कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही मिलेगी देश के सबसे बड़े मेले में एंट्री, इस बार 45 दिन का कल्पवास

कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही मिलेगी देश के सबसे बड़े मेले में एंट्री, इस बार 45 दिन का कल्पवास

प्रयागराज में साधना, समर्पण और संस्कृति के पर्व माघ मेला की शुरुआत गुरुवार को सूर्य के उत्तरायण होने के साथ मकर संक्रांति से हो रही है। कोरोना काल में यह देश का सबसे बड़ा मेला है। इसमें लाखों श्रद्धालु संगम तट पर आस्था की डुबकी लगाएंगे। इस बार मेले में हर श्रद्धालु को अपनी कोरोना टेस्ट रिपोर्ट लानी होगी। घाटों पर सोशल डिस्टेंसिंग के साथ स्नान की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा और संक्रमण के खतरे को देखते हुए महिला हेल्प डेस्क और कोरोना हेल्प डेस्क बनाई गई है।

भीड़ नियंत्रित करने को चुनौती मान रहा प्रशासन
संगम तट पर हर साल लगने वाले माघ मेले में करोड़ों श्रद्धालु आते हैं। तकरीबन 5 लाख साधु संत और श्रद्धालु यहां अस्थाई निवास बनाकर मकर संक्रांति से महाशिवरात्रि तक रहते हैं, जिन्हें कल्पवासी कहा जाता है। लेकिन, इस बार माघ पूर्णिमा तक ही कल्पवास की छूट दी गई है। इसलिए, इस बार कल्पवास सिर्फ 45 दिन का ही हो पाएगा। ऐसे में कोरोना काल में भीड़ को नियंत्रित करना और सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित घर वापस भेजना मेला प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। इस बार माघ मेला कोविड-19 गाइडलाइन के अनुसार कराया जा रहा है। इसलिए श्रद्धालुओं, कल्पवासियों और साधु-संतों को कोविड की निगेटिव जांच रिपोर्ट के आने के बाद मेले में प्रवेश मिलेगा। उन्हें अधिकतम तीन दिन पुरानी RT-PCR की निगेटिव रिपोर्ट लाना अनिवार्य होगी।

संक्रमित मिलने के बाद पूरे शिविर के लोग होंगे आइसोलेट
मेले में आने वाले कल्पवासियों का डेटाबेस भी तैयार किया जा रहा है। 15-15 दिनों में दो बार रैपिड एंटीजन किट से हर कल्पवासी की कोविड जांच भी कराई जाएगी। इसके अलावा शिविर में अगर एक भी श्रद्धालु की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो सभी लोगों को 15 दिन के लिए आइसोलेट भी किया जाएगा। इस बार कोविड.19 को देखते हुए मेले में अधिक भीड़ न हो, इसलिए मेले में जरूरी दुकानों को छोड़कर बाकी दुकानों पर पाबंदी रहेगी।

पूर्व में हुए माघ मेला और इस बार के आयोजन की खास बातें

पहले अब क्या
2500 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बसाया गया था मेला, जो छह सेक्टर में था। इस बार महज 675 हेक्टेयर में मेले का आयोजन किया गया है। जिसे 5 सेक्टरों में बांटा गया है।
3000 संस्थाओं ने अपना डेरा जमाया था।

इस बार इनकी संख्या एक चौथाई रह गई है। करीब 800 संस्थाओं ने कल्पवास के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है।

साधु संतों के आश्रमों के अलावा प्रवचन के बड़े-बड़े पंडाल लगे थे। इस बार पंडाल लगाने की अनुमति नहीं है। सिर्फ आश्रमों या कल्पवास के लिए पंडाल लगाया गया है।
18 स्नान घाट बनाए गए थे। कोरोना के मद्देनजर इस बार 36 स्नान घाट बनाए गए हैं।
पुलिस श्रद्धालुओं की मदद के साथ सुरक्षा देती थी। पुलिस पर लोगों के मास्क अनिवार्य रूप से पहनने और उनकी कोरोना रिपोर्ट चेक करने की अतिरिक्त जिम्मेदारी होगी।
संगम नोज पर स्नान की व्यवस्था। मेला क्षेत्र के हर सेक्टर में स्नान घाट बनाया गया है।
कल्पवासी कहीं भी स्नान कर सकते थे। कल्पवासियों को अपने पंडाल के पास स्नान कराने की तैयारी है।
13 थाने बनाए गए थे। 13 थाने और 38 पुलिस चौकियां बनाई गई हैं।
माघ मेला के लिए संगम पर श्रद्धालुओं का जमावड़ा होने लगा है।

पहली बार हुआ कोविड टास्क फोर्स का गठन, फिर भी मिले 15 संक्रमित
माघ मेले की शुरुआत से पहले ही कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। माघ मेले की तैयारियों में लगे पुलिसकर्मी कोरोना पॉजिटिव पाए जा रहे हैं। अब तक 10 पुलिसकर्मी कोरोना पॉजिटिव मिले हैं, जिनमें 7 कॉन्स्टेबल, 2 हेड कॉन्स्टेबल और एक सब इंस्पेक्टर कोरोना संक्रमित हुए हैं। इनके अलावा पांच होमगार्ड के जवान भी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं, जिससे पुलिस वालों में खौफ है। हालांकि, अधिकारी योग-ध्यान और काढ़े के जरिए पुलिसवालों की इम्युनिटी मजबूत करने में लगे हुए हैं। कोरोना संक्रमण को देखते हुए यहां तैनात पुलिसकर्मियों और अधिकारियों का कोरोना टेस्ट भी कराया जा रहा है। इसके लिए पहली बार कोविड टास्क फोर्स का गठन किया गया है।

ये है मेला की सुरक्षा व्यवस्था
पुलिस अधीक्षक क्राइम आशुतोष मिश्रा ने बताया कि 5 सेक्टरों में विभाजित माघ मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 5 हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। पूरे माघ मेला क्षेत्र में 100 से ज्यादा CCTV कैमरे लगाए गए हैं। वॉच टावर बनाए गए हैं। पांच कंपनी PAC, RPF, जल पुलिस की टीमें भी लगाई गई हैं। इसके अलावा खुफिया एजेंसियों को भी तैनात किया गया है। पूरे माघ मेले की ड्रोन कैमरे से 24 घंटे निगरानी की जा रही है। 57 दिनों तक चलने वाले मेले में 13 फायर स्टेशन, गोताखोर और नावें अलर्ट हैं।

ये है कोरोना से बचने की तैयारी

  • मेला क्षेत्र में 6 बूथों पर कोरोना एंटीजन और RTPCR टेस्ट होगा।
  • 20 मोबाइल परीक्षण वैन लगाई जाएंगी।
  • 20-20 बेड के दो अस्पताल त्रिवेणी सेक्टर और चार अस्पताल में गंगा सेक्टर में बने हैं।
  • संक्रमितों की पहचान के लिए 100 टीमें डोर टू डोर जांच करेंगी।
  • मेले में प्रवास के दौरान सभी कल्पवासियों का तीन बार एंटीजन टेस्ट कराया जाएगा।
  • मेले के 16 प्रवेश मार्गों में थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था कर दी गई है।
  • स्टेटिक कोविड सैंपलिंग सेंटर से मेला क्षेत्र में संक्रमितों की पहचान के लिए प्रतिदिन 500 से 600 टेस्ट कराए जा रहे हैं।
  • स्वास्थ्य विभाग बुजुर्गों के शिविर में नियमित अंतराल के बाद बीपी, डायबटीज और ऑक्सीजन की जांच होगी।
  • स्वास्थ्य कर्मी रोजाना लोगों का हाल लेंगे। हर 15 दिन में एंटीजन टेस्ट भी कराया जाएगा।

भूले बिछड़ों के शिविर में भी हुआ पहली बार ये बदलाव
माघ मेला 2021 में इस बार भी खोया-पाया शिविर लगेगा। हालांकि इस बार सुविधा थोड़ी हाइटेक होगी। बिछड़ने वाले लोगों को मिलाने के लिए एनाउंस करने के साथ 'भारत सेवा दल भूले भटके शिविर' की वेबसाइट और वॉट्सऐप ग्रुपों पर भी उनकी फोटो डाली जाएगी, जो पहली बार हो रहा है। फोटो एक से दूसरे ग्रुप में भेजी जाएगी। शहर से बाहर रहने वाले स्वयंसेवक भी फोटो को अलग-अलग ग्रुपों में भेजने में सक्रिय रहेंगे।

प्रमुख स्नान

तारीख प्रमुख स्नान
14 जनवरी मकर संक्रांति
28 जनवरी पौष पूर्णिमा
11 फरवरी मौनी अमावस्या
16 फरवरी वसंत पंचमी
27 फरवरी माघ पूर्णिमा
11 मार्च महाशिवरात्रि

रामगढ़ झील में उतारेंगे सी प्लेन, CM योगी का बड़ा ऐलान

रामगढ़ झील में उतारेंगे सी प्लेन, CM योगी का बड़ा ऐलान

गोरखपुर: गोरखपुर में रोड और एयर कनेक्टिविटी की मजबूत हो रही सुविधाओं के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर महोत्सव के मंच से एक बड़ी घोषणा की। सीएम योगी ने गोरखपुर के रामगढ़ ताल में सी प्लेन उतारने का ऐलान करते हुए कहा कि जल्द ही इस संबंध में प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस प्लेन की विशेषता यह होगी कि यह एयरपोर्ट के साथ ही पानी में भी उतर सकेगा। बुधवार को दो दिवसीय गोरखपुर महोत्सव 2021 के समापन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर से आज देश के सभी प्रमुख शहरों के लिए 9 फ्लाइट हैं, कुशीनगर से जल्द ही अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू हो जाएगी। आने वाले दिनों में यदि किसी को आवश्यकता पड़ेगी तो वह सर्किट हाउस के पास से सी प्लेन पकड़ कर देश के किसी भी कोने में पहुंच जाएगा।

इस अवसर पर ये सभी अधिकारी मौजूद रहे
इस अवसर पर आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को विकास की आवश्यकता बताते हुए सीएम योगी ने कहा कि इसका लाभ लोगों को मिलना ही चाहिए। इस अवसर पर एमएसएमई मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, पर्यटन राज्य मंत्री डॉ नीलकंठ तिवारी, गोरखपुर के सांसद रविकिशन शुक्ल, बांसगांव के सांसद कमलेश पासवान, राज्यसभा सदस्य जयप्रकाश निषाद, नगर विधायक डॉ राधामोहन दास अग्रवाल, गोरखपुर ग्रामीण के विधायक बिपिन सिंह, कैम्पियरगंज के विधायक फतेह बहादुर सिंह, पिपराइच के विधायक महेंद्र पाल सिंह, चौरीचौरा की विधायक संगीता यादव, खजनी के विधायक संत प्रसाद, सतुआ बाबा आश्रम काशी के महामंडलेश्वर संतोष दास, अपर मुख्य सचिव एमएसएमई व सूचना नवनीत सहगल समेत बड़ी संख्या में अधिकारी व कई जनपदों के लोग मौजूद रहे।

सीएम योगी के हाथों गोरखपुर रत्न से सम्मानित हुईं  9 विभूतियां
गोरखपुर महोत्सव के मुख्य मंच से सीएम योगी ने 9 विभूतियों को गोरखपुर रत्न से सम्मानित किया। संगीत के क्षेत्र में भजन गायक नंदू मिश्रा, सेवा के क्षेत्र में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित नागरिक सुरक्षा के चीफ वार्डेन डॉ संजीव गुलाटी, चिकित्सा के क्षेत्र में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ नरेंद्र मोहन सेठ, विज्ञान के क्षेत्र में गॉड पार्टिकल की खोज करने वाली टीम की सदस्य मीनाक्षी नारायण, कालानमक चावल की पांच प्रजातियों की खोज करने वाले कृषि विज्ञानी डॉ रामचेत चौधरी, खेल के क्षेत्र में हॉकी खिलाड़ी ओलंपियन अली सईद व अर्जुन अवार्डी प्रेम माया, अंतरराष्ट्रीय पहलवान अमरनाथ यादव, उद्यमी ज्योति मस्करा को यह सम्मान प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री ने महोत्सव के आयोजकों को भी सम्मानित किया।

कोरोना वैक्सीन 16 से लगेगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि कोरोना से लड़ने और बचने के लिए जिस संयम, मर्यादा और अनुशासन का पालन किया गया उसी तरह का धैर्य रखते हुए कोरोना वैक्सीन के लिए अपनी बारी का इंतजार करें। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति के बाद 16 जनवरी से कोरोना पर अंतिम प्रहार के लिए पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व व मार्गदर्शन में कोरोना वैक्सीनेशन का महाभियान प्रारंभ हो रहा है। सभी के लिए इसकी सुविधा होगी लेकिन वैक्सीन के लिए उतावलापन न दिखाएं, भीड़ न लगाएं बल्कि संयम के साथ अपनी बारी की प्रतीक्षा करें।

वोकल फ़ॉर लोकल का आधार है ओडीओपी
गोरखपुर महोत्सव के मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर ओडीओपी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और वोकल फ़ॉर लोकल की परिकल्पना को साकार करने का आधार बताया। उन्होंने बताया कि यूपी की स्थापना का नोटिफिकेशन 24 जनवरी1950 को हुआ था लेकिन पहली बार यूपी दिवस उनकी सरकार ने 2018 से मनाना शुरू किया। पहले ही वर्ष के समारोह में एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना शुरू की गई और हर जिले में इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिला। अब यह सर्वाधिक लोकप्रिय योजना है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूनियन बजट में भी इसे स्थान दिया है।

दिवाली के दौरान टेराकोटा के एक शिल्पकार से हुई बातचीत का अनुभव साझा करते हुए सीएम योगी ने बताया कि लखनऊ के शिल्प मेले में उस कारीगर ने महज तीन दिन में 8 लाख रुपए के टेराकोटा शिल्प  उत्पाद की बिक्री की थी। उन्होंने कहा कि ओडीओपी में शामिल टेराकोटा ने दीपावली पर दिए व मूर्तियों के बाजार से चीन का वर्चस्व समाप्त कर दिया।

गोरखपुर में रेडीमेड गारमेंट का हब बनने की क्षमता
सीएम ने कहा कि गोरखपुर में रेडीमेड गारमेंट का हब बनने की पूरी क्षमता है। इसके लिए प्रदेश सरकार पूरी कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि खाद व अन्य लोकल प्रोडक्ट स्वदेशी के जरिये आत्मनिर्भरता का माध्यम बनने में सक्षम हैं। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर के चिड़ियाघर को प्रदेश का सबसे खूबसूरत चिड़ियाघर बनाने के साथ ही तारामंडल क्षेत्र में इसी वर्ष एक विशाल आडिटोरियम का सौगात देने की भी घोषणा की।

चौरीचौरा शताब्दी के दौरान वर्ष भर होंगे कार्यक्रम
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वाधीनता आंदोलन को निर्णायक दिशा देने वाली 4 फरवरी 1921 की चौरीचौरा की घटना के शताब्दी वर्ष पर पूरे साल कार्यक्रम होंगे ताकि आजादी दिलाने वाले महापुरुषों के प्रति श्रद्धा निवेदित हो सके। साथ ही इन महापुरुषों के स्मरण को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने किया राज्य के सबसे ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज का लोकार्पण
समारोह के दौरान ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामगढ ताल के तट पर प्रदेश के सबसे ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज का वर्चुअल लोकार्पण किया। इसकी ऊंचाई 246 फीट (75 मीटर) है और ऊंचाई के लिहाज से यह पूरे देश में 10वां सबसे ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज है। इसके साथ ही उन्होंने नया सवेरा के प्रवेश द्वार व पैडलेगंज के पास स्थित बुद्ध द्वार का वर्चुअल लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री ने समारोह की स्मारिका का भी विमोचन किया।

100 दिव्यांगजनों को मिली मोटरचालित ट्राइसाइकिल
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 9 दिव्यांगजन को मोटरचालित ट्राइसाइकिल प्रदान की। समारोह स्थल पर 100 दिव्यांगजन (महिला व पुरूष) को मोटरचालित ट्राइसाइकिल दी गई।


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