वीरेंद्र सहवाग ने सचिन तेंदुलकर को लेकर बताई यह दिलचस्प बाते

वीरेंद्र सहवाग ने सचिन तेंदुलकर को लेकर बताई यह दिलचस्प बाते

सचिन तेंदुलकर मैदान पर जितने सौम्य थे, ड्रेसिंग रूम में उनका व्यवहार उससे बिल्कुल उलट होता था. वह जूनियर खिलाड़ियों के साथ बहुत ज्यादा हंसी मजाक करते थे.

 सभी जूनियर खिलाड़ी उनका बहुत ज्यादा सम्मान करते थे. हालांकि, इनमें से एक-दो ऐसे थे, जो उनके बहुत ज्यादा मुंह लगे थे व प्यार में सचिन के भी मजे ले लिया करते थे.

ऐसे ही ही एक शख्सियत है वीरेंद्र सहवाग. वीरेंद्र सहवाग ने क्रिकेट डायरीज में खुलासा किया था कि सचिन तेंदुलकर उन्हें बीरबल कहकर बुलाते थे. शो के दौरान सहवाग ने उस वस्तु के बारे में भी बताया था, जिसे लेकर वह 4 वर्ष तक सचिन को चिढ़ाते रहे थे. शो में सहवाग के साथ इरफान पठान व रुद्र प्रताप सिंह भी उपस्थित थे.

दरअसल, शो के दौरान इरफान पठान ने एंकर को बताया कि वीरू पाजी के फंडे आपको ऐसे ही मिलते रहेंगे. इनका एक स्पेशल नाम भी था, जिससे सचिन पाजी इन्हें बुलाते थे. यह बात आपको खुद वीरू पाजी बताएंगे. इस पर वीरू ने कहा, तुम बताओ ना. तब इरफान ने कहा, सचिन पाजी वीरू पाजी को बीरबल बुलाते थे.

पठान ने बोला कि यह नाम उन्होंने इसलिए रखा था, क्योंकि वीरू पाजी भी बीरबल की तरह हाजिर जवाब हैं. इस पर सहवाग मुस्कुराने लगे. इस बीच, रुद्र ने बोला कि कोई ऐसा मौका जाता नहीं था, ग्राउंड पर या बाहर कि हमने कुछ गड़बड़ी किया हो या बहुत अच्छा किया हो तो एक कम्प्लीमेंट या कमेंट ना आया हो उस समय. ज्यादातर तो कमेंट साइड ही रहता था. हम लोग चुपचाप सुनकर नमस्कार कर कहते थे कि हां ठीक बोल रहे हैं. टांग खींचने में माहिर हैं ये.

इस पर सहवाग ने बोला कि मजा तभी आता है कि जब यंग खिलाड़ियों ने अच्छी परफॉर्मेंस की हो तो उसे आप रिकजनाइज करो. उनको बताओ की आप की बदौलत हम लोग वर्ल्ड कप जीते हैं. अगर वह सेट-अप नहीं होता, मतलब उसमें एक बहुत बड़ा भूमिका श्रीसंत का भी था, अगर ये तीन गेंदबाज नहीं होते तो शायद हम लोग वर्ल्ड कप भी नहीं जीत पाते.

इस दौरान एंकर ने ड्रेसिंग रूम में व्यवहार को लेकर सचिन तेंदुलकर का जिक्र किया. एंकर ने बोला कि ड्रेसिंग रूम में वह (सचिन तेंदुलकर) बहुत ज्यादा शरारती हुआ करते थे. इस पर सहवाग ने बोला कि वह तो 2007 में थे ही नहीं. उन्होंने बोला कि हां, एक वस्तु जरूर है कि हमारे पास उनसे पहले वर्ल्ड कप का मेडल आ गया था. मैंने उन्हें 2011 तक वर्ल्ड कप के मेडल को लेकर चिढ़ाया कि पाजी आपके पास यह नहीं मेरे पास है. 2011 में टीम इंडिया के वनडे वर्ल्ड कप जीतने के बाद उनके पास भी वर्ल्ड कप मेडल आ गया.

बता दें कि सचिन तेंदुलकर को हिंदुस्तान में क्रिकेट का भगवान बोला जाता है. उनके नाम क्रिकेट के बहुत से रिकॉर्ड हैं. क्रिकेट को अलविदा कहे हुए उन्हें बहुत वर्ष हो चुके हैं, लोगों के फैंस के बीच आज भी उनका बहुत ज्यादा क्रेज है. ऐसा ही कुछ मुल्तान के सुल्तान के साथ यानी वीरेंद्र सहवाग का है. जब भी कहीं अंधाधुन्ध पारी की बात चलती है तो टेस्ट मैच में दो तिहरे शतक लगाने वाले इकलौते भारतीय बल्लेबाज वीरू का नाम सबसे पहले लिया जाता है