उत्तर प्रदेश

गाजियाबाद में युवती को डिजिटल अरेस्ट कर 47 लाख ठगे

उत्तर प्रदेश के जिला गाजियाबाद में एक महिला को डिजिटल अरेस्ट करके 47 लाख रुपए ठग लिए गए. उनके नाम का ड्रग्स से भरा एक कोरियर पैकेट आने, कारावास भेजने का डर दिखाकर ये ठगी हुई.

स्काइप पर स्क्रीन शेयरिंग करके ठगी इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के नीति खंड-एक निवासी सौम्या जिंदल ने बताया, मुझे एक अज्ञात नंबर से कॉल आई. कॉल करने वाले ने बोला कि वो फेडेक्स कोरियर कंपनी से बोल रहा है और उसको सौम्या के नाम पर अमेरिकी $ और ड्रग्स का एक पार्सल मिला है, जो उसने साइबर सेल और NCB मुंबई को ट्रांसफर कर दिया है. कॉलकर्ता ने ये भी बोला कि यदि सौम्या को ये पैकेट पाने के लिए स्वीकृति लेने की आवश्यकता होगी. इसके बाद दूसरी तरफ से सत्यापन के लिए स्काइप एप डाउनलोड करने को कहा. फिर स्काइप पर कुछ आईडी भेजी गईं. यहां से सौम्या और ठगों के बीच वीडियो कॉल प्रारम्भ हुई.

आधार कार्ड मनी लॉन्ड्रिंग के छह खातों से अटैच कहा ठगों ने सौम्या से बोला कि उनका आधार कार्ड मनी लॉन्ड्रिंग के छह खातों संग अटैच मिला है. इसलिए बैंक खाते के सत्यापन की आवश्यकता है. ठगों ने सौम्या को लगातार कैमरे पर उपस्थित रहने और लैपटॉप की स्क्रीन शेयर करने को कहा. उन्होंने सौम्या से बैंक खाते की डिटेल्स मांगी और एक वर्ष का स्टेटमेंट डाउनलोड करके प्रत्येक एंट्री को सत्यापित करने के लिए कहा. इसके बाद ठगों ने सौम्या से बैंक की यूजर आईडी और पासवर्ड देने को बोला और ऐसा न करने पर अरैस्ट कर लेने की धमकी दी.

30 लाख ट्रांसफर, 17 लाख बच गए सौम्या ने कहा कि यूजर आईडी, पासवर्ड देने के कुछ मिनट बाद ही उनके खाते से 47 लाख रुपए औनलाइन कट गए. ठगों ने ये भी बोला कि ये धनराशि केवल औनलाइन सत्यापन के लिए ली गई है. पीड़िता के मुताबिक, उन्होंने OTP शेयर नहीं किया था, लेकिन स्क्रीन शेयरिंग की वजह से ठगों ने उसको स्क्रीन पर देख लिया.

पीड़िता के मुताबिक, ठगों ने उनको इस तरह भयभीत कर दिया था कि वे लैपटॉप स्क्रीन से हट नहीं पाईं और सारी बैंकिंग डिटेल्स देती रहीं. इस ठगी के बाद सौम्या ने तुरंत बैंक में संपर्क किया. बैंक ने तुरन्त खाता फ्रीज कर दिया. सौम्या के खाते में 17 लाख रुपए रह गए, जबकि 30 लाख रुपए फ्रॉड दूसरे खातों में ट्रांसफर कर चुके थे.

गाजियाबाद की साइबर अपराध थाना पुलिस ने इस मुद्दे में अज्ञात मोबाइल नंबर और बैंक खाता नंबर के विरुद्ध IPC सेक्शन-170, 384, 420, 506 और IT एक्ट की धारा-66D में केस दर्ज कर लिया है.

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