एशियाई फुटबॉल परिसंघ (AFC) ने 1979 के बाद पहली बार हिंदुस्तान को दिया यह बड़ा मौका

एशियाई फुटबॉल परिसंघ (AFC) ने 1979 के बाद पहली बार हिंदुस्तान को दिया यह बड़ा मौका

एशियाई फुटबॉल परिसंघ (AFC) ने 1979 के बाद पहली बार 2022 महिला एशियाई कप की मेजबानी के अधिकार हिंदुस्तान को दिए हैं। यह निर्णय एएफसी महिला फुटबॉल समिति की मीटिंग में लिया गया। 

फरवरी में एएफसी महिला फुटबॉल समिति ने हिंदुस्तान को मेजबान बनाने की सिफारिश की थी। अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) को लिखे लेटर में एएफसी के महासचिव दाटो विंडसर जॉन ने लिखा, ‘समिति ने एएफसी महिला एशिया कप 2022 फाइनल्स की मेजबानी के अधिकार अखिल भारतीय फुटबॉल को सौंपे हैं’

एआईएफएफ अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने कहा, ‘मुझे एशियाई फुटबॉल परिसंघ का शुक्रिया करना होगा जिसने हमें 2022 में एएफसी महिला एशिया कप की मेजबानी के लिये उचित समझा। ’ उन्होंने कहा, ‘टूर्नामेंट महत्वकांक्षी महिला खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करेगा व जहां तक देश में महिला फुटबॉल का संबंध है तो यह सामाजिक क्रांति लायेगा। ’ टूर्नामेंट में 12 टीमें भाग लेंगी जिन्हें पिछले चरण की 8 टीमों से बढ़ा दिया गया है।

भारत बतौर मेजबान सीधे ही क्वालीफाई कर लेगा। टूर्नामेंट 2023 फीफा महिला वर्ल्ड कप के लिए अंतिम क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट के तौर पर भी कार्य करेगा। एआईएफएफ के लिए ये मेजबानी मनोबल बढ़ाने वाली है क्योंकि उसे फीफा अंडर-17 महिला वर्ल्ड कप की मेजबानी भी सौंपी गयी थी जिसका आयोजन अगले वर्ष होगा। हिंदुस्तान ने 2016 में एएफसी अंडर-16 चैम्पियनशिप व 2017 में फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप की मेजबानी की थी।

एआईएफएफ के महासचिव कुशल दास ने कहा, ‘ये टूर्नामेंट हिंदुस्तान में महिला फुटबॉल को लोकप्रिय बनाने में अहम किरदार निभाएगा। महिला एशिया कप 2022 से पहले फीफा अंडर-17 महिला वर्ल्ड कप की मेजबानी करेंगे जिससे हमें लय बढ़ाने में मदद मिलेगी।