सलामी बल्लेबाज ने माना कि राष्ट्रीय टीम में स्थान पक्की नहीं होने पर चैन से रहना हैं कठिन 

 सलामी बल्लेबाज ने माना कि राष्ट्रीय टीम में स्थान पक्की नहीं होने पर चैन से रहना हैं कठिन 

हिंदुस्तान के सलामी बल्लेबाज केएल राहुल ने स्वीकार किया कि राष्ट्रीय टीम में स्थान पक्की नहीं होने पर चैन से रहना कठिन है, लेकिन बोला कि उन्होंने टीम में स्थान की परवाह किये बिना अपनी बल्लेबाजी से खुश होना सीख लिया है।

वेस्टइंडीज के विरूद्ध तीसरे टी20 मैच में 91 रन बनाने वाले राहुल को शिखर धवन के चोटिल होने के कारण टीम में चुना गया। राहुल ने पत्रकारों से कहा, मैं यह नहीं कहूंगा कि दबाव नहीं था।

टीम से भीतर बाहर होना किसी भी खिलाड़ी के लिये सरल नहीं होता। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट व विरोधी टीम के दबाव को झेलने की आदत डालने में समय लगता है। ऐसी कोई भी टीम नहीं है जिसके विरूद्ध आप सरलता से रन बना सकें।

उन्होंने बोला , आप सिर्फ उम्मीद कर सकते हैं। मेरे वश में यही है कि मैं लगातार अच्छा प्रदर्शन कर सकूं। मैं उस मुकाम पर नहीं हूं कि अगले टूर्नामेंट में टीम में अपनी स्थान को लेकर सोचता रहूं। राहुल ने बोला , मैं मौका मिलने पर टीम के लिये मैच जीतना चाहता हूं व अपनी बल्लेबाजी का पूरा लुत्फ उठाना चाहता हूं। मुझे इसमें सबसे ज्यादा खुशी मिलती है।

उन्होंने कहा, किसी भी खिलाड़ी के लिये लय में बने रहना अहम है। आप कितना भी एक्सरसाइज करें, लेकिन मैदान के भीतर दशा अलग होते हैं। इसके लिये लगातार क्रिकेट खेलते रहना महत्वपूर्ण है। इससे लय बनाये रखने में मदद मिलती है।