पूर्व भारतीय कैप्टन वेंकटेश शानमुगम ने अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ एआईएफएफ के विचार का किया समर्थन

पूर्व भारतीय कैप्टन वेंकटेश शानमुगम ने अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ एआईएफएफ के विचार का किया समर्थन

पूर्व भारतीय कैप्टन वेंकटेश शानमुगम ने बुधवार को अगले कुछ सालों में राष्ट्रीय टीम के लिए घरेलू मुख्य कोच की सेवाएं लेने के अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के विचार का समर्थन करते हुए बोला कि शीर्ष घरेलू क्लबों के साथ कार्य कर रहे भारतीय इस पद के संभावित दावेदार हैं. एआईएफएफ के महासचिव कुशाल दास ने हाल में बोला था कि महासंघ को उम्मीद है कि अगले पांच वर्ष में राष्ट्रीय टीम को भारतीय कोच कोचिंग देगा.


हिंदुस्तान की सीनियर राष्ट्रीय टीम के मौजूदा सहायक कोच शानमुगम ने एआईएफएफ टीवी के साथ ‘लाइव चैट’ के दौरान कहा, ‘महासचिव से इस तरह की बातें सुनना बहुत ज्यादा प्रेरणादायी व उत्साहवर्धक है.’ उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि पांच वर्ष बहुत ज्यादा लंबा समय है. भारतीय सुपर लीग (आईएसएल) व आईलीग में कई युवा कोच हैं जो अच्छा कार्य कर रहे हैं व मुझे लगता है कि उन्हें मौका मिल सकता है.’
शानमुगम ने हालांकि बोला कि ‘चुनौती’ के लिए तैयार रहने के लिए घरेलू कोचों में हमेशा अपनी जानकारी में इजाफा करते रहना होगा. उन्होंने कहा, ‘लेकिन यह सरल नहीं होगा व यह बहुत ज्यादा बड़ी चुनौती है. अगर आपको कोच के रूप में सुधार करना है तो लगातार अपनी जानकारी में इजाफा करना होगा. इसका अंत यहीं नहीं होता. इस जानकारी को आप खिलाड़ियों को कैसे देते हो यह कोष को परिभाषित करता है.'शानमुगम ने कहा, ‘हमें ध्यान रखना होगा कि राष्ट्रीय टीम को कोचिंग देना क्लब को कोचिंग देने से बिलकुल अलग है. टीम को कम समय में तैयार करना बेहद जरूरी है.’ शानमुगम ने साथ ही खिलाड़ियों को सलाह दी कि वे सोशल मीडिया पर समय बिताने की स्थान खेलने पर अधिक ध्यान दें. उन्होंने कहा, ‘सीनियर खिलाड़ी बहुत ज्यादा परिपक्व हैं व उन्हें पता है कि सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना कैसे करना है. लेकिन युवा इससे प्रभावित हो सकते हैं व उन्हें इससे दूर रहना चाहिए. इससे उनका प्रदर्शन प्रभावित होने कि सम्भावना है