के कैदियों को भी मिली राहत 60 साल की उम्र सीमा पूरी करना महत्वपूर्ण नहीं है वर्ष में 10 लोक दिवसों पर कैदी रिहा किए जाएंगे जेल एवं होमगार्ड्स राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार धर्मवीर प्रजापति ने यह आदेश जारी किया है इसके साथ ही उत्तर प्रदेश की नयी कारागार नीति से यूपी में बड़ी संख्या जीवन भर जेल की सजा काट रहे कैदियों को राहत मिलने जा रही है इस नयी कारागार नीति के तहत, अब जीवन भर जेल की सजा काट रहे कैदियों की रिहाई के लिए 60 वर्ष उम्र पूरा करने की बंदिश खत्म कर दी गई है

हालांकि, केन्द्रीय जांच एजेंसियों की अदालतों में जिन कैदियों को सजा मिली है, वह इस दायरे में नहीं आएंगे दरअसल, यूपी की जेलों में कैदियों की संख्या तय नियमों से अधिक है इसलिए वर्तमान जेल मंत्री यूपी गवर्नमेंट लगातार कैदियों की रिहाई और जेल सुधार की दिशा में कदम उठा रहे हैं