मध्य प्रदेश क्रिकेट संघ के आजीवन मेम्बर संजीव गुप्ता ने बीसीसीआइ से पूछा यह बड़ा प्रश्न

मध्य प्रदेश क्रिकेट संघ के आजीवन मेम्बर संजीव गुप्ता ने बीसीसीआइ से पूछा यह बड़ा प्रश्न

हाल ही में भारतीय टीम के कैप्टन विराट कोहली पर हितों के विवाद का आरोप लगाने वाले मध्य प्रदेश क्रिकेट संघ के आजीवन मेम्बर संजीव गुप्ता ने अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआइ के शीर्ष अधिकारियों के कार्यकाल पर ही सवाल उठा दिया है. साथ ही गुप्ता ने बीसीसीआइ लोकपाल से पूछा है कि क्या ये ऑफिसर बीसीसीआइ के संविधान से ही बड़े हो गए हैं?

दरअसल, बीसीसीआइ के सचिव जय शाह का कार्यकाल पिछले महीने ही खत्म हो गया है. वहीं, बीसीसीआइ अध्यक्ष सौरव गांगुली का कार्यकाल भी 27 जुलाई को खत्म हो जाएगा. ऐसे में शाह को अब तक कूलिंग ऑफ पीरियड में चला जाना चाहिए था. वहीं, 27 जुलाई के बाद गांगुली को भी कूलिंग ऑफ पीरियड में जाना होगा. इनके अतिरिक्त संयुक्त सचिव जयेश जॉर्ज का कार्यकाल भी 23 सितंबर को खत्म हो रहा है. ऐसे में तीनों ही अधिकारियों के छह साल बीसीसीआइ या प्रदेश संघों में पूरा करने के बाद इन्हें कूलिंग ऑफ पीरियड में जाना होगा.

बीसीसीआइ ने उच्चतम न्यायालय में शीर्ष अधिकारियों का पद जारी रखने के लिए अपील की है, जिसका अभी बीसीसीआइ को इंतजार है. हाल ही में बीसीसीआइ की शीर्ष परिषद की मेम्बर रेहानी भारद्वाज ने तीनों अधिकारियों के कार्यकाल का अपडेट मांगा था व बोला था कि अगर किसी का भी कार्यकाल 17 जुलाई को होने वाली शीर्ष परिषद की मीटिंग में समाप्त हो जाता है तो उन्हें मीटिंग में शामिल नहीं होने दिया जाएगा.

संजीव गुप्ता ने इसी मुद्दे पर सवाल उठाते हुए बोला है कि क्या बीसीसीआइ के ऑफिसर संविधान से भी बड़े हो गए है. उन्होंने बोला कि अगर जय शाह 17 जुलाई की मीटिंग में रहते हैं व बीसीसीआइ अध्यक्ष सौरव गांगुली 27 जुलाई के बाद भी अपने पद पर बने रहते हैं तो यह सीधे तौर पर बीसीसीआइ के संविधान का उल्लंघन होगा