टीम इंडिया के पूर्व कैप्टन सुनील गावस्कर ने बीसीसीआई पर आक्रोशित होकर बोली यह बड़ी बात

टीम इंडिया के पूर्व कैप्टन सुनील गावस्कर ने बीसीसीआई पर आक्रोशित होकर बोली यह बड़ी बात

 टीम इंडिया (Team India) के पूर्व कैप्टन सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने बोला कि कोरोना वायरस (CoronaVirus) के मद्देनजर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने भारतीय प्रीमियर लीग (IPL) के 13वें सीजन को स्थगित करने का उचित कदम उठाया है. 

उन्होंने अपने कॉलम में लिखा कि यह खेल से ज्यादा देश व खिलाड़ियों की सुरक्षा का मुद्दा है. यह अच्छी बात है कि बदनाम बीसीसीआई ने सुरक्षा को पहले रखा.

बीसीसीआई पर उठाए सवाल

इसके साथ ही गावस्कर ने बीसीसीआई ऑफिसर की एक कमेंट पर आक्रोशित नजर आए. ऑफिसर ने कथित तौर पर बोला था कि बीसीसीआई सुनिश्चित करेगा कि आईपीएल की क्वॉलिटी न गिरे व यह गरीबों वाला टूर्नामेंट ना लगे. वह आईपीएल को मुश्ताक अली ट्रॉफी की तरह होते हुए नहीं देख सकते, जिसमें विदेशी खिलाड़ी भाग न लें. इससे भी एक कदम आगे जाकर ऑफिसर ने बोला था कि हम इसे मुश्ताक अली टूर्नामेंट नहीं बनाना चाहते. इसी टिप्पणी पर रिएक्शन देते हुए गावस्कर ने बोला कि अगर यह ठीक है तो बेहद घटिया बयान है. यह उस महान क्रिकेटर की बेइज्जती है, जिनके नाम पर यह ट्रॉफी खेली जाती है. इसके आगे गावस्कर ने यह भी बोला कि दूसरी बात यह है कि क्या यह गरीबों वाला टूर्नामेंट है? इस पर भी प्रकाश डाला जाए कि क्यों यह टूर्नामेंट गरीबों वाला है. सिर्फ इसलिए क्योंकि इसमें विदेशी खिलाड़ी नहीं खेलते. या इसलिए, क्योंकि इसमें हिंदुस्तान के भी अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी नहीं भाग लेते? उन्होंने बोला कि ऐसा शेड्यूलिंग की वजह से है व बीसीसीआई को इस पर ध्यान देना चाहिए.

विदेशी खिलाड़ियों की वीजा में परेशानी के कारण ही आईपीएल में हो रही है देरी

बता दें कि खेल मंत्रालय के यह स्पष्ट करने के बाद कि विदेशी खिलाड़ियों को 15 अप्रैल तक वीजा नहीं मिलेगा, आईपीएल को टाला गया है. आईपीएल की आरंभ 29 मार्च से होनी थी. गावस्कर ने बोला कि अब आईपीएल का होना इस पर निर्भर करता है कि कोविड-19 का फैलाव कितनी जल्दी नियंत्रित होता है. 15 अप्रैल तक विदेशी खिलाड़ियों की वीजा नहीं मिल रहा, इसलिए टूर्नामेंट की आरंभ होने में देर हो रही है. विदेशी खिलाड़ी टूर्नामेंट में अलग चमक लेकर आते हैं व इसलिए उनका होना बहुत महत्वपूर्ण है.