टीम इंडिया के आलराउंडर युवराज सिंह व मोहम्मद कैफ की जोड़ी को यह बड़ा मौका मिलने की सम्भावना 

टीम इंडिया के आलराउंडर युवराज सिंह व मोहम्मद कैफ की जोड़ी को यह बड़ा मौका मिलने की सम्भावना 

टीम इंडिया के आलराउंडर युवराज सिंह (Yuvraj Singh) व मोहम्मद कैफ (Mohammad Kaif) की जोड़ी का जलवा अगर देखना हो तो वर्ष 2002 की नेटवेस्ट ट्रॉफी (Natwest Trophy) के फाइनल से बड़ा मौका भला व क्या होने कि सम्भावना है। 

इन दोनों ने खिताबी मुकाबले में तय लग रही हिंदुस्तान की पराजय को ऐतिहासिक जीत में बदल दिया था। हाल ही में दोनों खिलाड़ी एक बार फिर जुगलबंदी करते दिखे, लेकिन इस बार मंच मैदान पर नहीं बल्कि सोशल मीडिया पर सजा था। दोनों खिलाड़ी इंस्टाग्राम लाइव चैट पर बीते दिनों को याद करते नजर आए। युवराज सिंह ने इसी मैच के दौरान घटित हुए एक मजेदार वाकये का जिक्र किया है।

छक्का जड़कर दिया जवाब
इंस्टाग्राम लाइव चैट के दौरान युवराज (Yuvraj Singh) ने मोहम्मद कैफ (Mohammad Kaif) से पूछा कि क्या उन्हें वो वाकया याद है जब मैच के दौरान उन्होंने छक्का लगाने के बाद एक बात कही थी। कैफ ने बोला कि मुझे याद नहीं है। इसके बाद युवराज ने उस वाकये का जिक्र करते हुए बताया, दरअसल, कैफ तब हड़ताल पर थे व सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) ने पवेलियन से उन्हें संकेत किया कि सिंगल लेकर हड़ताल युवराज सिंह को दो। मगर कैफ के इरादे कुछ व थे व उन्होंने अगली ही गेंद पर जोरदार छक्का जड़ दिया। इसके बाद कैफ मेरे पास आए व बोले, भाई, हम भी खेलने आए हैं।

युवराज सिंह व मोहम्मद कैफ (Mohammad Kaif) ने उस मैच में छठे विकेट के लिए 121 रनों की शानदार साझेदारी की थी। युवराज सिंह 42वें ओवर में आउट हो गए। तब टीम इंडिया को जीत के लिए 59 रन बनाने थे। मोहम्मद कैफ ने ये जिम्मेदारी ली व टीम को जीत दिलाई।

इंग्लैंड के खिलाड़ी बीच में ही जीत का जश्न मनाने लगे थे
युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने साथ ही याद किया कि कैसे इंग्लैंड के खिलाड़ी बीच मैच ही जीत का जश्न मनाने लगे थे। इंग्लैंड ने उस मैच में 325 रन का पहाड़ जैसा स्कोर बनाया था। भारतीय टीम इस फाइनल से पहले लगातार कई खिताबी मुकाबले गंवा चुकी थी। 38 वर्ष के युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने कहा, इंग्लैंड ने बड़ा स्कोर बना लिया था। उस जमाने में इस तरह के स्कोर का पीछा करना बेहद कठिन होता था। हमें अच्छी आरंभ मिली, लेकिन जब सचिन तेंदुलकर आउट हुए तो इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने ऐसे जश्न मनाना प्रारम्भ कर दिया जैसे उनकी टीम ने मैच जीत लिया हो।