भारतीय क्रिकेट इतिहास में 2 अप्रैल 2011 के फाइनल मुकाबले को लेकर संगकारा ने खोला राज

भारतीय क्रिकेट इतिहास में 2 अप्रैल 2011 के फाइनल मुकाबले को लेकर संगकारा ने खोला राज

भारतीय क्रिकेट इतिहास में 2 अप्रैल 2011 का दिन अमर हो गया, क्योंकि इस दिन MS Dhoni की कप्तानी में टीम इंडिया ने दूसरी बार वनडे दुनिया कप खिताब अपने नाम किया था. 

वर्ल्ड कप के इस सीजन में हिंदुस्तान ने श्रीलंका को फाइनल में छह विकेट से हराया था जो अपराजेय लग रही थी. ये मैच बहुत ज्यादा रोमांचक था, लेकिन मैच प्रारम्भ होने से अच्छा पहले टॉस के वक्त एक बड़ा टकराव खड़ा हो गया था. इस मैच में दो बार टॉस किया गया था व आमतौर पर ऐसा होता नहीं है.

फाइनल मैच में श्रीलंका के कैप्टन कुमार संगकारा थे व उन्होंने बताया कि आखिर ऐसी कौन सी बात हुई थी जिसकी वजह से दो बार टॉस कराया गया था. संगकारा ने उस मैच को याद करते हुए बोला कि एमएस धौनी मेरी आवाज ही नहीं सुन पाए थे क्योंकि वानखेड़े स्टेडियम में उपस्थित दर्शक बहुत ही ज्यादा शोर मचा रहे थे.

टॉस टकराव के बारे में बात करते हुए संगकारा ने बताया कि माही ने सिक्का उछाला था व मेरी कॉल थी. उसके बाद धौनी पूरी तरह से निश्चित नहीं थे कि मैंने क्या बोला था. उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या आपने टेल्स बोला है. मैंने धौनी को जवाब दिया कि मैंने हेड बोला है. इसके बाद मैच रेफरी ने भी बोला कि मैंने टॉस जीता है. फिर महेंद्र सिंह धौनी ने बोला कि, नहीं। । नहीं। । नहीं। । आपने वो नहीं बोला था, यहां थोड़ा भ्रम है. फिर माही ने ही बोला कि एक बार व टॉस कर लेते हैं व इसके बाद दोबारा टॉस किया गया. संगकारा ने लाइव इंस्टाग्राम चैट पर आर अश्विन से बातें करते हुए ये सारी बातें बताई.

इस फाइनल मैच में टॉस जीतने के बाद भी श्रीलंका को पराजय मिली. उन्होंने बोला कि अगर माही टॉस जीतते तो शायद वो पहले बल्लेबाजी करते व फिर कहानी कुछ अलग होती. ये शायद मेरी भाग्य ही थी कि मैंने टॉस जीता अगर धौनी टॉस जीत जाते तो हिंदुस्तान पहले बल्लेबाजी करता व हम चेज करते. फाइनल में पराजय की बात बताते हुए उन्होंने बोला कि एंजेलो मैथ्यूज के इंजर्ड होेने का टीम पर बहुत ही प्रभाव पड़ा. उनकी वजह से हम 6 - 5 कांबिनेशनल के साथ मैदान पर उतरे.अगर वो इंजर्ड नहीं होते तो हमारा कांबिनेशनल 7- 4 का होता.

उन्होंने बोला कि मैथ्यूज का चोटिल होना टीम के लिए बड़ा झटका था व उनकी गैर-मौजूदगी का प्रभाव टीम के रिजल्ट पर पड़ा.इसके अतिरिक्त संगकारा ने बोला कि फाइनल मैच में हमने कई सारे कैच भी छोड़े. यही नहीं हमने जो टीम में परिवर्तन किये वो हमारी रणनीति का भाग था, लेकिन वही टर्निंट प्वाइंट साबित हुआ.