राहुल द्रविड़ से जुडी यह हैं खास बाते, डाले एक नज़र

राहुल द्रविड़ से जुडी यह हैं खास बाते, डाले एक नज़र

खेल जगत में जब किसी खिलाड़ी का असर अपने सारे सबाब पर होता है तो उससे जुड़े हर किस्से फैंस के बीच आम होते हैं. खिलाड़ियों की बेमिसाल पारियां हों या फिर उनकी व्यक्तिगत जीवन के किस्से हर समाचार लोगों के जुबान पर होती हैं. खिलाड़ियों का आना-जाना कोई नयी बात नहीं है,

खिलाड़ी मैदान पर आते हैं अपना जलवा बिखेरते हैं व संन्यास ले लेते हैं लेकिन कभी-कभी खेल जगत में कुछ ऐसे भी खिलाड़ियों का पदार्पण होता है जो खेल जगत को ही एक नयी पहचान देते हैं. वो अपनी प्रतिभा से अपना ऐसा औरा बनाते हैं कि खेल जगत का इतिहास जब भी पलटा जाता है उनका नाम उस फेहरिस्त में सबसे अलग व अनूठा नजर आता है. ऐसे ही एक खिलाड़ी का नाम है राहुल द्रविड़ जिनकी प्रतिभा को किसी परिचय की आवश्यकता नहीं है. भले ही द्रविड़ ने अब क्रिकेट से संन्यास ले लिया हो लेकिन फिर भी उनका रिकॉर्ड, उनका अंदाज आज भी पूरी संसार के क्रिकेट प्रेमियों के लिए बाकी सभी से जुदा है. आज ही के दिन यानी कि 11 जनवरी 1973 को राहुल द्रविड़ का जन्म हुआ था. इस खिलाड़ी की बल्लेबाजी व क्रिकेट करियर के बारे में तो आपने कई किस्से सुने होंगे लेकिन क्या आपको पता है द वॉल के नाम से प्रसिद्ध इस खिलाड़ी की लव स्टोरी भी उतनी ही रोमांचक व दिलचस्प है जितनी की द्रविड़ की बेमिसाल पारियां……। ।

रास्ते थे जुदा-जुदाः राहुल द्रविड़ व विजेता पेंढरकर ने 4 मई 2003 को विवाह के रूप में एक दूजे को स्वीकार लिया था,लेकिन इससे पहले की कहानी बहुत ज्यादा दिलचस्प है. दरअसल राहुल का जन्म इंदौर में हुआ लेकिन उनका लालन-पोषण बेंगलुरू में हुआ वहीं, विजेता के पिता एयरफोर्स में थे जिसके चलते वो हिंदुस्तान के कोने-कोने में रहीं लेकिन बाद में नागपुर आकर उनका परिवार शिफ्ट हो गया. द्रविड़ व विजेता के रास्ते बिल्कुल अलग थे द्रविड़ क्रिकेट में अपनी पहचान बना रहे थे तो विजेता को डॉक्टरी का शौक था, लेकिन मोहब्बत का प्रभाव दो उल्टा धाराओं को भी मिला सकता है व वहीं हुआ शर्मीले द्रविड़ के साथ भी.

राहुल-विजेता के जन्म से पहले ही दोनों के पिता के बीच बहुत ज्यादा अच्छी दोस्ती थी, जब विजेता के पापा बेंगलुरू में पोस्टेड थे (1968-71) तब से इन दोनों परिवारों का आना-जाना एक दूसरे के यहां था लेकिन किसे पता था कि पिता ने जो दोस्ती का बीज बोया है उनके बच्चे उसे प्यार व विश्वास की खाद देकर रिश्तेदारी में बदल देंगे. दोनों परिवारों में अच्छी दोस्ती के चलते राहुल-विजेता भी एक दूसरे से मिलते रहते थे व धीरे-धीरे इस मुलाकात ने एक दूसरे को हमसफर बना दिया.

 

विजेता एक सर्जन हैं व द्रविड़ से जिस वक्त उनकी विवाह हुई थी उस वक्त इस बात की चर्चा थी कि आखिर विजेता हैं कौन जिसने लाखों दिलों पर राज करने वाले द्रविड़ को जीत लिया है, लेकिन विजेता नाम के अनुसार ही निकलीं व दोनों ने विवाह कर ली. दोनों की विवाह भी बहुत साधारण ढंग से बिना किसी सुर्खियों के हुई. विवाह के बाद भी विजेता-द्रविड़ मीडिया के सामने अपनी व्यक्तिगत जीवन को डिस्क्लोज नहीं करते हैं लेकिन द हिंदु में छपी खबरों की मानें तो अपनी फैमिली के लिए विजेता ने अपने प्रोफेशन को छोड़ दिया. द्रविड-विजेता के दो बच्चे समित व अनवे हैं.